Breaking – दिल्ली एयरपोर्ट पर दाऊद इब्राहिम का सहयोगी अख्तर मर्चेंट गिरफ्तार, तीन साल से था फरार – तुरंत पढ़ें हमारी खबर

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नई दिल्ली: विदेश में रहकर लंबे समय से कानून से बच रहे एक वांछित आरोपी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण सफलता मिलने की खबर सामने आई है। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के कथित पूर्व सहयोगी अख्तर मर्चेंट को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। 60 वर्षीय मर्चेंट पिछले करीब तीन वर्षों से फरार बताया जा रहा था और उसके खिलाफ महाराष्ट्र के मीरा रोड क्षेत्र में हुई फायरिंग तथा कथित जबरन वसूली के मामले में जांच चल रही थी।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, केंद्रीय एजेंसियों और महाराष्ट्र पुलिस की मीरा-भायंदर वसई-विरार पुलिस क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में मर्चेंट को विदेश से भारत लौटने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। इसके बाद उसे संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए जांच एजेंसियों को सौंपे जाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

तीन साल से फरार बताया जा रहा था अख्तर मर्चेंट

अख्तर मर्चेंट के खिलाफ वर्ष 2023 में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड स्थित काशीमीरा क्षेत्र में हुई एक घटना के संबंध में मामला दर्ज होने की जानकारी है। इस मामले में बेकरी पर फायरिंग और जबरन वसूली के आरोपों की जांच की जा रही थी।

घटना के बाद से मर्चेंट फरार बताया जा रहा था। जांच एजेंसियों को उसकी तलाश थी और उसके संभावित ठिकानों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही थी। इसके बाद, विदेश में उसकी मौजूदगी से संबंधित इनपुट मिलने पर एजेंसियों ने उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।

अब भारत लौटने के दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर उसकी गिरफ्तारी को जांच में महत्वपूर्ण प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर संयुक्त कार्रवाई

मर्चेंट की गिरफ्तारी केंद्रीय एजेंसियों और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के तहत होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि विदेश से भारत पहुंचने के बाद उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया।

जांच एजेंसियों के बीच समन्वय के चलते आरोपी की पहचान और उसकी यात्रा से संबंधित जानकारी पहले से जुटाई गई थी। इसी आधार पर, उसके भारत पहुंचते ही कार्रवाई की गई।

महाराष्ट्र पुलिस की मीरा-भायंदर वसई-विरार पुलिस क्राइम ब्रांच भी इस मामले की जांच से जुड़ी बताई जा रही है। आगे की कार्रवाई संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।

इंटरपोल ने जारी किया था रेड कॉर्नर नोटिस

मर्चेंट के खिलाफ इंटरपोल द्वारा इसी महीने की शुरुआत में रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। रेड कॉर्नर नोटिस के माध्यम से सदस्य देशों की पुलिस को किसी वांछित व्यक्ति की पहचान और संभावित गिरफ्तारी के संबंध में सूचना साझा की जाती है।

मर्चेंट के मामले में रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश का दायरा बढ़ गया था। वहीं, भारत लौटने पर दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई कार्रवाई से उसकी गिरफ्तारी संभव हुई।

हालांकि, रेड कॉर्नर नोटिस अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता। अंतिम रूप से आरोपों और मामले की स्थिति का निर्धारण संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।

2023 की फायरिंग और कथित वसूली मामले से जुड़ा है केस

अख्तर मर्चेंट के खिलाफ जिस मामले में कार्रवाई की गई है, वह वर्ष 2023 में मीरा रोड के काशीमीरा इलाके में हुई घटना से संबंधित बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एक बेकरी पर फायरिंग और जबरन वसूली से जुड़े मामले में उसका नाम सामने आया था।

इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया गया। इसी जांच में मर्चेंट का नाम भी सामने आने की बात कही गई है।

इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि कथित घटना में उसकी भूमिका क्या थी और वह अन्य आरोपियों के संपर्क में किस तरह था।

दाऊद इब्राहिम से कथित संबंध की भी जांच

जांच एजेंसियों के अनुसार, अख्तर मर्चेंट को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का कथित पूर्व सहयोगी बताया जाता है। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगे आरोपों और उसके आपराधिक संबंधों की पुष्टि कानूनी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही की जाती है।

मर्चेंट की गिरफ्तारी के बाद एजेंसियां उसके पुराने संपर्कों, विदेश में रहने की अवधि और कथित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर सकती हैं।

साथ ही, जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर सकती हैं कि वह पिछले कुछ वर्षों के दौरान किन लोगों के संपर्क में था और उसकी गतिविधियां किस प्रकार संचालित हो रही थीं।

विदेश में रहने के दौरान एजेंसियों की नजर

बताया जा रहा है कि मर्चेंट पिछले तीन वर्षों से भारत से बाहर रह रहा था। फरारी की अवधि में उसकी तलाश के लिए जांच एजेंसियों ने उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय माध्यमों का इस्तेमाल किया।

ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियां आरोपी की यात्रा, पहचान, पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी की पड़ताल करती हैं। इसी क्रम में, इंटरपोल के माध्यम से भी आरोपी के संबंध में जानकारी साझा की गई।

रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद संबंधित देशों की एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने में मदद मिलती है। हालांकि, किसी व्यक्ति को भारत लाने या उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक होता है।

अब आगे क्या होगी कार्रवाई?

दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद मर्चेंट के खिलाफ दर्ज मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर 2023 की घटना और उससे जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में जानकारी जुटा सकती हैं।

इसके साथ ही उसके विदेश में रहने, भारत से बाहर जाने और वापस लौटने से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है। इसके बाद, उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।

यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका सामने आती है, तो संबंधित एजेंसियां उसके संबंध में भी कार्रवाई कर सकती हैं।

गिरफ्तारी को जांच में अहम सफलता माना जा रहा

तीन साल से फरार बताए जा रहे आरोपी की भारत वापसी पर गिरफ्तारी को जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। खास तौर पर तब, जब उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका था।

मर्चेंट की गिरफ्तारी के बाद अब 2023 के मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मामले में लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।

फिलहाल एजेंसियों का ध्यान आरोपी से पूछताछ, मामले से जुड़े तथ्यों को जोड़ने और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने पर रहेगा।

दिल्ली एयरपोर्ट पर अख्तर मर्चेंट की गिरफ्तारी ने 2023 में मीरा रोड के काशीमीरा क्षेत्र में हुई कथित फायरिंग और जबरन वसूली के मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। मर्चेंट को दाऊद इब्राहिम का कथित पूर्व सहयोगी बताया गया है और वह पिछले करीब तीन वर्षों से फरार था।

केंद्रीय एजेंसियों और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद उसकी गिरफ्तारी हुई है। इंटरपोल द्वारा इस महीने की शुरुआत में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अंततः, अब जांच एजेंसियां मर्चेंट से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की जांच करेंगी।

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