कानपुर में मिशन सेफ फ्यूचर अभियान में दिखी तेज रफ्तार, 21 स्कूल वाहनों का चालान और 3 वाहन किए सीज

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रिपोर्ट – सर्वेश शर्मा 

कानपुर: स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान के तहत कानपुर में परिवहन विभाग ने व्यापक जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में नियमों का उल्लंघन करने वाले 21 स्कूल वाहनों का चालान किया गया, जबकि 3 वाहनों को सीज कर दिया गया।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्कूल वाहनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित कराना और बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से समय रहते सभी आवश्यक दस्तावेजों और वाहनों की फिटनेस अद्यतन कराने की अपील भी की है।

1 से 15 जुलाई तक चल रहा है विशेष अभियान

उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के निर्देश पर प्रदेशभर में 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक विशेष अभियान ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ संचालित किया जा रहा है।

इस अभियान के तहत सभी जिलों में स्कूल वाहनों की गहन जांच की जा रही है। परिवहन विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि स्कूलों में संचालित वाहन फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र तथा अन्य निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

आरटीओ प्रवर्तन ने स्वयं संभाली अभियान की कमान

कानपुर में अभियान का नेतृत्व आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने प्रवर्तन टीम और पुलिस बल के साथ पनकी क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया।

जांच के दौरान स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों के दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। साथ ही वाहनों की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा उपकरणों और संचालन संबंधी आवश्यकताओं की भी जांच की गई।

21 वाहनों का चालान, 3 वाहन किए गए सीज

अभियान के दौरान जिन वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, उनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

परिवहन विभाग के अनुसार कुल 21 वाहनों का चालान किया गया, जबकि गंभीर अनियमितता मिलने पर 3 वाहनों को सीज कर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

स्कूल प्रबंधकों को दी गई सात दिन की मोहलत

आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि कानपुर मंडल के सभी स्कूल प्रबंधकों को सात दिनों का समय दिया गया है ताकि वे अपने स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों को वैध करा लें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद यदि कोई वाहन नियमों के विपरीत संचालित पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध चालान के साथ-साथ सीज की कार्रवाई भी की जाएगी।

बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

अधिकारियों ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि कोई स्कूल वाहन तकनीकी रूप से फिट नहीं है या उसके पास वैध परमिट नहीं है, तो वह सड़क पर चलने योग्य नहीं माना जा सकता।

इसी कारण सरकार ने सभी जिलों में स्कूल वाहनों की विशेष जांच के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके।

पोर्टल के आंकड़ों से सामने आई स्थिति

परिवहन विभाग के अनुसार इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल के आंकड़ों में यह पाया गया है कि प्रदेश में हजारों स्कूल वाहनों की फिटनेस और परमिट समय पर नवीनीकृत नहीं कराए गए हैं।

इसी आधार पर संबंधित स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग द्वारा फोन, लिखित सूचना और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से भी उन्हें समय रहते दस्तावेज पूरे करने के लिए सचेत किया जा रहा है।

सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य

परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल वाहन केवल परिवहन का माध्यम नहीं होते, बल्कि उनमें बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है।

इसलिए प्रत्येक स्कूल वाहन में नियमित फिटनेस परीक्षण, वैध परमिट, बीमा, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार किट, निर्धारित सीट व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना आवश्यक है।

अभिभावकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका

अभियान से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों को भी समय-समय पर यह जानकारी लेनी चाहिए कि जिस वाहन से उनका बच्चा स्कूल आता-जाता है, वह निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कर रहा है या नहीं।

यदि किसी वाहन में गंभीर तकनीकी कमी या सुरक्षा संबंधी समस्या दिखाई देती है, तो इसकी जानकारी स्कूल प्रशासन या संबंधित परिवहन विभाग को दी जा सकती है।

संयुक्त रूप से चला अभियान

इस विशेष अभियान में परिवहन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की।

प्रवर्तन अभियान के दौरान एआरटीओ प्रवर्तन तृतीय सोमलता यादव, पीटीओ दीपक सिंह तथा पनकी पुलिस की टीम भी मौजूद रही। सभी अधिकारियों ने समन्वय के साथ जांच अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिशन सेफ फ्यूचर केवल एक औपचारिक अभियान नहीं है, बल्कि यह बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की व्यापक पहल का हिस्सा है।

आने वाले दिनों में भी विभिन्न क्षेत्रों में स्कूल वाहनों की जांच जारी रहेगी। नियमों का पालन करने वाले संस्थानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, जबकि अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कानपुर में मिशन सेफ फ्यूचर अभियान के तहत 21 स्कूल वाहनों का चालान और 3 वाहनों को सीज किया जाना यह दर्शाता है कि परिवहन विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। सरकार का उद्देश्य स्कूल वाहनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित कराना और दुर्घटनाओं की आशंका को न्यूनतम करना है।

अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधनों को समय रहते फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक दस्तावेजों को अद्यतन कराने की सलाह दी है। यदि सभी संबंधित पक्ष नियमों का पालन करते हैं, तो बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।

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