मुरादाबाद में तेंदुए के हमले से दूसरी महिला की मौत, ग्रामीणों ने सुरक्षा और मुआवजे की मांग उठाई

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रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद 

मुरादाबाद: जिले के ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के बलिया गांव में तेंदुए के हमले की एक और घटना सामने आई है। चारा लेने गई करीब 50 वर्षीय महिला पर तेंदुए ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत होने की सूचना है। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में प्रभावी निगरानी और तेंदुओं की मौजूदगी का पता लगाकर आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

बताया जा रहा है कि बलिया गांव की महिला रोजमर्रा के काम के सिलसिले में चारा लेने गई थी। इसी दौरान तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग और पुलिस की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई।

इलाके में पहले भी हो चुकी है महिला की मौत

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, यह क्षेत्र तेंदुए की गतिविधियों को लेकर पहले से संवेदनशील बताया जा रहा है। इससे पहले संतोष नाम की एक महिला की भी तेंदुए के हमले में मौत होने की बात सामने आई थी। अब दूसरी महिला की मौत की सूचना के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुओं की मौजूदगी लगातार महसूस की जा रही है। उनका दावा है कि अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों पर तेंदुओं द्वारा हमला किया जा चुका है। हालांकि, इन घटनाओं से जुड़े सभी आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

वन विभाग ने कई तेंदुए पकड़े

लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच वन विभाग की ओर से तेंदुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया है। जानकारी के मुताबिक, अब तक छह तेंदुओं को पकड़े जाने की बात कही गई है। इसके बावजूद ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में अभी भी कई तेंदुए मौजूद हो सकते हैं।

ग्रामीणों की मांग है कि केवल तेंदुओं को पकड़ने तक अभियान सीमित न रखा जाए, बल्कि पूरे प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी की जाए। साथ ही ग्रामीणों को भी तेंदुए की गतिविधियों से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी और सावधानियों के बारे में जागरूक किया जाए।

घटना के बाद ग्रामीणों में चिंता

बलिया गांव में महिला की मौत की सूचना के बाद ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। खासकर खेतों और आसपास के खुले क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को लेकर परिवार चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चारा लेने, खेतों में काम करने और अन्य जरूरी कार्यों के लिए उन्हें घरों से बाहर निकलना पड़ता है।

ऐसे में तेंदुए की मौजूदगी की आशंका के बीच ग्रामीणों को अपनी रोजमर्रा की गतिविधियां जारी रखने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा, ग्रामीण वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

वन विभाग से नाराजगी की बात

घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी की बात भी सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई घटनाओं के बाद भी क्षेत्र में तेंदुओं की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

ग्रामीणों का दावा है कि विभाग की ओर से तेंदुओं को पकड़ने का अभियान चलाया गया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें इलाके में तेंदुओं की मौजूदगी की आशंका बनी हुई है। इसलिए वे अधिक प्रभावी और लगातार अभियान की मांग कर रहे हैं।

हालांकि, वन विभाग की ओर से तेंदुओं की वास्तविक संख्या, उनकी गतिविधियों और क्षेत्र में किए जा रहे अभियान की विस्तृत स्थिति आधिकारिक रूप से सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।

परिवार ने मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की

घटना के बाद मृतका के परिवार ने सरकार और प्रशासन के सामने आर्थिक सहायता की मांग रखी है। परिवार की ओर से एक बच्चे को सरकारी नौकरी देने और 20 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है।

परिवार का कहना है कि महिला की मौत से उनके सामने आर्थिक और पारिवारिक कठिनाइयां पैदा हो गई हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से परिवार को उचित सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

अब प्रशासन की ओर से परिवार को मिलने वाली सहायता और अन्य राहत संबंधी कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।

प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की जरूरत

लगातार सामने आ रही तेंदुए की घटनाओं को देखते हुए प्रभावित गांवों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी माना जा रहा है। वन विभाग की टीमें तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप, पिंजरे और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल कर सकती हैं।

इसी के साथ, ग्रामीणों को भी सलाह दी जा सकती है कि वे अकेले सुनसान या झाड़ियों वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और समूह में ही आवश्यक कार्यों के लिए बाहर निकलें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

हालांकि, किसी भी जंगली जानवर की मौजूदगी की सूचना मिलने पर ग्रामीणों को स्वयं उसे पकड़ने या उसके करीब जाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देनी चाहिए।

प्रशासन के सामने चुनौती

मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां प्रशासन और वन विभाग के लिए चुनौती बनी हुई हैं। एक ओर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़े नियमों के तहत कार्रवाई भी की जानी है।

ऐसे में विभाग को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से अभियान चलाना होगा। साथ ही, ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल प्राप्त करने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी।

घटना के बाद जांच और कार्रवाई जारी

बलिया गांव में हुई घटना के बाद पुलिस और वन विभाग की टीमों द्वारा आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। महिला की मौत के कारणों और घटना की परिस्थितियों से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

मामले में आगे की कार्रवाई प्रशासनिक और वन विभाग के स्तर पर की जाएगी। वहीं, ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल बलिया गांव की घटना ने एक बार फिर ठाकुरद्वारा क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन प्रभावित क्षेत्र में ठोस कदम उठाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके।