कानपुर देहात में युवक की आत्महत्या का मामला, ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के आरोप

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रिपोर्ट- विशाल मिश्रा

कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में एक युवक की आत्महत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक के परिजनों ने युवक की पत्नी और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर मारपीट, मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के पिता ने पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों की शिकायत के मुताबिक, राजाराम के पुत्र किशन का करीब चार वर्ष पहले अकबरपुर कस्बा निवासी विजय की पुत्री प्राची के साथ विवाह हुआ था। शादी के बाद से ही दंपती के बीच विवाद होने की बात शिकायत में कही गई है। मृतक के पिता का आरोप है कि घरेलू विवाद के दौरान प्राची अपने मायके पक्ष के लोगों को बुला लेती थी और किशन के साथ कथित तौर पर मारपीट कराई जाती थी। परिवार का दावा है कि इन परिस्थितियों के कारण किशन काफी समय से मानसिक दबाव में था।

16 अगस्त की घटना को लेकर लगाए आरोप

शिकायतकर्ता राजाराम के अनुसार, 16 अगस्त 2026 की शाम करीब 7:30 बजे उन्हें शोर सुनाई दिया। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे। उनका आरोप है कि वहां किशन के साथ उसकी पत्नी प्राची, ससुर विजय, सास सीमा और साला बंदी विवाद कर रहे थे। शिकायत में मारपीट और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।

मृतक के पिता का कहना है कि उन्होंने तथा मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने किशन को बचाने का प्रयास किया। हालांकि, परिवार का आरोप है कि लगातार चल रहे घरेलू विवाद और कथित प्रताड़ना से किशन परेशान था। इसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस स्तर से जांच की जानी बाकी है। ऐसे में मामले में किसी भी पक्ष को दोषी मानने से पहले पुलिस की जांच और उसके आधार पर सामने आने वाले तथ्यों को महत्वपूर्ण माना जाएगा।

थाने में शिकायत के बावजूद कार्रवाई का आरोप

मृतक के परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद 17 अगस्त 2026 को अकबरपुर थाने में प्रार्थना पत्र दिया गया था। परिवार का कहना है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद उन्हें अभी तक अपेक्षित कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। इसके बाद मृतक के पिता ने पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात से हस्तक्षेप की मांग की है।

परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, शिकायत में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ जांच के आधार पर संबंधित धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने और कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

निष्पक्ष जांच की मांग

मृतक के पिता का कहना है कि परिवार को आशंका है कि घरेलू विवाद और कथित प्रताड़ना से जुड़े पहलुओं की पूरी जांच के बिना घटना की वास्तविक वजह सामने नहीं आ पाएगी। इसलिए उन्होंने पुलिस से घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने की अपील की है।

परिवार की मांग है कि घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों, संबंधित लोगों की भूमिका तथा उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाए। इसके अलावा, यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

पुलिस जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति

इस मामले में अब पुलिस की जांच अहम होगी। जांच के दौरान पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, परिजनों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम को समझने का प्रयास करेगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की आत्महत्या के पीछे परिस्थितियां क्या थीं और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

ऐसे मामलों में पुलिस की निष्पक्ष जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि आत्महत्या जैसे संवेदनशील प्रकरण में घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की पड़ताल आवश्यक होती है। वहीं, मृतक के परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

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