BREAKING – वाराणसी में दो गर्म समोसे की लड़ाई कोर्ट तक पहुंची, 5 महीने की दौड़ और अब 5 लोगों पर FIR!

cdcd7a41-639b-483f-b446-613be945c3b0

Digital UP News

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें गर्म समोसे को लेकर शुरू हुआ विवाद करीब पांच महीने बाद पुलिस कार्रवाई और फिर अदालत तक पहुंच गया। चौबेपुर थाना क्षेत्र के जाल्हूपुर बाजार में एक दुकान पर समोसा खाने पहुंचे अधिवक्ता और दुकानदार के बीच गर्म समोसा देने को लेकर कहासुनी हुई थी। मामला इतना आगे बढ़ा कि अधिवक्ता ने मारपीट और छिनैती का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की। आरोप है कि कार्रवाई के लिए उन्हें लंबे समय तक थाना और पुलिस कमिश्नर कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। इसके बाद अदालत का रुख किया गया।

अदालत के आदेश के बाद अब इस मामले में दुकानदार गुप्तेश्वर सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हो सकते हैं और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

ठंडा समोसा मिलने से शुरू हुआ विवाद

मामला फरवरी का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता शिवशंकर सिंह किसी काम से जाल्हूपुर बाजार पहुंचे थे। इसी दौरान वह एक दुकान पर समोसा खाने के लिए रुके। बताया गया कि उन्हें जो समोसा दिया गया, वह ठंडा था। इसके बाद उन्होंने दुकानदार से गर्म समोसा देने के लिए कहा।

यहीं से दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोप है कि गर्म समोसा मांगने पर दुकानदार की ओर से कथित तौर पर तंज कसते हुए कहा गया, “कलेक्टर हो क्या, जो तुम्हें गर्म समोसा दें?” इस टिप्पणी के बाद विवाद और बढ़ने का आरोप है।

मामले की शिकायत करने वाले अधिवक्ता के अनुसार, बात केवल कहासुनी तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके साथ मारपीट और छिनैती भी की गई। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में सामने आएगी।

पांच महीने तक कार्रवाई के लिए प्रयास

अधिवक्ता शिवशंकर सिंह का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। इसके बावजूद उन्हें तत्काल अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया।

बताया गया है कि अधिवक्ता करीब पांच महीने तक थाना और पुलिस कमिश्नर कार्यालय के चक्कर लगाते रहे। जब स्थानीय स्तर पर मामला आगे नहीं बढ़ा तो उन्होंने न्यायालय की शरण ली।

अदालत के समक्ष मामले से संबंधित तथ्यों और आरोपों को रखा गया। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस के सामने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने की जिम्मेदारी है।

दुकानदार समेत पांच लोगों पर मुकदमा

कोर्ट के आदेश के बाद चौबेपुर थाना क्षेत्र में दुकानदार गुप्तेश्वर सिंह समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

जांच के दौरान पुलिस घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा यदि घटनास्थल या आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग उपलब्ध है तो उसे भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और संबंधित साक्ष्यों का मिलान किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

यह भी महत्वपूर्ण है कि मुकदमा दर्ज होना किसी व्यक्ति के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं है। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।

मामूली विवाद ने लिया कानूनी मोड़

इस पूरे मामले की शुरुआत देखने में बेहद सामान्य विवाद से हुई थी। बाजार में खाने-पीने की दुकान पर ग्राहक और दुकानदार के बीच पसंद के मुताबिक सामान नहीं मिलने पर अक्सर कहासुनी हो जाती है। लेकिन इस मामले में गर्म समोसे को लेकर शुरू हुआ विवाद कथित मारपीट और छिनैती के आरोपों तक पहुंच गया।

इसके बाद मामला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तक गया और अंततः अदालत के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज हुई। यही वजह है कि वाराणसी का यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा में है।

शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप

अधिवक्ता शिवशंकर सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, समोसा गर्म देने की मांग के बाद विवाद बढ़ा और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने छिनैती का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से न्याय की मांग की।

हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की जांच अभी जारी है। ऐसे में घटना के संबंध में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच के परिणाम का इंतजार करना जरूरी होगा।

पुलिस की जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को एकत्र करेगी। घटना किस परिस्थिति में हुई, विवाद किस बात पर बढ़ा, मौके पर कौन-कौन मौजूद था और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, इन सभी बिंदुओं की जांच की जाएगी।

इसके अलावा, पुलिस शिकायतकर्ता और नामजद लोगों के बयान भी दर्ज कर सकती है। यदि घटना से संबंधित कोई इलेक्ट्रॉनिक या प्रत्यक्ष साक्ष्य मिलता है तो उसे भी विवेचना में शामिल किया जाएगा।

जांच पूरी होने के बाद पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। इस दौरान दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध प्रमाण महत्वपूर्ण होंगे।

जाल्हूपुर बाजार का मामला चर्चा में

वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र का जाल्हूपुर बाजार इस मामले के कारण चर्चा में है। स्थानीय लोगों के बीच भी घटना को लेकर अलग-अलग तरह की बातें सामने आ सकती हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर अभी पुलिस जांच ही मामले की स्थिति स्पष्ट करेगी।

फिलहाल अदालत के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज हो चुका है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। करीब पांच महीने पहले शुरू हुआ यह विवाद अब कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बन गया है।

आगे क्या होगा?

अब पुलिस मामले की विवेचना करेगी। शिकायत में लगाए गए मारपीट और छिनैती के आरोपों के संबंध में साक्ष्य जुटाए जाएंगे। इसके बाद जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मामले में नामजद लोगों का पक्ष भी जांच प्रक्रिया में सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

इस तरह, गर्म समोसा देने की मांग से शुरू हुआ विवाद अब अदालत के आदेश के बाद दर्ज मुकदमे तक पहुंच चुका है। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है।