वंदे मातरम् मामले में सोनिया गांधी के खिलाफ याचिका स्वीकार, 8 सितंबर को विष्णु गुप्ता के बयान दर्ज होंगे

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Digital UP News Desk

गाजियाबाद: वंदे मातरम् गीत के कथित अपमान से जुड़े मामले में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद सोनिया गांधी के खिलाफ हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता की ओर से दाखिल याचिका पर मंगलवार को गाजियाबाद की एमपी-एमएलए/एसीजेएम द्वितीय अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता के बयान दर्ज करने के लिए 8 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। अब अगली सुनवाई में विष्णु गुप्ता अदालत के समक्ष अपना पक्ष और याचिका से संबंधित बयान दर्ज कराएंगे।

मामला स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा वंदे मातरम् गीत का गायन किया जा रहा था। इसी दौरान कथित तौर पर व्यवधान उत्पन्न हुआ। हिंदू सेना ने इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़ा विषय बताते हुए अदालत का रुख किया है।

अदालत ने याचिका स्वीकार कर अगली तारीख तय की

मंगलवार को मामले की सुनवाई मजिस्ट्रेट प्रणव त्रिपाठी की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राहुल तोमर ने अदालत के समक्ष मामले से जुड़े तथ्यों को रखा। अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए विष्णु गुप्ता के बयान दर्ज करने के लिए 8 सितंबर की तारीख तय की।

अधिवक्ता राहुल तोमर के अनुसार, अगली तारीख पर याचिकाकर्ता का बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद अदालत मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय ले सकती है। हालांकि, याचिका स्वीकार किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि मामले में लगाए गए आरोप अदालत द्वारा साबित मान लिए गए हैं। आगे की कार्यवाही में प्रस्तुत तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी।

क्या है पूरा मामला?

विष्णु गुप्ता की ओर से दाखिल याचिका के मुताबिक, 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा वंदे मातरम् का गायन किया जा रहा था। इसी दौरान कथित रूप से व्यवधान की बात सामने आई।

याचिकाकर्ता ने इस घटना को वंदे मातरम् के कथित अपमान से जोड़ते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसी आधार पर गाजियाबाद की एमपी-एमएलए/एसीजेएम द्वितीय अदालत में याचिका दाखिल की गई। मंगलवार को हुई सुनवाई में अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए आगे की प्रक्रिया के लिए 8 सितंबर की तारीख निर्धारित कर दी।

यह मामला सामने आने के बाद वंदे मातरम् को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हुई है। भाजपा से जुड़े कई नेताओं ने कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से इस विषय पर अलग-अलग नेताओं द्वारा अपनी प्रतिक्रियाएं दी गई हैं। ऐसे में अदालत में दाखिल याचिका के बाद इस विवाद को अब कानूनी प्रक्रिया के नजरिए से भी देखा जा रहा है।

8 सितंबर को दर्ज होंगे याचिकाकर्ता के बयान

अदालत द्वारा तय की गई अगली तारीख इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 8 सितंबर को विष्णु गुप्ता के बयान दर्ज किए जाएंगे। न्यायिक प्रक्रिया में याचिकाकर्ता का बयान मामले के तथ्यों और आरोपों को रिकॉर्ड पर लाने का एक महत्वपूर्ण चरण होता है।

इसके बाद अदालत उपलब्ध सामग्री और कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय कर सकती है। इसलिए फिलहाल मामले को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। अदालत की आगामी कार्यवाही के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।

सुनवाई के दौरान हिंदू सेना के पदाधिकारी रहे मौजूद

सुनवाई के दौरान हिंदू सेना से जुड़े कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दीप गर्ग, हर्षित त्यागी, जिलाध्यक्ष शिवम सिंघल, महामंत्री योगेश सिंघल और महानगर अध्यक्ष चिरायु गुप्ता समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी शामिल बताए गए हैं।

संगठन की ओर से इस मामले को राष्ट्रीय सम्मान और वंदे मातरम् के सम्मान से जुड़ा विषय बताया जा रहा है। हालांकि, अदालत में मामले की अंतिम स्थिति आगे होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

वंदे मातरम् को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज

वंदे मातरम् को लेकर विवाद के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिल रहे हैं। भाजपा के कई नेताओं ने कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेताओं पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस की तरफ से भी इस मुद्दे को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

दरअसल, वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और देशभक्ति की भावना से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत माना जाता है। इसलिए सार्वजनिक कार्यक्रमों में इसके गायन और सम्मान को लेकर सामने आने वाला कोई भी विवाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन जाता है।

मौजूदा मामले में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। एक तरफ जहां याचिकाकर्ता ने कथित व्यवधान को वंदे मातरम् के अपमान से जोड़कर अदालत का दरवाजा खटखटाया है, वहीं दूसरी तरफ मामले की वास्तविक कानूनी स्थिति अदालत में होने वाली आगे की सुनवाई से स्पष्ट होगी।

आगे की प्रक्रिया पर रहेगी नजर

अदालत द्वारा याचिका स्वीकार किए जाने के बाद अब सभी की नजर 8 सितंबर की सुनवाई पर है। इस दिन विष्णु गुप्ता के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद अदालत मामले में उपलब्ध तथ्यों और कानूनी पहलुओं की समीक्षा करते हुए आगे की प्रक्रिया तय कर सकती है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी मामला न्यायिक प्रक्रिया के शुरुआती चरण में है। इसलिए किसी भी पक्ष के आरोप या दावे को अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अदालत में बयान और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल, गाजियाबाद की अदालत द्वारा याचिका स्वीकार किए जाने और 8 सितंबर को बयान दर्ज करने की तारीख तय किए जाने से वंदे मातरम् से जुड़ा यह विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आने वाली सुनवाई में याचिकाकर्ता के बयान और अदालत की आगे की कार्रवाई इस मामले के लिए महत्वपूर्ण होगी।

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