कानपुर के इटर्रा गांव में बिजली और जर्जर सड़कों की समस्या, ग्रामीणों ने तहसील में सौंपा ज्ञापन
रिपोर्ट – शुभम साहू
कानपुर: घाटमपुर के ग्राम पंचायत इटर्रा में बिजली आपूर्ति, जर्जर सड़कों और जल निकासी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने अधिकारियों से समाधान की मांग की है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण पहले बिजली विभाग के अधिकारियों के पास पहुंचे और गांव में लंबे समय से बनी विद्युत समस्या की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क, जलभराव और नाली निर्माण से जुड़ी समस्याओं को लेकर तहसील पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, बिजली से जुड़ी शिकायत पर विभागीय स्तर से तत्काल कार्रवाई की गई और खराब केबल को बदलने के बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई। वहीं, सड़कों और जल निकासी की समस्या के स्थायी समाधान की मांग अब भी बनी हुई है।
बिजली समस्या को लेकर एसडीओ कार्यालय पहुंचे ग्रामीण
गांव में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने के बाद ग्रामीणों ने मंगलवार को बिजली विभाग के एसडीओ कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली व्यवस्था प्रभावित होने से घरेलू कार्यों के साथ-साथ अन्य जरूरी गतिविधियों में भी परेशानी हो रही थी।
ग्रामीणों की शिकायत को विभागीय अधिकारियों ने गंभीरता से लिया। इसके बाद संबंधित जेई ने गांव में पहुंचकर विद्युत लाइन और केबल की स्थिति की जांच कराई। जांच के दौरान केबल में खराबी मिलने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद खराब केबल को बदलवाया गया। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद गांव की विद्युत आपूर्ति दोबारा सुचारु हो गई। बिजली बहाल होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और विभागीय कार्रवाई पर संतोष जताया।
बिजली के बाद सड़कों की समस्या को लेकर उठाई आवाज
विद्युत समस्या का समाधान होने के बाद ग्रामीणों ने गांव की दूसरी प्रमुख समस्याओं की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। इसके लिए ग्रामीण तहसील पहुंचे और सड़क, जलभराव तथा नाली निर्माण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों के तहसील पहुंचने के दौरान एसडीएम मौजूद नहीं थे। ऐसे में ग्रामीणों ने तहसीलदार ओम प्रकाश को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
ग्रामीणों ने बताया कि इटर्रा-बीहपुर मार्ग और रामलीला मैदान-पहेवा मार्ग लंबे समय से खराब स्थिति में हैं। दोनों मार्गों पर कई स्थानों पर गड्ढे होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।
गड्ढों के कारण आवागमन में परेशानी
ग्रामीणों के मुताबिक, खराब सड़कों के कारण पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क की स्थिति खराब होने के कारण रोजाना आने-जाने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।
वहीं, बारिश के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से कई जगह उनकी स्थिति स्पष्ट दिखाई नहीं देती। ऐसे में वाहन चालकों को परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव के लोगों के लिए ये मार्ग महत्वपूर्ण हैं और इनका उपयोग रोजाना आवागमन के लिए किया जाता है। इसलिए सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ स्थायी निर्माण की जरूरत है।
जलभराव से बढ़ रही परेशानी
ग्रामीणों ने सड़क की समस्या के साथ जल निकासी की व्यवस्था को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उनका कहना है कि गांव में पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों और रास्तों पर जमा हो जाता है।
कई स्थानों पर पक्की नालियां नहीं होने के कारण घरों और आसपास का पानी भी रास्तों पर बहता रहता है। इससे बारिश के दिनों में लोगों को जलभराव और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों ने कहा कि केवल सड़क निर्माण करा देने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। इसके साथ ही दोनों ओर उचित जल निकासी की व्यवस्था भी जरूरी है। इसलिए उन्होंने सड़कों के निर्माण के साथ पक्की नालियां बनवाने की मांग की है।
दोनों प्रमुख मार्गों के स्थायी निर्माण की मांग
तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने इटर्रा-बीहपुर मार्ग और रामलीला मैदान-पहेवा मार्ग का स्थायी निर्माण कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या का समाधान केवल अस्थायी मरम्मत से नहीं होगा।
उन्होंने मांग की कि सड़कों का गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए, ताकि लंबे समय तक लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर पक्की नालियों का निर्माण कराया जाए, जिससे बारिश और घरों से निकलने वाले पानी की उचित निकासी हो सके।
ग्रामीणों ने पहले कराए गए सड़क निर्माण कार्यों की जांच कराने की मांग भी रखी है। उनका कहना है कि यदि पहले सड़क निर्माण कराया गया था तो उसकी गुणवत्ता और वर्तमान स्थिति की भी जांच की जानी चाहिए।
अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों पर समय-समय पर की जाने वाली छोटी-मोटी मरम्मत से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। बारिश के बाद सड़क की स्थिति फिर खराब होने की शिकायत सामने आती है।
इसलिए ग्रामीणों ने प्रशासन से गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य कराने की मांग की है। उनके अनुसार, सड़क निर्माण के साथ जल निकासी की व्यवस्था होने पर बारिश के मौसम में होने वाली परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सड़क और नाली निर्माण से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि गांव में स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था में भी सुधार आएगा।
तहसीलदार ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
ग्रामीणों ने तहसीलदार ओम प्रकाश को अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार ने ग्रामीणों की शिकायतों और मांगों को सुना तथा उन्हें आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को संबंधित उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही नियमों के अनुसार समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही गई।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों पर संबंधित विभाग जल्द संज्ञान लेकर सड़क, नाली और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम उठाएंगे।
बिजली आपूर्ति बहाल होने से मिली राहत
इटर्रा गांव में मंगलवार को सामने आई समस्याओं में बिजली से जुड़ी शिकायत का समाधान विभागीय स्तर पर कर दिया गया। खराब केबल की जांच के बाद उसे बदलवाया गया और इसके बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो गई।
इससे ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सड़क और जल निकासी की समस्याओं का समाधान भी जल्द होना चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ सड़क और नाली निर्माण की मांग को प्राथमिकता से पूरा कराने की अपील की है।
ग्रामीणों को स्थायी समाधान का इंतजार
इटर्रा गांव में बिजली की समस्या फिलहाल दूर हो गई है, लेकिन जर्जर सड़क और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं का समाधान अभी प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि तहसील स्तर पर दिए गए ज्ञापन के बाद संबंधित विभाग मौके की स्थिति का निरीक्षण करेंगे।
कुल मिलाकर, कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र स्थित इटर्रा गांव में ग्रामीणों ने बिजली, सड़क और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया है। बिजली की खराब केबल बदलने के बाद आपूर्ति बहाल हो गई, जबकि इटर्रा-बीहपुर और रामलीला मैदान-पहेवा मार्ग के स्थायी निर्माण, पक्की नालियों और पूर्व सड़क कार्यों की जांच की मांग ग्रामीणों ने उठाई है।
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की ओर से होने वाली अगली कार्रवाई पर है। यदि सड़क और जल निकासी की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाता है तो इससे गांव के लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में काफी सुविधा मिल सकती है।

