बागपत जिला अस्पताल में महिला की मौत पर मुकदमा, CMS समेत तीन पर उपचार में लापरवाही का आरोप

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रिपोर्ट – हैदर मलिक

बागपत। किसान नेता की पत्नी की सांप के काटने के बाद जिला अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। मृतका के पति की ओर से लगाए गए उपचार में कथित लापरवाही के आरोपों के आधार पर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) अनुराग वार्ष्णेय, चिकित्सक डॉ. विक्रांत और फार्मासिस्ट मोहित त्यागी को मुकदमे में आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।

मामला बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, 4 नवंबर 2025 को किसान नेता प्रदीप धामा की पत्नी वर्षा उर्फ सुंदर देवी की जहरीले सांप के काटने के बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों में शोक का माहौल रहा। वहीं, अब मृतका के पति ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

पशुओं से संबंधित काम के दौरान सांप ने काटा

बताया गया कि वर्षा उर्फ सुंदर देवी घर में पशुओं से संबंधित कार्य कर रही थीं। इसी दौरान उन्हें सांप ने काट लिया। परिजनों को घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने के बाद महिला का उपचार शुरू किया गया, लेकिन उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

पति प्रदीप धामा का आरोप है कि उपचार के दौरान चिकित्सकों और अस्पताल स्टाफ की कथित लापरवाही के कारण महिला की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। इसके बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने उपचार व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और मामले की जांच की मांग की।

CMS समेत तीन लोगों पर मुकदमा

मृतका के पति की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने जिला अस्पताल के CMS अनुराग वार्ष्णेय, चिकित्सक डॉ. विक्रांत और फार्मासिस्ट मोहित त्यागी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और उपचार से संबंधित तथ्यों को जांच के दायरे में रखा गया है।

हालांकि, मुकदमा दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं माना जाता। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उपचार के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं। इसलिए मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और जांच रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उपचार से जुड़े दस्तावेजों की होगी जांच

पुलिस अब महिला के जिला अस्पताल पहुंचने से लेकर उपचार और मौत तक से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसके अलावा चिकित्सकीय रिकॉर्ड, अस्पताल में उपलब्ध उपचार संबंधी जानकारी और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को भी देखा जा रहा है।

जांच के दौरान यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि महिला को अस्पताल में किस स्थिति में लाया गया था, उनका प्राथमिक उपचार किस तरह किया गया और उपचार के दौरान कौन-कौन से चिकित्सकीय कदम उठाए गए। इसके साथ ही संबंधित अस्पताल कर्मियों की भूमिका और उपलब्ध रिकॉर्ड का भी परीक्षण किया जाएगा।

परिजनों ने उठाए उपचार व्यवस्था पर सवाल

मृतका के पति प्रदीप धामा का कहना है कि सांप के काटने के बाद उनकी पत्नी को उम्मीद थी कि जिला अस्पताल में समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बचाई जा सकेगी। हालांकि, उनकी स्थिति बिगड़ने के बाद मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने उपचार के तरीके और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए।

इसी क्रम में पुलिस को दी गई शिकायत में संबंधित चिकित्सकों और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने शिकायत को आधार बनाकर मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति

फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। अधिकारियों की ओर से उपचार से जुड़े दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

गौरतलब है कि सांप के काटने के मामलों में समय पर चिकित्सा सहायता महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे मामलों में अस्पताल पहुंचने के बाद उपचार की प्रक्रिया, मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय रिकॉर्ड घटना की वास्तविक स्थिति समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इस मामले में भी पुलिस द्वारा मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच अहम होगी।

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