आजमगढ़ में किशोरी को भगाने के मामले में POCSO और दुष्कर्म की बढ़ीं धाराएं, इस आरोपी को किया गया गिरफ्तार

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रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़: कंधरापुर थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, किशोरी की बरामदगी के बाद उसके बयान और शैक्षिक प्रमाण-पत्रों के आधार पर मामले की विवेचना में अतिरिक्त धाराएं जोड़ी गईं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को आजमगढ़ रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेलवे फाटक से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, मामले में पहले नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में किशोरी की बरामदगी और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर बीएनएस की धारा 64(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 को मुकदमे में जोड़ा गया। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

3 जुलाई को दर्ज हुई थी शिकायत

पुलिस के अनुसार, कंधरापुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के पिता ने 3 जुलाई 2026 को थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी नाबालिग बेटी को 30 जून को करीब दोपहर एक बजे राघवपुर निवासी विन्द्रेश चौहान बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।

शिकायत में कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता का भी आरोप लगाया गया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया और किशोरी की तलाश शुरू कर दी।

मामले में मुकदमा संख्या 168/2026 के तहत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस टीम ने किशोरी की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जांच आगे बढ़ाई।

18 अगस्त को बरामद हुई किशोरी

काफी प्रयास के बाद पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को किशोरी को बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद पुलिस ने नियमानुसार उसके बयान दर्ज किए और उसकी उम्र से संबंधित दस्तावेजों की जांच की।

पुलिस के अनुसार, किशोरी के बयान और उसके शैक्षिक प्रमाण-पत्रों का अवलोकन करने के बाद विवेचना में नए तथ्य सामने आए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 64(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 की बढ़ोतरी की गई।

नाबालिग से जुड़े मामलों में उम्र का निर्धारण महत्वपूर्ण होता है। इसलिए पुलिस ने शैक्षिक प्रमाण-पत्रों को भी जांच का हिस्सा बनाया। इसके बाद मामले की कानूनी धाराओं में बदलाव किया गया।

आरोपी की तलाश में जुटी थी पुलिस

धाराओं की बढ़ोतरी के बाद पुलिस ने मामले में वांछित आरोपी विन्द्रेश चौहान की तलाश तेज कर दी। पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी आजमगढ़ रेलवे स्टेशन के आसपास मौजूद हो सकता है।

इसके बाद पुलिस टीम ने संभावित स्थानों पर निगरानी और तलाश शुरू की। इसी क्रम में 18 अगस्त की सुबह करीब 9:15 बजे रेलवे फाटक, रेलवे स्टेशन आजमगढ़ के पास पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान विन्द्रेश चौहान, पुत्र स्वर्गीय द्विज चौहान, निवासी राघवपुर, थाना कंधरापुर, आजमगढ़, उम्र करीब 29 वर्ष के रूप में हुई है।

बरामदगी के बाद बदला मुकदमे का स्वरूप

इस मामले में किशोरी की बरामदगी के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया। पुलिस ने उसके बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले में नई धाराएं जोड़ीं।

पुलिस के मुताबिक, इसी प्रक्रिया के तहत बीएनएस की धारा 64(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 को मुकदमे में शामिल किया गया। अब जांच इन धाराओं के तहत भी आगे बढ़ाई जा रही है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मुकदमे में किसी धारा का जुड़ना आरोप की जांच का हिस्सा होता है। आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध होना अदालत की न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

नाबालिग से जुड़े मामले में पुलिस की कार्रवाई

नाबालिग से संबंधित मामलों में कानून के तहत विशेष प्रावधान लागू होते हैं। पॉक्सो एक्ट का उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना और ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया को निर्धारित करना है।

ऐसे मामलों में पुलिस को किशोरी की सुरक्षा, बयान और उम्र से संबंधित दस्तावेजों की जांच सहित कई पहलुओं पर काम करना होता है। कंधरापुर पुलिस ने भी किशोरी की बरामदगी के बाद उसके बयान और शैक्षिक प्रमाण-पत्रों के आधार पर आगे की कार्रवाई की।

पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

रेलवे स्टेशन के पास से हुई गिरफ्तारी

आरोपी की गिरफ्तारी आजमगढ़ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे फाटक से की गई। यह स्थान शहर के प्रमुख आवागमन वाले क्षेत्रों में शामिल है। पुलिस टीम ने यहां आरोपी को पकड़ने के बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी की।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया। पुलिस अब मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके संबंध में भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी

आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में कई अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह, उपनिरीक्षक नरेन्द्र विक्रम सिंह, कांस्टेबल अजय यादव, कांस्टेबल रामशरन और महिला कांस्टेबल नीतू सिंह शामिल थीं।

टीम ने आरोपी की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर निगरानी की और सूचना के आधार पर रेलवे स्टेशन क्षेत्र में कार्रवाई की।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में आगे की विवेचना जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परिवार की शिकायत के बाद शुरू हुई थी जांच

पूरे मामले की शुरुआत किशोरी के पिता की शिकायत से हुई थी। परिवार ने बेटी के लापता होने की जानकारी पुलिस को दी थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।

किशोरी की बरामदगी के बाद पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। इसके साथ ही उसकी उम्र से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। इसके बाद केस में नई धाराएं जोड़ी गईं और आरोपी की गिरफ्तारी की गई।

इस तरह पुलिस की कार्रवाई शिकायत से शुरू होकर किशोरी की बरामदगी और फिर आरोपी की गिरफ्तारी तक पहुंची।

आगे की जांच में सामने आएंगे तथ्य

फिलहाल पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। विवेचना के दौरान पुलिस घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों, बयानों और साक्ष्यों का परीक्षण करेगी।

किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर तय होता है। इसलिए फिलहाल आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को न्यायिक निर्णय से पहले अंतिम सत्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

पुलिस की ओर से भी मामले की जांच जारी रहने की बात कही गई है।

किशोरी की सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया महत्वपूर्ण

नाबालिग से जुड़े मामलों में सबसे महत्वपूर्ण पहलू पीड़ित की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच होता है। पुलिस द्वारा किशोरी की बरामदगी के बाद उसके बयान और उम्र से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई है।

इसके बाद मुकदमे में पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराएं जोड़ी गईं। अब मामले की आगे की प्रक्रिया अदालत और जांच एजेंसी के स्तर पर जारी रहेगी।

कुल मिलाकर, आजमगढ़ के कंधरापुर थाना क्षेत्र में किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। किशोरी की बरामदगी के बाद उसके बयान और शैक्षिक प्रमाण-पत्रों के आधार पर मुकदमे में धारा 64(1) बीएनएस तथा 3/4 पॉक्सो एक्ट जोड़े गए हैं। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई जारी है।

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