इटावा की खाकी पर बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग – जवाबी कार्रवाई में दो के पैर में लगी गोली – पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा – जरूर पढ़ें
रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान
इटावा: जसवंतनगर थाना क्षेत्र में युवक राहुल यादव की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों अंशुल और सुखबीर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपितों को वाहन चेकिंग के दौरान रोकने का प्रयास किया गया था। इस दौरान उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से दोनों आरोपित घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा।
पुलिस की इस कार्रवाई को राहुल यादव हत्याकांड की जांच में अहम सफलता माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से दो तमंचे, चार जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और 2,120 रुपये की नकदी बरामद होने की जानकारी पुलिस ने दी है। कार्रवाई थाना जसवंतनगर पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त रूप से की।
वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस से हुआ सामना
पुलिस के मुताबिक, राहुल यादव हत्याकांड में आरोपितों की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में जसवंतनगर थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने अंशुल और सुखबीर को रोकने का प्रयास किया।
बताया गया कि पुलिस द्वारा रोके जाने पर दोनों आरोपितों ने टीम पर फायरिंग कर दी और मौके से निकलने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में दोनों आरोपितों के पैर में गोली लगने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
मुठभेड़ के बाद पुलिस टीम ने मौके की तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपितों के पास से दो तमंचे, चार जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा 2,120 रुपये की नकदी भी पुलिस ने बरामद की है। बरामद हथियारों और कारतूसों को कब्जे में लेकर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बर्थडे पार्टी से लौट रहे राहुल यादव की हुई थी हत्या
पुलिस के अनुसार, पूरा मामला राहुल यादव की हत्या से जुड़ा है। राहुल यादव अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी में शामिल होने के बाद वापस लौट रहा था। इसी दौरान उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपितों की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गईं।
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ ही उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। इसके अलावा संभावित आरोपितों की गतिविधियों पर भी नजर रखी गई। इसी जांच के दौरान पुलिस को अंशुल और सुखबीर के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
इसके बाद दोनों की तलाश तेज कर दी गई। पुलिस टीम लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही थी। इसी क्रम में वाहन चेकिंग के दौरान दोनों आरोपित पुलिस टीम के सामने आए। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
दोनों आरोपित पुलिस की गोली से घायल
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अंशुल और सुखबीर घायल हुए हैं। मुठभेड़ के बाद दोनों को पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया और उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस की निगरानी में दोनों का इलाज कराया जा रहा है। उपचार और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पुलिस ने मुठभेड़ से जुड़े घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। बरामद हथियारों और कारतूसों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि राहुल यादव की हत्या में इन हथियारों की क्या भूमिका थी और घटना के पीछे क्या कारण रहा।
हत्या के कारण और अन्य पहलुओं की जांच जारी
राहुल यादव की हत्या के मामले में पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान हत्या के कारण, घटना में शामिल अन्य लोगों और हथियारों की उपलब्धता समेत कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा सकती है। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि वारदात से पहले और बाद में आरोपित कहां-कहां गए थे।
फिलहाल पुलिस की ओर से हत्या के पीछे की वजह को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच पूरी होना जरूरी है। पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे साक्ष्यों और आरोपितों से पूछताछ के आधार पर आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
एसओजी और जसवंतनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई में थाना जसवंतनगर पुलिस के साथ एसओजी टीम भी शामिल रही। दोनों टीमों ने मिलकर राहुल यादव हत्याकांड के आरोपितों की तलाश की और वाहन चेकिंग के दौरान उन्हें पकड़ने में सफलता हासिल की।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ ही मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। बरामद तमंचों, कारतूसों और अन्य सामान को जांच में शामिल किया गया है। साथ ही पुलिस यह भी जांच करेगी कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल राहुल यादव की हत्या में हुआ था या नहीं।
इस बीच, घटना से जुड़े अन्य संभावित आरोपितों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने बरामद किया यह सामान
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अंशुल और सुखबीर के पास से कुल दो तमंचे बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही चार जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस मिले हैं। पुलिस ने 2,120 रुपये की नकदी भी बरामद की है।
बरामदगी के बाद पुलिस ने हथियारों और कारतूसों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, मुठभेड़ और गिरफ्तारी से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
आगे की कार्रवाई
राहुल यादव हत्याकांड में दो आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले की आगे की जांच में जुटी है। आरोपितों से पूछताछ, बरामद हथियारों की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाएं कि हत्या की वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
फिलहाल अंशुल और सुखबीर पुलिस की गिरफ्त में हैं और दोनों का उपचार कराया जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई के बाद राहुल यादव हत्याकांड की जांच में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। अब जांच के अगले चरण में हत्या के कारण और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी सामने आने की संभावना है।

