लखीमपुर खीरी में 75वीं जनपदीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आगाज, खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: युवराज दत्त इंटर कॉलेज (वाईडी मैदान) बुधवार को खिलाड़ियों के जोश, अनुशासन और खेल प्रतिभा का गवाह बना। यहां तीन दिवसीय 75वीं जनपदीय माध्यमिक विद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता के उद्घाटन के दौरान मैदान में खिलाड़ियों की कदमताल, मार्च पास्ट और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह से भर दिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पूरे मनोयोग और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) विनोद कुमार मिश्र ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट प्रस्तुत किया। मार्च पास्ट के दौरान खिलाड़ियों का अनुशासन और कदमताल देखते ही बनती थी। जिलाधिकारी ने मार्च पास्ट की सलामी ली और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।
वहीं, कार्यक्रम के दौरान आसमान में तिरंगे गुब्बारे छोड़े गए। इन गुब्बारों ने शांति, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। इस दृश्य ने कार्यक्रम में मौजूद खिलाड़ियों, शिक्षकों और दर्शकों के बीच उत्साह का संचार किया।
डीएम ने खिलाड़ियों को दिया सफलता का मंत्र
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेना अपने आप में एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता को मजबूत नहीं करते, बल्कि बच्चों के मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डीएम ने खिलाड़ियों से कहा कि खेल का मैदान स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और संघर्ष करने की क्षमता विकसित करता है। उन्होंने खिलाड़ियों को जीत और हार दोनों को सकारात्मक तरीके से लेने की सीख दी। उनके अनुसार, जीत मिलने पर अभिमान नहीं होना चाहिए और हार की स्थिति में प्रतिद्वंद्वी के प्रति ईर्ष्या का भाव नहीं रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी प्रतियोगिता में जीत हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी बड़ी चुनौती उस सफलता को लगातार बनाए रखना है। इसके लिए खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास, अनुशासन और मेहनत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा।
जिलाधिकारी ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वे पूरे मनोयोग और मेहनत के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लें। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ी आगे चलकर मंडल, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे और अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
ट्रैक पर दिखा खिलाड़ियों का जोश
प्रतियोगिता के पहले दिन युवाओं का उत्साह देखते ही बना। ट्रैक पर उतरते ही खिलाड़ियों ने अपनी रफ्तार, दमखम और तैयारी का प्रदर्शन किया। विभिन्न दौड़ प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता के दौरान हर खिलाड़ी की नजर बेहतर प्रदर्शन और फिनिश लाइन पर रही। हालांकि प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल जीत हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में खेल भावना, आत्मविश्वास और अनुशासन को बढ़ावा देना भी रहा।
विभिन्न दौड़ प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मेडल पहनाकर सम्मानित किया। सम्मान मिलने के बाद विजेता खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी नजर आई। वहीं, अन्य प्रतिभागियों का भी उत्साह बढ़ाया गया, ताकि वे आगे की प्रतियोगिताओं के लिए और बेहतर तैयारी कर सकें।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई कार्यक्रम की रौनक
खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ उद्घाटन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। श्री जय दुर्गे शिशु विद्या मंदिर गोयल की बालिकाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में रंग भर दिया।
खेल और संस्कृति के इस संगम ने समारोह को और आकर्षक बना दिया। मैदान में जहां खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं मंच पर छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
डीआईओएस ने खेल भावना के साथ प्रतिभाग करने की अपील की
जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार मिश्र ने खिलाड़ियों से अनुशासन और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेल में जीत और हार दोनों होती हैं, लेकिन खेल भावना हमेशा सबसे ऊपर रहती है।
उन्होंने खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान नियमों का पालन करने और अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर प्रदान करती हैं।
जनपद से मंडल स्तर तक पहुंचेगी प्रतिभाओं की उड़ान
प्रतियोगिता के संयोजक और वाईडी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जगदीश प्रसाद वर्मा ने प्रतियोगिता के उद्देश्य और आगे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपदीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी खिलाड़ी मंडलीय प्रतियोगिताओं में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इस प्रकार वाईडी इंटर कॉलेज के मैदान से शुरू हुई खिलाड़ियों की यह प्रतिस्पर्धा आगे मंडल स्तर तक पहुंचेगी। वहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को और बड़े मंच पर दिखाने का अवसर मिलेगा। ऐसे में यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच भी है।
बड़ी संख्या में शिक्षक और खिलाड़ी रहे मौजूद
उद्घाटन समारोह में विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य डॉ. ईशविंदर सिंह, सीमा टंडन, शालिनी दुबे सहित अन्य शिक्षकों और विद्यालय प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
तीन दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न एथलेटिक्स स्पर्धाओं में छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता के जरिए जिले के विद्यालयों से उभरने वाली खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
कुल मिलाकर, 75वीं जनपदीय माध्यमिक विद्यालयीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता की शुरुआत उत्साह, अनुशासन और खेल भावना के साथ हुई। खिलाड़ियों के लिए यह आयोजन अपनी प्रतिभा साबित करने के साथ-साथ भविष्य के बड़े मंचों की ओर कदम बढ़ाने का अवसर है। अब प्रतियोगिता के आगामी दिनों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी।

