फर्रुखाबाद में 20 लाख की चोरी का खुलासा, पुलिस जांच में फर्जी निकली वारदात; आरोपी गिरफ्तार

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रिपोर्ट-हर्ष वर्मा 

फर्रुखाबाद: जहानगंज थाना क्षेत्र में घर से करीब 20 लाख रुपये के जेवरात और नकदी चोरी होने की सूचना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस की जांच में चोरी की यह पूरी घटना फर्जी पाई गई। पुलिस ने झूठी चोरी की सूचना देने वाले प्रदीप कुमार उर्फ रिंकू निवासी महरूपुर खार को गिरफ्तार किया है।

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 20 लाख रुपये कीमत के जेवरात भी बरामद किए हैं। शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए पूरी घटना की जानकारी दी।

डायल 112 पर दी थी चोरी की सूचना

पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त को प्रदीप कुमार ने डायल 112 पर सूचना दी थी कि उसके घर में चोरी हो गई है। उसने पुलिस को बताया कि घर से करीब 20 लाख रुपये के जेवरात और नकदी चोरी हुई है। सूचना मिलते ही जहानगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पुलिस को घटनाक्रम कुछ असामान्य नजर आया

इसके साथ ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फील्ड यूनिट को भी मौके पर बुलाया। फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। हालांकि, प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को घटनाक्रम कुछ असामान्य नजर आया। घर में चोरी के बताए गए तरीके और मौके की स्थिति को देखकर पुलिस ने घटना को संदिग्ध मानते हुए जांच आगे बढ़ाई।

जांच में सामने आई अलग कहानी

इसके बाद पुलिस ने घर के सदस्यों और शिकायतकर्ता से गहन पूछताछ शुरू की। पूछताछ और जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरी कहानी को बदल दिया। पुलिस के मुताबिक, प्रदीप की पत्नी कुछ जेवरात अपने मायके लेकर गई थी। वहां पहुंचने के बाद पत्नी ने अपने पति को बताया कि जेवर कहीं गिर गए हैं।

जेवरात के गायब होने की बात सामने आने के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। बाद में पत्नी उन जेवरात को लेकर वापस घर आ गई। इसके बाद प्रदीप ने जेवरात को अपनी पत्नी से छिपाने के लिए चोरी की कहानी गढ़ने की योजना बनाई।

पुलिस के अनुसार, प्रदीप ने घर में चोरी होने की घटना को वास्तविक दिखाने के लिए खुद ही अलमारी का लॉक तोड़ दिया। इसके लिए उसने लोहे के सब्बल का इस्तेमाल किया। इसके बाद उसने जेवरात को घर में रखे एक बड़े बक्से के नीचे छिपा दिया।

अलमारी का लॉक खुद तोड़ा

पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि जिस अलमारी से जेवरात चोरी होने की बात कही गई थी, उसका लॉक स्वयं प्रदीप ने तोड़ा था। उसने चोरी के बाद घर में ऐसी स्थिति बनाने की कोशिश की, जिससे पुलिस को प्रथम दृष्टया घटना वास्तविक लगे।

इसके बाद प्रदीप ने डायल 112 पर फोन कर घर में चोरी होने की सूचना दी। उसने पुलिस को बताया कि घर से करीब 20 लाख रुपये के जेवरात और नकदी चोरी हो गई है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की।

हालांकि, घटनास्थल से मिले तथ्यों और पूछताछ में सामने आए विरोधाभासों के कारण पुलिस को शिकायत पर संदेह हुआ। इसके बाद जांच को अलग-अलग बिंदुओं पर आगे बढ़ाया गया। पुलिस की गहन पड़ताल में आखिरकार कथित चोरी की पूरी कहानी फर्जी साबित हो गई।

आरोपी की निशानदेही पर बरामद हुए जेवर

पुलिस ने प्रदीप कुमार उर्फ रिंकू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस को मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर घर में छिपाकर रखे गए जेवरात बरामद कर लिए गए।

पुलिस के मुताबिक, बरामद जेवरात की कीमत करीब 20 लाख रुपये है। इस बरामदगी के बाद यह स्पष्ट हो गया कि जिस चोरी की शिकायत की गई थी, वह वास्तव में हुई ही नहीं थी। पुलिस ने बरामद जेवरात को कब्जे में लेकर मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस ने फर्जी सूचना देने पर की कार्रवाई

अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से दी गई चोरी की सूचना गलत पाई गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ फर्जी सूचना और झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में कार्रवाई की है।

पुलिस का कहना है कि किसी भी घटना की सूचना मिलने के बाद उसकी निष्पक्ष जांच की जाती है। इस मामले में भी पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण करने के साथ ही वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। इसी वजह से कथित चोरी की सच्चाई सामने आ सकी।

जांच में पुलिस की सतर्कता आई काम

इस पूरे मामले में पुलिस की सतर्कता महत्वपूर्ण रही। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण किया और फील्ड यूनिट की मदद से साक्ष्य जुटाए। इसके बाद घटनास्थल की परिस्थितियों और शिकायत में बताए गए तथ्यों का मिलान किया गया।

जांच के दौरान जब पुलिस को घटना में कुछ विसंगतियां नजर आईं तो अधिकारियों ने पूछताछ का दायरा बढ़ाया। परिणामस्वरूप कथित चोरी की कहानी की परतें खुलती चली गईं। पुलिस की पूछताछ में आरोपी की भूमिका सामने आई और उसकी निशानदेही पर जेवरात भी बरामद कर लिए गए।

झूठी चोरी की सूचना से पुलिस का समय भी हुआ प्रभावित

कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस को मिलने वाली प्रत्येक सूचना महत्वपूर्ण होती है। डायल 112 पर चोरी जैसी गंभीर सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचती है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत सूचना देता है, तो पुलिस संसाधनों और समय का इस्तेमाल ऐसी घटना की जांच में होता है जो वास्तव में हुई ही नहीं।

फर्रुखाबाद के इस मामले में भी पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए जांच की। हालांकि, जांच के बाद मामला फर्जी निकला। पुलिस की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि किसी घटना की सूचना देने से पहले तथ्यों की पुष्टि करना जरूरी है।

पुलिस ने लोगों से की अपील

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना के संबंध में पुलिस को सही और तथ्यात्मक जानकारी दें। झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कानूनन कार्रवाई का कारण बन सकती है।

फिलहाल जहानगंज पुलिस ने आरोपी प्रदीप कुमार उर्फ रिंकू को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बरामद करीब 20 लाख रुपये कीमत के जेवरात को भी मामले की जांच का हिस्सा बनाया है। पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि प्रारंभिक शिकायत के आधार पर सामने आई चोरी की कहानी जांच के दौरान पूरी तरह बदल गई और अंततः पुलिस ने कथित वारदात का पर्दाफाश कर दिया।

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