कानपुर में फूड विभाग की छापेमारी से भड़के व्यापारी, दुकानें बंद कर एक्सप्रेस रोड पर लगाया जाम
रिपोर्ट- मुकेश वर्मा
कानपुर। शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र घंटाघर स्थित एक्सप्रेस रोड पर शनिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (फूड विभाग) की छापेमारी को लेकर व्यापारियों में आक्रोश देखने को मिला। टीम के जांच और सैंपल लेने के लिए पहुंचते ही व्यापारियों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते कई दुकानों के शटर गिर गए और व्यापारी सड़क पर उतर आए।
व्यापारियों ने फूड विभाग की कार्रवाई के विरोध में सड़क पर धरना देते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इससे एक्सप्रेस रोड पर यातायात प्रभावित हो गया और कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और व्यापारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।
फूड विभाग की टीम के पहुंचते ही शुरू हुआ विरोध
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम घंटाघर क्षेत्र के एक्सप्रेस रोड पर स्थित दुकानों में खाद्य पदार्थों की जांच और सैंपल लेने के लिए पहुंची थी। टीम की कार्रवाई शुरू होते ही वहां मौजूद व्यापारियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।
व्यापारियों का आरोप है कि जांच के नाम पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि अचानक होने वाली कार्रवाई से कारोबार प्रभावित होता है। इसी को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बढ़ती चली गई और देखते ही देखते बाजार की कई दुकानें बंद हो गईं।
दुकानें बंद कर सड़क पर उतरे व्यापारी
फूड विभाग की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर सड़क पर उतरकर विरोध जताया। बड़ी संख्या में व्यापारी सड़क पर एकत्र हुए और धरना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने विभाग की कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
व्यापारियों के सड़क पर बैठने से एक्सप्रेस रोड पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। देखते ही देखते सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
व्यापारियों का कहना था कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे कारोबारियों को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने कार्रवाई के तरीके को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
मौके पर पहुंचे व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष
व्यापारियों के प्रदर्शन और सड़क जाम की सूचना मिलने पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं।
ज्ञानेश मिश्रा के मौके पर पहुंचने के बाद व्यापारियों ने उनके सामने फूड विभाग की कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी रखी। व्यापारियों ने कहा कि जांच के नाम पर यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
पुलिस ने संभाली स्थिति, समझाने के बाद खुला जाम
सड़क पर प्रदर्शन और जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पहले व्यापारियों से बातचीत की और उन्हें सड़क से हटने के लिए समझाया।
काफी देर तक चली बातचीत के बाद पुलिस प्रशासन व्यापारियों को शांत कराने में सफल रहा। इसके बाद व्यापारियों ने सड़क से अपना धरना समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हो सका।
पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की गई। एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस बल तैनात रखा गया, ताकि दोबारा किसी प्रकार की स्थिति न उत्पन्न हो।
छापेमारी और विरोध के बीच बढ़ा तनाव
फूड विभाग की कार्रवाई और व्यापारियों के विरोध के कारण कुछ समय के लिए घंटाघर क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया। हालांकि, पुलिस के हस्तक्षेप और व्यापारियों से बातचीत के बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर कार्रवाई के प्रति विरोध जताया। वहीं, प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया।
व्यापारियों ने रखी अपनी बात
व्यापारियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया जाना चाहिए, लेकिन जांच की प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित होनी चाहिए। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली जांच और सैंपलिंग से छोटे कारोबारियों को परेशानी होती है।
हालांकि, खाद्य विभाग की ओर से कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में पूरे मामले में विभाग की जांच और व्यापारियों की शिकायत के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल सामान्य है बाजार का माहौल
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद एक्सप्रेस रोड पर लगा जाम खुल गया और यातायात सामान्य हो गया। बाजार में भी स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। एहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती रखी गई है।
घंटाघर शहर का प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र होने के कारण यहां किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या सड़क जाम का सीधा असर यातायात पर पड़ता है। शनिवार को भी व्यापारियों के प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

