मथुरा में OTS योजना का लाभ उठाएं, 100% ब्याज माफी के साथ जमा करें बकाया टैक्स: मुन्ना मलिक
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: उत्तर प्रदेश शासन की ओर से नगरीय निकायों के करदाताओं को राहत देने के लिए लागू की गई एकमुश्त समाधान योजना (OTS) को लेकर मथुरा-वृंदावन नगर निगम के वार्ड संख्या 31 के पार्षद मुन्ना मलिक ने नागरिकों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गृहकर, जलकर और सीवर कर का बकाया रखने वाले करदाता निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना मूल बकाया जमा कर ब्याज और सरचार्ज में मिलने वाली छूट का लाभ उठा सकते हैं।
पार्षद मुन्ना मलिक के अनुसार, यह योजना करदाताओं को पुराने बकाये का निस्तारण करने का अवसर देती है। उन्होंने वार्ड 31 के साथ-साथ मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र के सभी नागरिकों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपना पंजीकरण कराकर बकाया कर का भुगतान करें।
नगर निगम प्रशासन की ओर से भी योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक करदाता इसके प्रावधानों की जानकारी प्राप्त कर सकें।
क्या है एकमुश्त समाधान योजना
एकमुश्त समाधान योजना यानी OTS का उद्देश्य नगरीय निकायों के लंबित कर बकाये का समाधान करना है। इसके तहत पात्र करदाताओं को निर्धारित शर्तों के अनुसार बकाया मूलधन जमा करने पर ब्याज और सरचार्ज में राहत दी जा रही है।
पार्षद मुन्ना मलिक ने बताया कि योजना के तहत 1 अप्रैल 2026 तक के लंबित गृहकर, जलकर और सीवर कर पर लगाए गए ब्याज और सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान बताया गया है।
इससे ऐसे करदाताओं को राहत मिल सकती है, जिनके ऊपर लंबे समय से नगर निगम का कर बकाया है और ब्याज या सरचार्ज जुड़ने के कारण कुल देय राशि बढ़ गई है।
आवासीय और व्यावसायिक भवनों को भी मिलेगा लाभ
OTS योजना के तहत अलग-अलग श्रेणी के भवनों को शामिल किया गया है। इसमें आवासीय भवनों के साथ-साथ अनावासीय यानी व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाले भवन भी शामिल हैं।
इसका अर्थ है कि पात्रता और निर्धारित नियमों के अनुसार विभिन्न प्रकार के भवनों के करदाता योजना का लाभ उठा सकते हैं। ऐसे में नागरिकों को अपने भवन से संबंधित कर बकाये की जानकारी प्राप्त कर योजना की शर्तों के अनुसार भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
पार्षद ने कहा कि योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक करदाताओं को अपने पुराने बकाये का निस्तारण करने का अवसर देना है।
तीन किस्तों में जमा कर सकते हैं मूलधन
योजना में करदाताओं की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बकाया मूलधन को अधिकतम तीन किस्तों में जमा करने की सुविधा दी गई है।
करदाता निर्धारित नियमों के अनुसार अपनी बकाया मूल राशि को तीन माह के भीतर किस्तों में जमा कर सकते हैं। इससे उन लोगों को सुविधा मिल सकती है, जिन्हें एक साथ पूरी राशि जमा करने में कठिनाई हो रही है।
हालांकि, किस्तों में भुगतान करने वाले करदाताओं को निर्धारित समय और योजना की अन्य शर्तों का पालन करना होगा। इसलिए भुगतान से पहले नगर निगम की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी को ध्यान से समझना जरूरी है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की सुविधा
OTS योजना का लाभ लेने के लिए नागरिकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं। करदाता नगर निगम की अधिकृत वेबसाइट या OTS पोर्टल के माध्यम से घर बैठे आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
इसके अलावा, जो नागरिक ऑनलाइन प्रक्रिया का उपयोग नहीं करना चाहते या जिन्हें आवेदन में किसी तरह की सहायता की जरूरत है, वे नगर निगम के हेल्प डेस्क पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों के लिए योजना की प्रक्रिया को आसान बनाना है। नागरिक अपने बकाये से संबंधित जानकारी लेकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन और भुगतान कर सकते हैं।
14 नवंबर तक नए आवेदन का प्रावधान
पार्षद मुन्ना मलिक ने करदाताओं से समय सीमा का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। उनके अनुसार, योजना के तहत नए आवेदन 14 नवंबर 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे।
