केसरगंज मस्जिद विवाद में पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के भाई राशिद अखलाक पर FIR, पुलिस की सख्त चेतावनी

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रिपोर्ट: मनीष पाराशर

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र में स्थित केसरगंज मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब पुलिस कार्रवाई के दौर में पहुंच गया है। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाते हुए कार्रवाई का दायरा भी विस्तृत किया है। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के पूर्व प्रत्याशी और पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के भाई राशिद अखलाक तथा अन्य के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 29 सितंबर को कथित तौर पर बिना प्रशासनिक अनुमति के जुलूस निकालने और नारेबाजी करने के मामले में की गई है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर जुलूस में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

बिना अनुमति जुलूस निकालने का आरोप

कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक शुभम सेंगर की तहरीर के आधार पर दर्ज मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि 29 सितंबर को राशिद अखलाक करीब 40 से 50 समर्थकों के साथ एकत्र हुए और बिना प्रशासनिक अनुमति के जुलूस निकाला गया। इस दौरान नारेबाजी किए जाने का भी आरोप है।

पुलिस का कहना है कि उस समय क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू थी। ऐसे में किसी भी प्रकार के जुलूस, प्रदर्शन अथवा भीड़ जुटाने के लिए प्रशासनिक अनुमति आवश्यक थी। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है।

हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है। इसलिए मुकदमे में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

हिंदूवादी नेताओं के बयान के बाद बढ़ा विवाद

केसरगंज मस्जिद को लेकर विवाद उस समय अधिक चर्चा में आया, जब हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी और उत्तराखंड प्रभारी ललित शर्मा का एक वीडियो सामने आया। इसमें केसरगंज मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की बात कही गई थी।

इसके बाद मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और राशिद अखलाक की ओर से इस ऐलान का विरोध किया गया। इसी दौरान राशिद अखलाक का भी एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते दिखाई दिए।

इसके बाद मामला पुलिस और प्रशासन की निगरानी में आ गया। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्कता बढ़ा दी।

एफआईआर के बाद सामने आया पुलिस पर कार्रवाई का आरोप

इस मामले में हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही के खिलाफ भी पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद उन्होंने प्रेसवार्ता की थी। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे एकतरफा कार्रवाई बताया था।

सचिन सिरोही की ओर से राशिद अखलाक के नेतृत्व में कथित तौर पर निकाले गए जुलूस का वीडियो भी पुलिस के सामने रखा गया और कार्रवाई की मांग की गई। इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध वीडियो और अन्य तथ्यों की जांच शुरू की।

अब पुलिस ने राशिद अखलाक और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इससे साफ है कि प्रशासन मामले में किसी भी पक्ष की गतिविधि को नजरअंदाज करने के बजाय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करने की कोशिश कर रहा है।

पुलिस ने दी सख्त चेतावनी

सीओ कोतवाली संग्राम सिंह के मुताबिक, केसरगंज क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को बिना प्रशासनिक अनुमति के भीड़ एकत्र करने, जुलूस निकालने और नारेबाजी करने के मामले में वायरल वीडियो के आधार पर राशिद अखलाक और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान वीडियो फुटेज की मदद से जुलूस में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने, माहौल बिगाड़ने या बिना अनुमति प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

संवेदनशील इलाके में बढ़ाई गई निगरानी

केसरगंज मस्जिद विवाद को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों पक्षों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले वीडियो और बयानों की भी निगरानी की जा रही है।

प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी अफवाह या विवादित बयान के कारण क्षेत्र की शांति प्रभावित न हो। इसी वजह से पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर भी निगरानी रखी जा रही है।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की है।

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