कानपुर की चारों तहसीलों में लेखपालों का कार्य बहिष्कार, अयोध्या कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग
रिपोर्ट – विवेक कृष्ण दीक्षित
कानपुर: अयोध्या में एंटी करप्शन टीम द्वारा एक लेखपाल के खिलाफ की गई कार्रवाई के विरोध में शनिवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने कानपुर की चारों तहसीलों में एक दिवसीय कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान लेखपालों ने अयोध्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले के सभी तथ्यों की जांच होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए।
कानपुर लेखपाल संघ के अध्यक्ष शरद शुक्ला ने एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि संगठन इस कार्रवाई को लेकर कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण चाहता है। उन्होंने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि उसमें कार्रवाई से जुड़े कुछ सवाल सामने आ रहे हैं, इसलिए पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
लेखपाल संघ ने फिलहाल एक दिन के कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। साथ ही, संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं होती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।
चारों तहसीलों में लेखपालों ने किया कार्य बहिष्कार
शनिवार को कानपुर की चारों तहसीलों में लेखपाल संघ के सदस्यों ने कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान लेखपाल अपने-अपने तहसील परिसर में एकत्र हुए और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाईं।
संघ का कहना है कि अयोध्या में हुई कार्रवाई को लेकर लेखपालों के बीच असंतोष है। संगठन चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए। इसी मांग को लेकर प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक विरोध किया जा रहा है।
कार्य बहिष्कार के दौरान लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर चर्चा की। साथ ही, आंदोलन की आगे की रणनीति पर भी विचार किया गया।
अयोध्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग
लेखपाल संघ की प्रमुख मांग अयोध्या में हुई एंटी करप्शन कार्रवाई की निष्पक्ष जांच है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के मामले में सभी तथ्यों की जांच आवश्यक है।
कानपुर लेखपाल संघ के अध्यक्ष शरद शुक्ला ने कहा कि संगठन कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर सामने आए सवालों का जवाब चाहता है। उनके अनुसार, वायरल वीडियो के आधार पर भी कई बातें चर्चा में आई हैं, इसलिए पूरे मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
संघ का कहना है कि जांच के बाद जो तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर ही आगे की कानूनी प्रक्रिया निर्धारित की जाए।
वायरल वीडियो को लेकर उठाए सवाल
धरने के दौरान लेखपाल संघ के अध्यक्ष ने कार्रवाई से जुड़े वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई देने वाली परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसमें दिखाई देने वाली परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि का विषय जांच का हिस्सा हो सकता है। संघ का कहना है कि इसी कारण पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य मामले के तथ्यों को सामने लाना है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से जांच कराने और निष्पक्ष तरीके से मामले की समीक्षा करने की मांग की जा रही है।
लेखपाल संघ ने कार्रवाई की निंदा की
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अयोध्या में हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि वे अपने साथी लेखपाल के मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं।
कानपुर में हुए धरने के दौरान लेखपालों ने संगठन की मांगों को दोहराया। उनका कहना है कि किसी भी मामले में यदि आरोप सामने आते हैं तो संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और जांच की प्रक्रिया के तहत तथ्यों को स्पष्ट करने का अवसर मिलना चाहिए।
संघ के अनुसार, मौजूदा कार्य बहिष्कार इसी मांग को लेकर किया गया है।
एक दिन का कार्य बहिष्कार, आगे आंदोलन का संकेत
लेखपाल संघ ने शनिवार को एक दिवसीय कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया। संगठन की ओर से कहा गया कि यह विरोध फिलहाल एक दिन के लिए रखा गया है।
हालांकि, संघ ने यह भी संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं होती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है। इस संबंध में संगठन की अगली बैठक या प्रदेश नेतृत्व के निर्देश के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
इससे पहले भी विभिन्न कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन करते रहे हैं। ऐसे में प्रशासन और संघ के बीच बातचीत के जरिए समाधान निकलना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजस्व संबंधी कामकाज पर पड़ सकता है असर
लेखपाल राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। जमीन से जुड़े मामलों, राजस्व अभिलेखों, विभिन्न रिपोर्टों और स्थानीय स्तर की कई प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लेखपालों की भूमिका रहती है।
ऐसे में कार्य बहिष्कार के दौरान कुछ राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, एक दिन के कार्य बहिष्कार से कितने कार्य प्रभावित हुए, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
आम लोगों से जुड़े जरूरी कार्यों को लेकर प्रशासन की ओर से व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है। वहीं, लेखपाल संघ का कहना है कि उनका विरोध अपनी मांगों को लेकर है और संगठन अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से सामने रख रहा है।
संघ अध्यक्ष ने दी आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी
कानपुर लेखपाल संघ के अध्यक्ष शरद शुक्ला ने कहा कि फिलहाल संघ ने एक दिन के कार्य बहिष्कार और धरने का निर्णय लिया है। यदि संगठन की मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि संघ चाहता है कि अयोध्या में लेखपाल के खिलाफ हुई एंटी करप्शन कार्रवाई की निष्पक्ष जांच हो। इसके बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाए।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांग किसी व्यक्ति विशेष के समर्थन से अधिक जांच की प्रक्रिया को लेकर है। उनका जोर इस बात पर है कि मामले में सामने आए सभी तथ्यों की निष्पक्ष समीक्षा हो।
प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नजर
कानपुर में लेखपालों के कार्य बहिष्कार के बाद अब प्रशासन की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। यदि प्रशासन और लेखपाल संघ के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत होती है तो इस मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
वहीं, लेखपाल संघ की ओर से भी प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों का इंतजार किया जा सकता है। इसके आधार पर आंदोलन को आगे बढ़ाने या समाप्त करने को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल कानपुर की चारों तहसीलों में एक दिन का कार्य बहिष्कार कर लेखपालों ने अयोध्या प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
निष्पक्ष जांच पर टिकी आंदोलन की अगली दिशा
कुल मिलाकर, अयोध्या में लेखपाल के खिलाफ हुई एंटी करप्शन कार्रवाई का असर कानपुर तक देखने को मिला है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर कानपुर की चारों तहसीलों में लेखपालों ने शनिवार को कार्य बहिष्कार करते हुए धरना दिया।
संघ की मुख्य मांग है कि अयोध्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जाए। संघ अध्यक्ष शरद शुक्ला ने वायरल वीडियो को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
फिलहाल कार्य बहिष्कार एक दिन के लिए किया गया है। यदि मांगों पर सुनवाई नहीं होती है तो संगठन आगे की रणनीति तय कर सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन और लेखपाल संघ के बीच होने वाली बातचीत इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

