कानपुर सेंट्रल पर गुम हुई दो साल की बच्ची 20 मिनट में मिली, जीआरपी ने मां से मिलाया

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रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा 

कानपुर: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन मुस्कान के तहत जीआरपी की तत्परता से गुम हुई दो वर्षीय बच्ची को महज 20 मिनट में सकुशल बरामद कर उसकी मां से मिला दिया गया। बच्ची के मिलने के बाद मां ने जीआरपी और आरपीएफ पुलिस का आभार जताया। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और बच्ची के हुलिया व पहनावे के आधार पर तलाश शुरू की थी।

मामला कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म और सर्कुलेटिंग एरिया से जुड़ा है। बच्ची के अचानक गायब होने की सूचना मिलते ही जीआरपी ने बिना समय गंवाए तलाश शुरू कर दी। इसके लिए स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद पुलिसकर्मियों और क्यूआरटी टीम को सक्रिय किया गया। वहीं, आरपीएफ कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद भी ली गई।

लगातार तलाश के बाद करीब 20 मिनट में बच्ची प्लेटफार्म नंबर 4/5 पर मिल गई। इसके बाद पुलिस ने बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया।

बच्ची के गुम होने की सूचना से मची चिंता

जानकारी के अनुसार, फर्रुखाबाद जिले की रहने वाली महिला यात्री नैना पत्नी राजवीर अपनी दो वर्षीय बेटी के साथ कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर मौजूद थीं। इसी दौरान उनकी बेटी उनसे अलग हो गई। काफी तलाश करने के बावजूद जब बच्ची नहीं मिली तो महिला ने जीआरपी पुलिस को इसकी सूचना दी।

बच्ची के गुम होने की जानकारी मिलते ही जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस टीम को तलाश में लगाया। चूंकि बच्ची की उम्र महज दो वर्ष थी, इसलिए पुलिस ने स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में तत्काल खोज अभियान शुरू किया।

पुलिस टीम ने प्लेटफार्म, सर्कुलेटिंग एरिया, टिकट घर और यात्री प्रतीक्षालय समेत अन्य स्थानों पर बच्ची की तलाश की।

जीआरपी ने तत्काल शुरू की तलाश

जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के निर्देश पर एसआई विनोद कुमार यादव, मुकुन्द लाल यादव, अरविन्द गुप्ता, क्यूआरटी टीम और प्लेटफार्म ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को तलाश अभियान में लगाया गया।

इसके साथ ही स्टेशन पर मौजूद आरपीएफ टीम और कंट्रोल रूम से भी समन्वय किया गया। पुलिस ने बच्ची के पहनावे और हुलिया के आधार पर उसकी पहचान के लिए जानकारी जुटाई।

तलाश के दौरान स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में पुलिसकर्मियों ने यात्रियों से भी जानकारी ली। साथ ही, बच्ची के संभावित रास्ते और प्लेटफार्मों पर उसकी मौजूदगी की संभावना को ध्यान में रखते हुए जांच की गई।

सीसीटीवी फुटेज से मिली अहम मदद

बच्ची की तलाश में रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज महत्वपूर्ण साबित हुई। जीआरपी टीम ने आरपीएफ कंट्रोल रूम में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की मदद से बच्ची की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया।

बच्ची के पहनावे और हुलिया के आधार पर सीसीटीवी फुटेज में उसकी तलाश की गई। स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थान पर किसी छोटे बच्चे को तलाशना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में पुलिस ने तकनीक और मौके पर मौजूद टीमों के बीच समन्वय के जरिए तलाश को आगे बढ़ाया।

इसी प्रक्रिया के दौरान पुलिस को बच्ची के प्लेटफार्म नंबर 4/5 की ओर होने की जानकारी मिली।

20 मिनट में प्लेटफार्म 4/5 पर मिली बच्ची

जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त सक्रियता के बीच करीब 20 मिनट बाद बच्ची प्लेटफार्म नंबर 4/5 पर मिल गई। पुलिस ने बच्ची को सकुशल अपने संरक्षण में लिया और उसकी पहचान सुनिश्चित करने के बाद मां को सौंप दिया।

