गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर चला विशाल स्वच्छता अभियान: सैकड़ों स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर निभाई जिम्मेदारी
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली ब्रज को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से रविवार को गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर व्यापक स्वच्छता श्रमदान अभियान आयोजित किया गया। “हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है” महाअभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत, स्वयंसेवी संगठनों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल परिक्रमा मार्ग की सफाई करना नहीं था, बल्कि लोगों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक स्थलों के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी था। अभियान के दौरान सैकड़ों स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर यह संदेश दिया कि स्वच्छ ब्रज का निर्माण जनभागीदारी से ही संभव है।
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर चला व्यापक श्रमदान अभियान
रविवार सुबह अभियान की शुरुआत संत गया प्रसाद जी की समाधि और रमणरेती आश्रम से हुई। इसके बाद स्वयंसेवकों ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के विभिन्न हिस्सों में सफाई अभियान चलाया।
प्रतिभागियों ने परिक्रमा मार्ग की तलहटी और आसपास के क्षेत्रों से प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, रैपर तथा अन्य ठोस अपशिष्ट एकत्र किए। एकत्रित कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित किया गया, ताकि क्षेत्र की स्वच्छता बनी रहे।
स्वयंसेवकों ने यह भी अपील की कि श्रद्धालु भविष्य में भी परिक्रमा के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें।
मंडलायुक्त ने स्वयं किया श्रमदान
अभियान में आगरा मंडल के मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने स्वयं श्रमदान कर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन का दायित्व नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक और श्रद्धालु की भी समान जिम्मेदारी है। यदि समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें, तो ब्रज क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
कई विभागों और संस्थाओं का रहा संयुक्त सहयोग
यह महाअभियान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग और नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
इसके अलावा उज्ज्वल ब्रज संस्था ने कार्यक्रम के संचालन और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभिन्न सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों ने भी इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया।
श्रद्धालुओं ने भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
स्वच्छता अभियान के दौरान बड़ी संख्या में गोवर्धन परिक्रमा करने आए श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कई श्रद्धालुओं ने स्वयं कचरा उठाकर स्वच्छता अभियान में योगदान दिया, जबकि अन्य लोगों ने भविष्य में भी परिक्रमा मार्ग को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। इस सामूहिक भागीदारी ने अभियान को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।
प्लास्टिक मुक्त ब्रज का दिया संदेश
अभियान के दौरान वक्ताओं ने लोगों से एकल उपयोग वाले प्लास्टिक (Single-Use Plastic) के उपयोग से बचने की अपील की।
उन्होंने बताया कि प्लास्टिक प्रदूषण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि धार्मिक स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता और स्वच्छता को भी प्रभावित करता है। इसलिए पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाना समय की आवश्यकता है।
शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप गुप्ता, केडी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, उमा मोटर्स के पवन चतुर्वेदी, बृजवासी ग्रुप के राजीव ब्रजवासी, के संस फाउंडेशन के सुरेश कौशिक तथा बेरीवाल रियल एस्टेट ग्रुप के कृष्णकांत बेरीवाल सहित अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने भाग लिया।
उनकी उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की साझा जिम्मेदारी है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के सचिव आशीष सिंह, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजीव पांडेय, तकनीकी विशेषज्ञ आर.पी. सिंह, तपेश भारद्वाज सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
उन्होंने स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियान लोगों में सकारात्मक सोच विकसित करते हैं और स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जनभागीदारी से ही सफल होगा स्वच्छ ब्रज अभियान
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती। इसके लिए स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
जब समाज स्वयं आगे बढ़कर श्रमदान करता है, तब स्वच्छता अभियान स्थायी परिणाम देने लगते हैं।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं।
यदि प्लास्टिक प्रदूषण कम किया जाए, वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाए और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखी जाए, तो प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी बेहतर तरीके से किया जा सकता है।
स्वच्छ ब्रज से बढ़ेगा पर्यटन और धार्मिक महत्व
विशेषज्ञों का कहना है कि स्वच्छ और व्यवस्थित धार्मिक स्थल न केवल श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाते हैं, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं। गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर नियमित स्वच्छता अभियान चलने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।
नियमित अभियान चलाने पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छता अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि नियमित अंतराल पर ऐसे अभियान आयोजित किए जाएं, जिससे लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बनी रहे और ब्रज क्षेत्र की धार्मिक एवं प्राकृतिक सुंदरता लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सके।
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर आयोजित विशाल स्वच्छता श्रमदान अभियान ने यह साबित किया कि जब प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं, शिक्षण संस्थान, उद्योग जगत और आम नागरिक एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तो बड़े सामाजिक परिवर्तन संभव हो जाते हैं।
“हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है” महाअभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का प्रभावी संदेश दिया। यदि इसी प्रकार निरंतर प्रयास जारी रहे, तो ब्रज क्षेत्र की धार्मिक गरिमा, प्राकृतिक सुंदरता और स्वच्छता को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी इस पावन धरोहर का स्वच्छ और सुंदर स्वरूप देख सकें।

