मेरठ की रामलीला में हाईटेक तकनीक का संगम, 120 फीट के रावण और लेजर शो से सजेगा दशहरा

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रिपोर्ट – मनीष पराशर

मेरठ। इस बार मेरठ की रामलीला में परंपरा और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। शहर की प्रमुख रामलीला समितियों ने आगामी रामलीला और विजयादशमी महोत्सव की तैयारियां पूरी करने की दिशा में तेजी बढ़ा दी है। जीमखाना मैदान में होने वाली शहर रामलीला में जहां लेजर शो, साउंड-लाइट इफेक्ट्स और अत्याधुनिक मंच सज्जा आकर्षण का केंद्र रहेगी, वहीं दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में 120 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। दूसरी ओर, रजबन बाजार की रामलीला में ताड़का वध और रावण के मुख से अग्नि निकलने जैसे विशेष दृश्य दर्शकों को आकर्षित करेंगे।

श्री सनातन धर्म रक्षिणी सभा श्री रामलीला कमेटी मेरठ शहर और श्री रामलीला कमेटी रजबन बाजार की ओर से प्रेस वार्ता कर रामलीला और दशहरा महोत्सव की तैयारियों की जानकारी दी गई। शहर में रामलीला का शुभारंभ 9 अक्टूबर से होगा, जबकि रजबन बाजार में 11 अक्टूबर से मंचन शुरू किया जाएगा। वहीं, 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर रावण दहन और दशहरा मेले का आयोजन होगा।

जीमखाना मैदान में दिखेगा लेजर शो और भव्य मंच

जीमखाना मैदान में 9 से 19 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 7 बजे रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसके लिए करीब 104 फीट चौड़ा और 54 से 55 फीट ऊंचा मंच तैयार किया जा रहा है। मंच के पीछे दक्षिण भारतीय शैली का भव्य मंदिर बनाया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीराम की प्रतिमा विराजमान होगी।

रामलीला के प्रमुख प्रसंगों को आधुनिक तकनीक से प्रभावशाली बनाने की तैयारी है। धनुष भंग और भगवान श्रीराम-सीता विवाह के दृश्यों में लेजर तकनीक के साथ साउंड और लाइट इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए मुंबई और दिल्ली से तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाया गया है।

रामलीला का मंचन रोहिणी, दिल्ली की ‘रत्नाकर ड्रामेटिक आर्ट प्रोडक्शन’ के कलाकार करेंगे। निर्देशन राकेश रत्नाकर और सह-निर्देशन राहुल गुप्ता करेंगे। आयोजन समिति के अनुसार मंच और मेकअप स्थल को गंगाजल से शुद्ध किया जाएगा। कलाकारों के लिए सात्विक भोजन की व्यवस्था रहेगी। साथ ही मंच के आसपास प्याज और लहसुन का प्रयोग नहीं किया जाएगा।

बच्चों के लिए शुरू होगी ‘संस्कारशाला’

इस बार शहर रामलीला में बच्चों को भारतीय संस्कृति और रामायण से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष ‘संस्कारशाला’ शुरू की जा रही है। इसमें 3 से 12 वर्ष तक के बच्चों को रामायण के विभिन्न पात्रों के रूप में तैयार किया जाएगा। समिति की ओर से बच्चों को ड्रेस और मेकअप उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अलावा दर्शकों के लिए राम, सीता, हनुमान और रावण के सेल्फी प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। इससे रामलीला परिसर में बच्चों और परिवारों के लिए अलग तरह का आकर्षण देखने को मिलेगा।

120 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन

20 अक्टूबर को दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में विशाल दशहरा मेला आयोजित किया जाएगा। इस दौरान 120 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार रावण की आंखों से अंगारे निकलने और नाभि पर अग्नि प्रभाव के माध्यम से भगवान श्रीराम के तीर लगने का दृश्य विशेष तकनीकी प्रभावों के साथ प्रस्तुत किया जाएगा।

जीमखाना मैदान में बनाए जाने वाले अन्य पुतलों की ऊंचाई करीब 80 फीट रखी जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों के पहुंचने की संभावना है।

रजबन रामलीला में ताड़का वध रहेगा विशेष आकर्षण

उधर, श्री रामलीला कमेटी रजबन बाजार की ओर से श्री राम भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्ष राजेश यादव और मुख्य संरक्षक सुधीर रस्तोगी ने तैयारियों की जानकारी दी। यहां रामलीला का शुभारंभ 11 अक्टूबर से होगा।

रजबन की रामलीला में ताड़का वध का दृश्य इस बार विशेष आकर्षण रहेगा। आयोजन समिति के अनुसार मंच पर करीब 4 फीट की ताड़का का पात्र दिखाई देगा और विशेष मंचीय तकनीक के माध्यम से उसका रूप लगभग 20 फीट तक ऊंचा दिखाई देगा।

विजयादशमी के अवसर पर रावण के मुख से अग्नि निकलने का विशेष प्रभाव दिखाया जाएगा। इसके साथ ही रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। दशहरा मेले में विभिन्न टीमों के बीच आतिशबाजी का मुकाबला भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।

55 साल पुरानी है रजबन बाजार की रामलीला

रजबन बाजार की रामलीला करीब 55 वर्षों से आयोजित होती आ रही है। समिति पदाधिकारियों के अनुसार तीन पीढ़ियों से स्थानीय परिवारों के लोग रामलीला के अलग-अलग पात्रों का किरदार निभाते चले आ रहे हैं। यही कारण है कि इस आयोजन में पारिवारिक और स्थानीय सहभागिता की विशेष झलक देखने को मिलती है।

दशहरे के दिन रावण दहन देखने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग रजबन बाजार पहुंचते हैं। समिति के अनुसार रामलीला के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

8 अक्टूबर को निकलेगी महादेव की बारात

शहर रामलीला समिति की ओर से 8 अक्टूबर की शाम 5 बजे महादेव की बारात निकाली जाएगी। बारात बुढ़ाना गेट स्थित सनातन धर्म मंदिर से प्रारंभ होकर सुभाष बाजार, तहसील गुदड़ी बाजार, भजाजा सर्राफा, वैली बाजार, लाला का बाजार और शीशमहल होते हुए वापस पहुंचेगी। इसके मुख्य संयोजक अनिल गोल्डी होंगे।

शहर रामलीला के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और संस्कारों को समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस बार आधुनिक तकनीक, भव्य आयोजन और बच्चों के लिए संस्कारशाला जैसी पहल के जरिए नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया गया है। उन्होंने शहरवासियों से सपरिवार रामलीला और दशहरा महोत्सव में शामिल होने की अपील की।