बच्ची को देखते ही उसकी मां ने राहत की सांस ली। बेटी के सकुशल मिलने के बाद महिला ने जीआरपी और आरपीएफ पुलिसकर्मियों का धन्यवाद किया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते बच्ची को कम समय में तलाश लिया गया। इससे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और बच्ची के परिवार ने भी पुलिस टीम की तत्परता की सराहना की।

ऑपरेशन मुस्कान के तहत कार्रवाई

जीआरपी की यह कार्रवाई ऑपरेशन मुस्कान के तहत की गई। इस अभियान का उद्देश्य गुमशुदा बच्चों को तलाशकर उन्हें उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाना है।

रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में बच्चों के परिवार से अलग होने की स्थिति में पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की तत्काल सक्रियता महत्वपूर्ण हो जाती है।

कानपुर सेंट्रल जैसे बड़े रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की टीमें लगातार यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी में लगी रहती हैं। इस मामले में भी सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्ची की तलाश शुरू की।

जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ने दी जानकारी

जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने बताया कि एक महिला यात्री ने अपनी दो वर्षीय बच्ची के गुम होने की सूचना दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को सक्रिय किया गया।

उन्होंने बताया कि एसआई विनोद कुमार यादव, मुकुन्द लाल यादव, अरविन्द गुप्ता, क्यूआरटी टीम, प्लेटफार्म ड्यूटी और कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को बच्ची की तलाश में लगाया गया।

इसके साथ ही आरपीएफ कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। बच्ची के पहनावे और हुलिया के आधार पर उसकी तलाश की गई। करीब 20 मिनट बाद बच्ची प्लेटफार्म नंबर 4/5 से सकुशल बरामद कर ली गई।

उन्होंने बताया कि बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया है।

मां ने पुलिस टीम का जताया आभार

बेटी के सकुशल मिलने के बाद बच्ची की मां ने जीआरपी और आरपीएफ पुलिस टीम का आभार जताया। महिला ने पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि कम समय में बच्ची को तलाशकर परिवार से मिलाना राहत की बात है।

इस दौरान पुलिसकर्मियों ने भी परिवार को बच्ची की देखभाल और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी।

रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर बच्चों के साथ यात्रा करते समय परिवार के सदस्यों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। खासकर प्लेटफार्म और यात्री प्रतीक्षालय जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बच्चों को अपने साथ रखना जरूरी है।

यात्रियों की सुरक्षा में तकनीक की भूमिका

इस घटना में सीसीटीवी कैमरों की मदद से बच्ची की तलाश को गति मिली। रेलवे स्टेशनों पर लगाए गए निगरानी कैमरे सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

किसी यात्री या बच्चे के गुम होने की स्थिति में पुलिस उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से संभावित स्थानों की पहचान कर सकती है। इसके अलावा प्लेटफार्म पर तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षा टीमों के बीच समन्वय भी ऐसे मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कानपुर सेंट्रल पर हुई इस घटना में भी पुलिस ने सीसीटीवी निगरानी, मौके पर तैनात कर्मचारियों और क्यूआरटी टीम की मदद से तलाश अभियान चलाया।

स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता

कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी और आरपीएफ की टीमें लगातार सक्रिय रहती हैं।

बच्चों के गुम होने या किसी अन्य आपात स्थिति में यात्रियों को तुरंत रेलवे पुलिस या सुरक्षा बल को सूचना देने की सलाह दी जाती है। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को तलाश शुरू करने में मदद मिलती है और बच्चे को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाने की संभावना बढ़ जाती है।

इस मामले में भी महिला द्वारा समय पर जीआरपी को सूचना दिए जाने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और बच्ची को 20 मिनट में खोज लिया।

20 मिनट में परिवार से मिली बच्ची

कुल मिलाकर, कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर गुम हुई दो वर्षीय बच्ची को जीआरपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 20 मिनट में सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और बच्ची के हुलिया व पहनावे की मदद से उसकी तलाश की।

प्लेटफार्म नंबर 4/5 पर बच्ची के मिलने के बाद उसे उसकी मां को सौंप दिया गया। बच्ची के मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार जताया।

जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में एसआई विनोद कुमार यादव, मुकुन्द लाल यादव, अरविन्द गुप्ता, क्यूआरटी टीम और प्लेटफार्म ड्यूटी स्टाफ ने भूमिका निभाई।