कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधि और नयूशेंस के आरोप में दो किन्नर गिरफ्तार – पढ़िए क्या कर रहे थे?
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत दो किन्नरों को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल की टीम ने प्लेटफार्म नंबर 6 और 7 पर गश्त एवं चेकिंग के दौरान दोनों को संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए पाया। पूछताछ के दौरान दोनों द्वारा नयूशेंस किए जाने का आरोप है। इसके बाद आरपीएफ ने नियमानुसार दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
आरपीएफ के मुताबिक, यह कार्रवाई कानपुर सेंट्रल पोस्ट के प्रभारी निरीक्षक के निर्देशन में किन्नरों की धर-पकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। कार्रवाई के दौरान उपनिरीक्षक एसके कटियार अपने हमराह स्टाफ के साथ प्लेटफॉर्म पर गश्त और चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान टीम की नजर दो किन्नरों पर पड़ी, जो संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए पाए गए।
प्लेटफॉर्म नंबर 6 और 7 पर आरपीएफ की चेकिंग
आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल की टीम रेलवे स्टेशन परिसर में नियमित रूप से गश्त और चेकिंग करती है। इसी क्रम में उपनिरीक्षक एसके कटियार हमराह स्टाफ के साथ प्लेटफॉर्म नंबर 6 और 7 पर चेकिंग कर रहे थे। चेकिंग के दौरान टीम ने दो किन्नरों को संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए देखा। आरपीएफ ने दोनों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार, दोनों ने नयूशेंस करना शुरू कर दिया। इसके बाद आरपीएफ टीम ने उन्हें उनके कृत्य के संबंध में जानकारी दी। साथ ही रेलवे अधिनियम के तहत की जाने वाली कार्रवाई के बारे में भी बताया गया।
आरपीएफ के अनुसार, यात्रियों की सुविधा और रेलवे परिसर में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से इस तरह की चेकिंग लगातार की जा रही है। खासतौर पर प्लेटफॉर्म और यात्रियों की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर आरपीएफ की टीमें निगरानी करती हैं।
रेलवे अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
आरपीएफ ने दोनों आरोपितों को उनके द्वारा किए गए कृत्य और रेलवे अधिनियम की संबंधित धाराओं के बारे में अवगत कराया। इसके बाद नियमानुसार दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की कार्रवाई आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल पर की गई।
आरपीएफ की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, दोनों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें मुकदमा अपराध संख्या 1394/26 और 1395/26 शामिल हैं। दोनों मामलों में रेलवे अधिनियम की धारा 145/146 के तहत कार्रवाई की गई है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपितों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, मामले से संबंधित दस्तावेज और अन्य औपचारिकताएं भी पूरी की जा रही हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए चलाया जा रहा अभियान
कानपुर सेंट्रल उत्तर प्रदेश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। ऐसे में स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा बनाए रखना आरपीएफ तथा रेलवे प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
इसी उद्देश्य से रेलवे सुरक्षा बल की ओर से समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं। इन अभियानों के दौरान प्लेटफॉर्म, प्रवेश और निकास मार्ग, यात्री प्रतीक्षालय तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी की जाती है।
आरपीएफ की टीम संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ रेलवे परिसर में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करती है। इसी अभियान के तहत प्लेटफॉर्म नंबर 6 और 7 पर भी चेकिंग की जा रही थी।
पूछताछ के दौरान नयूशेंस का आरोप
आरपीएफ के अनुसार, दोनों किन्नरों को संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए पाए जाने के बाद उनसे पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दोनों द्वारा नयूशेंस किए जाने का आरोप है। इसके बाद आरपीएफ ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों को संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
रेलवे परिसर में यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आरपीएफ की ओर से नियमों का पालन कराने पर जोर दिया जाता है। अधिकारियों के मुताबिक, रेलवे स्टेशन सार्वजनिक स्थान है और यहां यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है।
हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति आगे की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल आरपीएफ ने दोनों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज कर लिए हैं।
आरपीएफ की कार्रवाई से स्टेशन पर व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर आरपीएफ की टीम लगातार गश्त और चेकिंग करती है। इसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है। प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर आरपीएफ तत्काल कार्रवाई करती है।
इस मामले में भी आरपीएफ टीम ने चेकिंग के दौरान दोनों को रोका और पूछताछ की। इसके बाद आरोपितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। आरपीएफ की ओर से दर्ज किए गए दोनों मामलों की आगे जांच की जा रही है।
इसके साथ ही स्टेशन परिसर में नियमित निगरानी जारी रहने की बात कही गई है। आरपीएफ की टीम यात्रियों से भी अपील करती है कि यदि उन्हें स्टेशन परिसर में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है या किसी प्रकार की परेशानी होती है, तो इसकी जानकारी तत्काल रेलवे सुरक्षा बल या संबंधित रेलवे कर्मचारियों को दें।
दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज
आरपीएफ पोस्ट कानपुर सेंट्रल पर दोनों आरोपितों के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पहला मामला मु0अ0सं0 1394/26 और दूसरा मामला मु0अ0सं0 1395/26 है। दोनों मामलों में रेलवे अधिनियम की धारा 145/146 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
आरपीएफ ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। मामले से जुड़े तथ्यों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के जरिए आरपीएफ ने स्पष्ट किया है कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।
आगे भी जारी रहेगी निगरानी
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर यात्रियों की संख्या को देखते हुए आरपीएफ की ओर से लगातार निगरानी और चेकिंग की जाती है। अधिकारियों के निर्देशन में अलग-अलग प्लेटफॉर्म और संवेदनशील स्थानों पर जवानों की तैनाती रहती है।
फिलहाल दो किन्नरों की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ दर्ज मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। आरपीएफ द्वारा स्टेशन परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।