इसलिए जिन करदाताओं पर नगर निगम का गृहकर, जलकर या सीवर कर बकाया है, उन्हें आवेदन के लिए अंतिम समय का इंतजार नहीं करना चाहिए। समय रहते आवेदन करने से प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा हो सकती है।
इसके बाद योजना के तहत संपूर्ण प्रकरणों का अंतिम निस्तारण 15 दिसंबर 2026 तक किया जाना है।
15 दिसंबर के बाद योजना समाप्त होने की बात
योजना की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद बकायेदारों के मामलों में नगर निगम की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। पार्षद मुन्ना मलिक ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे योजना का लाभ उठाकर अपने पुराने कर बकाये का समय रहते निस्तारण करें।
उन्होंने कहा कि अंतिम समय में आवेदन और भुगतान करने के लिए भीड़ बढ़ सकती है। इसलिए नागरिकों को सुविधा के अनुसार जल्द प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
वहीं, निर्धारित समय सीमा के बाद योजना का लाभ उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में बकाया कर की वसूली नियमानुसार की जा सकती है।
शहर के विकास में करदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका
नगर निगम के लिए गृहकर, जलकर और सीवर कर जैसे स्थानीय कर राजस्व का महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं। इनसे प्राप्त राजस्व का उपयोग शहर में विभिन्न नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों से जुड़ी गतिविधियों में किया जाता है।
ऐसे में समय पर कर भुगतान करने से नगर निकाय की आय को मजबूत करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही नागरिकों को भी अपने कर संबंधी दायित्वों को पूरा करने का अवसर मिलता है।
पार्षद मुन्ना मलिक ने नागरिकों से अपील की कि वे OTS योजना को केवल बकाया निपटाने के अवसर के रूप में न देखें, बल्कि इसे अपने कर खाते को व्यवस्थित करने और नगर निगम के राजस्व में योगदान देने के अवसर के तौर पर भी लें।
वार्ड 31 के नागरिकों से विशेष अपील
वार्ड संख्या 31 के पार्षद मुन्ना मलिक ने अपने क्षेत्र के लोगों से विशेष रूप से अपील की है कि वे योजना की जानकारी प्राप्त करें और पात्र होने पर इसका लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों का गृहकर, जलकर या सीवर कर बकाया है, वे संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराकर बकाये की स्थिति स्पष्ट करें। इसके बाद OTS योजना के तहत उपलब्ध विकल्पों के अनुसार भुगतान किया जा सकता है।
साथ ही उन्होंने मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र के अन्य करदाताओं से भी समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया।
नगर निगम प्रशासन कर रहा प्रचार-प्रसार
योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम की ओर से भी लोगों तक जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। नगर आयुक्त ओजस्वी राज के दिशा-निर्देशन में योजना को नगर निगम क्षेत्र में लागू किए जाने की जानकारी दी गई है।
प्रशासन का प्रयास है कि पात्र करदाताओं को योजना की जानकारी समय रहते मिल सके और वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने बकाये का निस्तारण कर सकें।
इस तरह OTS योजना मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र के उन करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जिन पर पुराना गृहकर, जलकर या सीवर कर बकाया है। 100 प्रतिशत ब्याज और सरचार्ज छूट के प्रावधान, अधिकतम तीन किस्तों में मूलधन जमा करने की सुविधा और ऑनलाइन-ऑफलाइन आवेदन के विकल्प करदाताओं के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
पार्षद मुन्ना मलिक ने नागरिकों से अपील की है कि वे 14 नवंबर 2026 तक आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें और योजना की निर्धारित अवधि के भीतर अपने बकाये का निस्तारण कराएं। वहीं, संपूर्ण प्रकरणों के अंतिम निस्तारण की निर्धारित तिथि 15 दिसंबर 2026 है। करदाताओं को योजना की शर्तों की पुष्टि नगर निगम के अधिकृत माध्यम से कर लेने के बाद ही भुगतान प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

