कानपुर में स्टंटबाजों पर त्रिनेत्र की नजर, बिना हेलमेट और ओवरलोड वाहनों पर होगी सख्ती

f4fa0e91-9a19-4a6f-9e65-96939ae2f81f

रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: शहर की सड़कों पर बाइक से स्टंट करने वालों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ अब विशेष अभियान चलाया जाएगा। सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों के पालन और सड़क किनारे अतिक्रमण सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में बाइक से स्टंट करने वाले युवाओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों की विशेष जांच कराने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान नियमित रूप से चलना चाहिए और कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

स्टंट करने वालों पर रखी जाएगी विशेष नजर

बैठक में शहर की सड़कों पर बाइक से स्टंट करने की घटनाओं को लेकर विशेष चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि स्टंट करने वाले बाइकर्स की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके लिए प्रमुख मार्गों और ऐसे स्थानों पर निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया, जहां अक्सर युवा बाइक से स्टंट करते हैं।

प्रशासन का उद्देश्य सड़क पर अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ दूसरे वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए स्टंट करने वालों के खिलाफ अभियान को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, आवश्यकतानुसार तकनीकी निगरानी और उपलब्ध संसाधनों का भी उपयोग करने पर जोर दिया गया।

गांवों में बिना हेलमेट चलने वालों पर कार्रवाई

शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों की जांच बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण इलाकों में भी यातायात नियमों का पालन उसी गंभीरता से कराया जाए, जिस तरह शहर के प्रमुख मार्गों पर प्रवर्तन कार्रवाई की जाती है।

दरअसल, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का इस्तेमाल सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों को नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई भी की जाएगी।

जुलाई में 63 हजार से अधिक मामलों में कार्रवाई

बैठक में जुलाई 2026 में यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। पुलिस और परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई माह में विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन के 63 हजार से अधिक मामलों में कार्रवाई की गई।

इनमें बिना हेलमेट वाहन चलाने के 39,021 मामले शामिल रहे। इसके अलावा रॉन्ग साइड ड्राइविंग के 11,778 और ओवरस्पीडिंग के 9,151 मामलों में कार्रवाई की गई।

इससे स्पष्ट है कि प्रशासन यातायात नियमों के पालन को लेकर लगातार प्रवर्तन अभियान चला रहा है। हालांकि, बैठक में अधिकारियों को आगे भी कार्रवाई को प्रभावी और नियमित बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

ओवरलोड वाहनों पर भी कसेगा शिकंजा

कानपुर-एटा राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर उपखनिजों की ढुलाई करने वाले वाहनों में ओवरलोडिंग की शिकायतों को भी बैठक में गंभीरता से लिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे वाहनों की सघन जांच करने के निर्देश दिए।

ओवरलोड वाहनों से सड़क की स्थिति प्रभावित होने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन ने जांच व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही वाहनों की नंबर प्लेट को लेकर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। समीक्षा में सामने आया कि कुछ वाहनों की नंबर प्लेट छिपी रहती है या स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती। ऐसे वाहनों की पहचान और कार्रवाई के लिए विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए।

नंबर प्लेट छिपाने पर भी कार्रवाई

जुलाई माह में नंबर प्लेट से संबंधित मामलों में यातायात विभाग की ओर से 435 चालान किए गए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी वाहनों पर नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। यदि किसी वाहन की नंबर प्लेट छिपी हुई या अस्पष्ट पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

प्रशासन का मानना है कि वाहन की नंबर प्लेट स्पष्ट होना यातायात निगरानी और नियमों के पालन के लिए जरूरी है। इसलिए इस दिशा में भी प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए।

सीट बेल्ट और मोबाइल इस्तेमाल पर भी कार्रवाई

जुलाई में बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने के 1,807 मामलों में कार्रवाई की गई। वहीं, मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल के 1,809 मामलों में भी कार्रवाई हुई।

इसके अलावा बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने के 1,453 मामले सामने आए। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर 931 मामलों में कार्रवाई की गई। बिना फिटनेस वाहन संचालन के 902 मामलों में कार्रवाई की गई।

वहीं, शराब पीकर वाहन चलाने यानी ड्रंक एंड ड्राइविंग के 363 मामलों में भी कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के लिए इन सभी नियमों का पालन जरूरी है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्कूली वाहनों की भी हुई जांच

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया। जुलाई माह में अंडर एज ड्राइविंग के चार मामलों में कार्रवाई की गई। इसके अलावा मानकों के विपरीत संचालित पाए गए 44 स्कूली वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

स्कूली वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे वाहनों की जांच नियमित रूप से करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अतिक्रमण हटाने में लापरवाही पर दो अधिकारियों से जवाब तलब

बैठक के दौरान सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अतिक्रमण हटाने में लापरवाही सामने आने पर पीडब्ल्यूडी के दो अधिशासी अभियंताओं से स्पष्टीकरण तलब किया गया।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सड़क किनारे अतिक्रमण की समस्या को गंभीरता से लेने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सड़क किनारे अतिक्रमण होने से यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ पैदल चलने वालों को भी परेशानी होती है। इसलिए सड़क सुरक्षा के लिहाज से अतिक्रमण हटाना भी महत्वपूर्ण है।

लगातार जारी रहेगा सड़क सुरक्षा अभियान

बैठक के अंत में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं पर लगातार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस, परिवहन विभाग और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

उन्होंने विशेष रूप से स्टंट करने वाले बाइकर्स, बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों, ओवरलोड वाहनों और अस्पष्ट नंबर प्लेट वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही, बिना लाइसेंस, बिना फिटनेस, मोबाइल फोन के इस्तेमाल और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने को कहा।

कुल मिलाकर, कानपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने प्रवर्तन अभियान को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। जुलाई के आंकड़ों के बाद अब विशेष रूप से स्टंटबाजी, बिना हेलमेट ड्राइविंग, ओवरलोडिंग और नियमों के विपरीत संचालित वाहनों पर नजर रखने की तैयारी है। इससे सड़क पर यातायात अनुशासन बेहतर करने और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।