हमीरपुर में एंटी करप्शन कार्रवाई के विरोध में लेखपाल संघ का धरना, एक दिन कार्य बंदी का ऐलान

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रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम 

हमीरपुर: अयोध्या में एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद लेखपाल संघ ने विरोध जताते हुए प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसी क्रम में हमीरपुर जनपद की सदर तहसील परिसर में भी लेखपाल संघ के पदाधिकारी और सदस्य धरने पर बैठे। संघ की मुख्य मांग है कि अयोध्या में गिरफ्तार किए गए लेखपाल के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई हो और उन्हें न्याय मिले।

लेखपाल संघ ने विरोध स्वरूप एक दिन की कार्य बंदी का भी ऐलान किया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि अयोध्या में हुई गिरफ्तारी के मामले को लेकर प्रदेश के लेखपालों में असंतोष है। इसी के चलते संगठन की ओर से प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है।

अयोध्या में लेखपाल की गिरफ्तारी के बाद विरोध

जानकारी के अनुसार, अयोध्या में बीते दिन एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए एक लेखपाल को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद लेखपाल संघ ने पूरे मामले पर आपत्ति जताई और संगठन स्तर पर विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया।

संघ का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लेखपाल को न्याय मिलना चाहिए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर लेखपाल संघ के सदस्य विभिन्न जिलों में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

हमीरपुर में भी संघ के पदाधिकारी सदर तहसील परिसर पहुंचे और धरने पर बैठकर अपनी मांगों को रखा। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने कहा कि वे अपने साथी लेखपाल के मामले में न्याय की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा रहे हैं।

सदर तहसील परिसर में धरना

हमीरपुर जनपद में लेखपाल संघ का धरना सदर तहसील परिसर में आयोजित किया गया। धरने में संगठन के पदाधिकारियों और लेखपालों ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अयोध्या में हुई गिरफ्तारी के मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग उठाई।

संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, लेखपालों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई में तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया का निष्पक्ष रूप से पालन किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत या आरोप सामने आता है तो पूरे मामले की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।

धरने के दौरान संगठन की ओर से अपनी मांगों को अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही गई। साथ ही, प्रदेश संगठन के निर्णय के अनुसार आंदोलन को आगे बढ़ाने की जानकारी दी गई।

एक दिन की कार्य बंदी का ऐलान

लेखपाल संघ ने विरोध के तहत एक दिन की कार्य बंदी का ऐलान किया है। संघ का कहना है कि यह निर्णय अयोध्या में गिरफ्तार किए गए लेखपाल के समर्थन में लिया गया है।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि कार्य बंदी के माध्यम से सरकार और प्रशासन तक अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका मुख्य उद्देश्य गिरफ्तार लेखपाल के मामले में न्याय सुनिश्चित कराना है।

हालांकि, आवश्यक सेवाओं और आम लोगों को होने वाली संभावित परेशानियों को देखते हुए प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा सकती है। वहीं, लेखपाल संघ का कहना है कि उनका विरोध अपनी मांगों को लेकर है और इसे संगठनात्मक स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

लेखपाल संघ की मुख्य मांग क्या है?

लेखपाल संघ की सबसे प्रमुख मांग है कि अयोध्या में गिरफ्तार किए गए लेखपाल को न्याय मिले। संघ के पदाधिकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

उनका कहना है कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले मामले के सभी तथ्यों की जांच जरूरी है। संघ ने यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर शिकायत या आरोप की जांच हो रही है तो संबंधित कर्मचारी को कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।

इसी मांग को लेकर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लेखपाल संघ के सदस्य धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। हमीरपुर में भी संगठन के पदाधिकारियों ने सदर तहसील परिसर में धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन

अयोध्या की घटना के बाद लेखपाल संघ का विरोध केवल हमीरपुर तक सीमित नहीं है। संगठन ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में धरना-प्रदर्शन शुरू करने का निर्णय लिया है।

संघ के अनुसार, प्रदेश स्तर पर संगठन के सदस्य एकजुट होकर अपनी मांगों को रख रहे हैं। इसके साथ ही एक दिन की कार्य बंदी का ऐलान भी किया गया है।

लेखपालों का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य किसी सरकारी व्यवस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि अपने साथी के मामले में न्याय की मांग को उठाना है। संगठन चाहता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और तथ्यों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाए।

पदाधिकारियों ने रखी अपनी बात

धरने के दौरान उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अटल कुमार तिवारी ने संगठन की मांगों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लेखपाल संघ अयोध्या में हुई कार्रवाई को लेकर गंभीर है और गिरफ्तार लेखपाल को न्याय दिलाने की मांग कर रहा है।

वहीं, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला मंत्री डॉ. प्रदत्त कुमार ने भी धरने के दौरान संगठन की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि लेखपाल संघ अपने साथी के मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है।

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश संगठन के निर्देश के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।

प्रशासन और लेखपाल संघ के बीच बातचीत पर नजर

लेखपाल संघ के विरोध प्रदर्शन के बीच अब प्रशासन और संगठन के बीच होने वाली बातचीत पर भी नजर रहेगी। आमतौर पर ऐसे मामलों में संबंधित संगठन अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखते हैं और समाधान के लिए बातचीत का रास्ता अपनाया जाता है।

हमीरपुर में सदर तहसील परिसर में धरना दिए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर भी मामले को लेकर प्रशासन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। यदि दोनों पक्षों के बीच बातचीत होती है तो आंदोलन को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

वहीं, लेखपाल संघ ने फिलहाल अपनी प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

आम लोगों की सेवाओं पर पड़ सकता है असर

लेखपाल राजस्व विभाग से जुड़ी विभिन्न सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में कार्य बंदी होने पर राजस्व से संबंधित कुछ कार्यों पर असर पड़ने की संभावना रहती है। इनमें प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी रिपोर्ट, राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्य और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं।

हालांकि, कार्य बंदी की अवधि और इसके प्रभाव के संबंध में स्थानीय प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट की जानी बाकी है। लेखपाल संघ का कहना है कि संगठन अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहा है।

इस बीच आम लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन और लेखपाल संघ के बीच बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान निकलेगा, ताकि नियमित सरकारी सेवाएं प्रभावित न हों।

आगे की रणनीति पर फैसला

लेखपाल संघ के प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। अयोध्या में हुई गिरफ्तारी के बाद शुरू हुए आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति संगठन के निर्णय के अनुसार तय की जाएगी।

हमीरपुर में धरने के दौरान भी पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई होती है तो आगे की स्थिति पर विचार किया जाएगा। वहीं, यदि संगठन को लगता है कि उनकी मांगों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन को लेकर आगे निर्णय लिया जा सकता है।

फिलहाल हमीरपुर के सदर तहसील परिसर में लेखपाल संघ का धरना अयोध्या में हुई एंटी करप्शन कार्रवाई के विरोध में जारी है। संगठन की मुख्य मांग गिरफ्तार लेखपाल के मामले में न्याय और निष्पक्ष जांच है।