बिजनौर में गुलदार के हमले से 7 वर्षीय बालक की मौत, जंगल में मिले अवशेष; वन विभाग ने लगाया पिंजरा – दहशत में लोग
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में गुलदार के हमले से एक 7 वर्षीय बालक की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि थाना नजीबाबाद क्षेत्र के खुशहालपुर मड़का इलाके में बालक जंगल के पास खेल रहा था। इसी दौरान गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटना की जानकारी ली। वहीं, वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है। इसके साथ ही ग्रामीणों को जंगल और आसपास के क्षेत्रों में अकेले जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
जंगल में खेल रहा था 7 वर्षीय बालक
जानकारी के अनुसार, 7 वर्षीय बालक जंगल क्षेत्र में खेल रहा था। इसी दौरान गुलदार के हमले की घटना हुई। घटना के बाद जब बालक काफी देर तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की।
तलाश के दौरान जंगल क्षेत्र में बालक के अवशेष मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद गांव में सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना की जानकारी वन विभाग और प्रशासन को दी गई।
इस घटना से बालक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, ग्रामीणों में भी गुलदार को लेकर चिंता और भय का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और संबंधित क्षेत्र की ओर रवाना हुई। टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के इलाके में गुलदार की गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई।
वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से भी बातचीत की और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली। इसके बाद गुलदार की मौजूदगी वाले संभावित स्थानों को चिन्हित करते हुए निगरानी शुरू की गई।
वन विभाग का मुख्य उद्देश्य गुलदार को सुरक्षित तरीके से पकड़ना और ग्रामीणों को संभावित खतरे से बचाना है। इसके लिए मौके पर पिंजरा लगाया गया है। साथ ही क्षेत्र में वनकर्मियों की निगरानी भी बढ़ाई गई है।
गुलदार को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा
बालक की मौत की घटना के बाद वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए जंगल क्षेत्र में पिंजरा लगाया है। विभाग की टीम गुलदार की गतिविधियों पर नजर रख रही है। इसके अलावा आसपास के क्षेत्र में भी निगरानी की जा रही है।
वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। खासतौर पर बच्चों को जंगल या जंगल से सटे इलाकों में अकेले नहीं भेजने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे समूह में ही आवश्यक कार्यों के लिए बाहर निकलें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल वन विभाग या प्रशासन को दें।
इसके अलावा ग्रामीणों को जंगल के आसपास अनावश्यक रूप से भीड़ लगाने से बचने के लिए भी कहा गया है, ताकि वन विभाग की निगरानी और गुलदार को पकड़ने की कार्रवाई प्रभावित न हो।
खुशहालपुर मड़का इलाके का मामला
यह पूरा मामला नजीबाबाद थाना क्षेत्र के खुशहालपुर मड़का इलाके से जुड़ा है। जंगल से सटे होने के कारण इस क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियां बनी रहती हैं। ऐसे में बालक पर गुलदार के हमले की घटना के बाद ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी जरूरी जानकारी दी जा रही है।
वहीं, वन विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां कितनी सक्रिय हैं और वह किन स्थानों पर देखा गया है। इसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
गुलदार के हमले में 7 वर्षीय बालक की मौत की खबर से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। एक ओर परिवार अपने बच्चे को खोने के गम में है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल के आसपास रहने वाले लोगों के लिए वन्यजीवों की गतिविधियां चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे में वन विभाग से गुलदार को जल्द पकड़ने और क्षेत्र में प्रभावी निगरानी बढ़ाने की मांग की जा रही है।
प्रशासन और वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और गुलदार को पकड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
एसडीएम ने ली घटना की जानकारी
मामले को लेकर नजीबाबाद के एसडीएम शैलेंद्र कुमार सिंह की ओर से भी जानकारी ली गई है। प्रशासनिक स्तर पर घटना की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं, वन विभाग की टीम लगातार इलाके में मौजूद रहकर निगरानी कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें सतर्क रहना चाहिए। जंगल की ओर अकेले जाने से बचने और बच्चों को घर के आसपास सुरक्षित रखने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी घटना से जुड़े सभी पहलुओं पर नजर रख रहे हैं। साथ ही गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे और अन्य निगरानी व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जा रही है।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे जंगल क्षेत्र में अकेले न जाएं और बच्चों को भी जंगल के आसपास खेलने से रोकें।
यदि किसी व्यक्ति को गुलदार दिखाई देता है तो उसके पास जाने या उसे पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए। इसके बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। विशेषज्ञों और वनकर्मियों द्वारा ही ऐसी स्थिति से निपटने की कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके अलावा जंगल क्षेत्र में जाने वाले लोगों को समूह में रहने और विशेष रूप से सुबह तथा शाम के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
गुलदार की तलाश जारी
फिलहाल वन विभाग की टीम गुलदार की तलाश और निगरानी में जुटी हुई है। उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है और आसपास के क्षेत्र में गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य गुलदार को सुरक्षित तरीके से पकड़कर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
वहीं, प्रशासन की ओर से भी स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। घटना के बाद ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग की टीम के अगले कदम और गुलदार की गतिविधियों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बिजनौर के इस इलाके में हुई घटना ने एक बार फिर जंगल से सटे गांवों में वन्यजीवों की निगरानी और ग्रामीणों की सुरक्षा की जरूरत को सामने ला दिया है। फिलहाल सभी की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है और ग्रामीण गुलदार के पकड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं।

