इटावा में अटेवा की नारी शक्ति तिरंगा यात्रा, पुरानी पेंशन बहाली की मांग
रिपोर्ट- रोहित सिंह चौहान
इटावा: पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने और सरकारी विभागों में निजीकरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर राज्य कर्मचारियों के संगठन अटेवा की ओर से इटावा में नारी शक्ति तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला राज्य कर्मचारियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। महिला कर्मचारी स्कूटी पर तिरंगा लेकर शहर की सड़कों से गुजरीं और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता का संदेश दिया।
अटेवा की ओर से आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली सहित कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सरकार तक पहुंचाना रहा। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां संगठन की ओर से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने की बात कही गई। कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था उनके भविष्य की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
तिरंगा लेकर सड़क पर उतरीं महिला कर्मचारी
नारी शक्ति तिरंगा यात्रा में सैकड़ों महिला राज्य कर्मचारी स्कूटी के साथ शामिल हुईं। हाथों में तिरंगा और अपनी मांगों से जुड़े संदेशों के साथ महिला कर्मचारियों ने यात्रा में हिस्सा लिया। इस दौरान यात्रा में कर्मचारियों की एकजुटता दिखाई दी। वहीं, तिरंगा यात्रा के माध्यम से संगठन ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि कर्मचारी अपने अधिकारों और मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
दरअसल, अटेवा लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों के बीच अभियान चला रहा है। संगठन का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में इटावा में भी कर्मचारियों ने अपनी आवाज को मजबूती से उठाने के लिए नारी शक्ति तिरंगा यात्रा का आयोजन किया।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा जाएगा ज्ञापन
यात्रा के दौरान महिला कर्मचारियों ने शहर के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया। इसके बाद यात्रा कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने की तैयारी की गई। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को शासन तक पहुंचाने की अपील की गई।
अटेवा की ओर से पुरानी पेंशन बहाली के साथ-साथ सरकारी विभागों में निजीकरण रोकने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संगठन का कहना है कि सरकारी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतिगत स्तर पर निर्णय लिए जाने चाहिए।
कर्मचारियों ने कहा कि सरकारी विभागों में निजीकरण बढ़ने से रोजगार और कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा से जुड़े सवाल पैदा हो सकते हैं। इसलिए सरकार से मांग की जा रही है कि सरकारी संस्थानों और विभागों को मजबूत किया जाए तथा कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
राजेश जादौन ने कहा- अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा
अटेवा के पदाधिकारी राजेश जादौन ने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर संगठन का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली और सरकारी विभागों में निजीकरण रोकने जैसी मांगों को लेकर कर्मचारी लगातार अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नारी शक्ति तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया है। उन्होंने महिला कर्मचारियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं का यात्रा में शामिल होना कर्मचारियों की एकजुटता को दर्शाता है।
महिला कर्मचारियों की भागीदारी बनी आकर्षण
इस यात्रा की खास बात महिला कर्मचारियों की बड़ी भागीदारी रही। स्कूटी पर तिरंगा लेकर निकलीं महिला कर्मचारियों ने कार्यक्रम को अलग पहचान दी। यात्रा में शामिल कर्मचारियों ने अनुशासन के साथ अपनी मांगों को सामने रखा।
अटेवा पदाधिकारियों के मुताबिक, कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा सरकार और प्रशासन के सामने ज्ञापन के माध्यम से मांगें रखी जाती हैं। संगठन का उद्देश्य कर्मचारियों को एक मंच पर लाकर उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना है।
पुरानी पेंशन क्यों है कर्मचारियों के लिए अहम?
सरकारी कर्मचारियों के बीच पुरानी पेंशन योजना की बहाली लंबे समय से एक प्रमुख मुद्दा रही है। कर्मचारियों का तर्क है कि सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आर्थिक सुरक्षा उनके भविष्य के लिए जरूरी है। इसी वजह से कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग करते रहे हैं।
वहीं, निजीकरण का मुद्दा भी कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय रहा है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकारी विभागों में निजीकरण की प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों की सेवा शर्तों और भविष्य की सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए। इसलिए अटेवा की ओर से निजीकरण पर रोक लगाने की मांग भी उठाई जा रही है।
लोकतांत्रिक तरीके से मांगें उठाने पर जोर
अटेवा की नारी शक्ति तिरंगा यात्रा के जरिए कर्मचारियों ने अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखा। तिरंगा यात्रा में महिला कर्मचारियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को व्यापक रूप दिया। यात्रा के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता प्रदर्शित की।
इसके साथ ही कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के माध्यम से संगठन ने प्रशासन के जरिए अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता, तब तक अलग-अलग माध्यमों से अभियान जारी रहेगा।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
इटावा में आयोजित नारी शक्ति तिरंगा यात्रा को अटेवा के कर्मचारी हितों से जुड़े अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। यात्रा में शामिल महिला कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण रोकने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
राजेश जादौन सहित संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए भविष्य में भी जागरूकता कार्यक्रम और लोकतांत्रिक आंदोलन किए जाएंगे।

