बिजनौर में पहाड़ों की बारिश से बढ़ा जलस्तर, गंगा बैराज खतरे के निशान के करीब; कई मार्ग बंद
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिजनौर जिले में भी दिखाई देने लगा है। बारिश के कारण जिले की नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। गंगा बैराज के आसपास जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने से प्रशासन सतर्क हो गया है। वहीं, मालन नदी के उफान पर आने के कारण कई मार्गों पर पानी भर गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बढ़ापुर क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव से जुड़े आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए।
पहाड़ों की बारिश का बिजनौर में असर
बताया जा रहा है कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों में पानी बढ़ रहा है। इसका असर बिजनौर की नदियों और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। बारिश के साथ नदी का जलस्तर बढ़ने से कई स्थानों पर पानी सड़कों और संपर्क मार्गों तक पहुंच गया है।
गंगा बैराज के पास भी जलस्तर बढ़ने से प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है। गंगा बैराज खतरे के निशान के करीब बह रही है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों को सतर्क रहने की जरूरत है।
वहीं, मालन नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नदी का पानी आसपास के मार्गों तक पहुंचने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित
मालन नदी के उफान पर आने के बाद जिले के कई मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़क पर पानी भरने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई जगह पानी अधिक होने के बावजूद लोग मोटरसाइकिल और अन्य वाहनों से रास्ता पार करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से लोगों से जलभराव वाले मार्गों पर अनावश्यक आवागमन से बचने की अपील की जा सकती है, क्योंकि पानी का स्तर बढ़ने की स्थिति में रास्ते से गुजरना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
बारिश और जलभराव के कारण राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर लोगों को सुरक्षित रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।
चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग बंद
बाढ़ जैसे हालात के बीच चांदपुर क्षेत्र में भी स्थिति प्रभावित हुई है। चांदपुर के पांडव नगर चौकी क्षेत्र में पानी भरने की जानकारी सामने आई है। वहीं, जलभराव को देखते हुए चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग को बंद कर दिया गया है।
मार्ग बंद किए जाने से इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि लोगों को जलभराव वाले क्षेत्र में जाने से रोका जा सके।
मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी जरूर हो रही है, लेकिन जलस्तर बढ़ने की स्थिति में यातायात को नियंत्रित करना सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी माना जा रहा है।
पांडव नगर चौकी में भी जलभराव
चांदपुर के पांडव नगर चौकी क्षेत्र में पानी भरने से वहां भी स्थिति प्रभावित हुई है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण पानी चौकी परिसर तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
डीएम ने बढ़ापुर क्षेत्र का किया निरीक्षण
बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बढ़ापुर क्षेत्र में प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर जलभराव और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को राहत कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत रखने और लोगों की जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों की जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
नदियों का जलस्तर बढ़ने और मार्गों पर पानी भरने के बाद स्थानीय लोगों की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही से बचना जरूरी है।
विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को पानी भरे रास्तों पर जाने से पहले स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। पानी की गहराई और सड़क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर वाहन निकालना मुश्किल हो सकता है।
प्रशासन भी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति के अनुसार यातायात को नियंत्रित कर रहा है। जिन मार्गों पर पानी अधिक है, वहां आवाजाही रोकने या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की आवश्यकता हो सकती है।
किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों पर भी असर
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर का असर ग्रामीण क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
जलभराव के कारण ग्रामीण संपर्क मार्ग प्रभावित होने से बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में भी परेशानी हो सकती है। इसलिए प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों की निगरानी करना जरूरी है।
वहीं, किसानों के लिए भी बारिश और नदी के बढ़ते पानी की स्थिति चिंता का विषय बन सकती है। खेतों में पानी भरने से फसलों पर असर पड़ने की संभावना रहती है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन पानी कम होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
प्रशासन की राहत व्यवस्था पर नजर
जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के साथ राहत कार्यों की तैयारियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जरूरत पड़ने पर उन्हें सहायता उपलब्ध कराना है। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर भी नजर रखी जा रही है। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त इंतजाम किए जा सकते हैं।
गंगा बैराज पर निगरानी बढ़ी
गंगा बैराज पर जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के बाद इस क्षेत्र पर विशेष नजर रखी जा रही है। पहाड़ी इलाकों में बारिश जारी रहने की स्थिति में नदियों के जलस्तर में बदलाव हो सकता है।
इसी वजह से प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। लोगों को भी नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
बिजनौर में मौजूदा स्थिति बारिश की तीव्रता और नदियों के जलस्तर पर निर्भर करेगी। यदि बारिश कम होती है तो जलस्तर में राहत मिल सकती है, जबकि लगातार बारिश होने पर प्रशासन को अतिरिक्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।
फिलहाल कई क्षेत्रों में परेशानी
फिलहाल बिजनौर में पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। गंगा बैराज खतरे के निशान के करीब है, जबकि मालन नदी के उफान पर आने से कई मार्ग प्रभावित हुए हैं। चांदपुर-हस्तिनापुर मार्ग को बंद कर दिया गया है और पांडव नगर चौकी क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया जा रहा है और राहत कार्यों के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में लोगों से अपील है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और जलभराव वाले मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचें।
कुल मिलाकर, बिजनौर में लगातार बारिश के चलते नदी और जलस्तर की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। गंगा बैराज के आसपास बढ़ते जलस्तर और मालन नदी में पानी बढ़ने के कारण कई क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है। जिलाधिकारी जसजीत कौर के निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों को राहत कार्यों के निर्देश दिए गए हैं। अब बारिश की स्थिति और नदियों के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर सभी की नजर बनी हुई है।

