कानपुर में छात्र से मारपीट, पिता ने पुलिस और प्रबंधन से लगाई न्याय की गुहार – जानिए कौन सा है स्कूल

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रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा 

कानपुर: शहर के साकेत नगर स्थित लिटिल मिलेनियम स्कूल में पढ़ने वाले एक छात्र के साथ कथित तौर पर मारपीट का मामला सामने आया है। छात्र के पिता कुंदन सिंह का आरोप है कि विद्यालय परिसर में कुछ बच्चों ने उनके बेटे ब्रजराज सिंह के साथ मारपीट की, जिससे उसके शरीर पर चोटें आईं। घटना के बाद पिता ने स्कूल प्रबंधन से मामले की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने उचित जानकारी देने के बजाय मामले को समाप्त करने का दबाव बनाया।

कुंदन सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे की सुरक्षा और घटना की निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस से भी शिकायत की है। उनके मुताबिक, जूही थाने में लिखित शिकायत दिए जाने के बावजूद शिकायत के तीन दिन बाद तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि, पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

स्कूल से बच्चे को लेने पहुंचे पिता

बताया गया कि ब्रजराज सिंह, कुंदन सिंह का पुत्र है और साकेत नगर स्थित लिटिल मिलेनियम स्कूल में पढ़ता है। घटना वाले दिन जब उसके पिता उसे स्कूल से लेने पहुंचे तो उन्होंने बच्चे के शरीर पर चोट के निशान देखे।

बच्चे की हालत देखकर पिता ने स्कूल के शिक्षकों से घटना के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया। कुंदन सिंह के अनुसार, उन्हें विद्यालय की ओर से घटना को लेकर संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन के सामने अपनी शिकायत रखी।

पिता का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल यह जानना था कि उनके बच्चे के साथ क्या हुआ और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए विद्यालय की ओर से क्या कदम उठाए जाएंगे।

बच्चे को बुली किए जाने का आरोप

कुंदन सिंह ने अपने बेटे के साथ मारपीट के अलावा उसे कथित तौर पर बुली किए जाने की बात भी स्कूल प्रबंधन के सामने रखी। उन्होंने प्रबंधन से मामले की जांच कर जिम्मेदार बच्चों और संबंधित परिस्थितियों के बारे में जानकारी देने तथा आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

उनका कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा विद्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि किसी छात्र के साथ मारपीट या लगातार परेशान किए जाने की शिकायत सामने आती है तो उसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।

हालांकि, यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि घटना वास्तव में किस परिस्थिति में हुई और इसमें कितने बच्चे शामिल थे। इसके लिए विद्यालय स्तर पर जांच के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर पुलिस जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

स्कूल प्रबंधन पर दबाव बनाने का आरोप

छात्र के पिता ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने घटना को लेकर प्रबंधन से शिकायत की तो उन्हें मामले को आगे न बढ़ाने के लिए दबाव महसूस हुआ। पिता का आरोप है कि प्रबंधन की ओर से उन्हें डराने और धमकाने की कोशिश की गई तथा मामले को वहीं समाप्त करने के लिए कहा गया।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। स्कूल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

ऐसे मामलों में दोनों पक्षों की बात सामने आना जरूरी होता है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी तय की जा सके।

जूही थाने में दी लिखित शिकायत

कुंदन सिंह के मुताबिक, स्कूल प्रबंधन से संतोषजनक समाधान नहीं मिलने के बाद उन्होंने जूही थाने में लिखित शिकायत दी। उनका कहना है कि शिकायत के माध्यम से पुलिस को बच्चे के साथ हुई कथित मारपीट और स्कूल स्तर पर कार्रवाई नहीं होने की जानकारी दी गई।

पिता का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के तीन दिन बाद तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, पुलिस की ओर से इस शिकायत पर क्या प्रक्रिया अपनाई गई है, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा शिकायत की जांच, संबंधित लोगों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

बच्चे की सुरक्षा को लेकर परिवार चिंतित

घटना के बाद छात्र के पिता अपने बच्चे की सुरक्षा और मानसिक स्थिति को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि कम उम्र के बच्चों के साथ होने वाली मारपीट या लगातार परेशान किए जाने की घटनाएं उनके आत्मविश्वास और पढ़ाई पर असर डाल सकती हैं।

इसी कारण उन्होंने विद्यालय से मामले को गंभीरता से लेने और बच्चे के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाला प्रत्येक बच्चा बिना डर के शिक्षा प्राप्त कर सके, यह सुनिश्चित करना जरूरी है।

वहीं, बच्चों के बीच होने वाले किसी भी विवाद को समय रहते समझना और उचित तरीके से सुलझाना भी विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी का हिस्सा है।

स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा जरूरी

स्कूल बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनके सामाजिक और भावनात्मक विकास का भी महत्वपूर्ण स्थान होते हैं। इसलिए विद्यालय परिसर में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।

यदि किसी छात्र के साथ मारपीट, उत्पीड़न या बुली किए जाने की शिकायत सामने आती है, तो विद्यालय को मामले की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। साथ ही बच्चे और उसके अभिभावकों को शिकायत के संबंध में उचित जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

इसके अलावा, विद्यालयों में बच्चों के बीच आपसी व्यवहार, अनुशासन और सम्मान को लेकर नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। इससे विवाद की स्थिति को बढ़ने से पहले ही नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

अभिभावक चाहते हैं निष्पक्ष जांच

छात्र के पिता कुंदन सिंह का कहना है कि वह किसी के खिलाफ व्यक्तिगत कार्रवाई की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी की गलती सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

उनकी प्राथमिकता अपने बेटे की सुरक्षा और भविष्य है। वह चाहते हैं कि बच्चा दोबारा किसी ऐसी परिस्थिति का सामना न करे और विद्यालय में उसे सुरक्षित वातावरण मिले।

पिता ने पत्रकारों और सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी शिकायत को सामने रखा है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों तक उनकी बात पहुंचे और मामले की निष्पक्ष सुनवाई हो।

मामले में आधिकारिक पक्ष का इंतजार

फिलहाल इस पूरे मामले में छात्र के पिता की ओर से लगाए गए आरोप सामने आए हैं। स्कूल प्रबंधन की ओर से घटना, कथित मारपीट और पिता द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इसी तरह पुलिस की ओर से भी शिकायत पर अब तक की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए आधिकारिक जांच और दोनों पक्षों का बयान महत्वपूर्ण होगा।

यदि शिकायत की जांच में मारपीट या बुली किए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि आरोपों में तथ्य नहीं पाए जाते हैं तो जांच के निष्कर्ष से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत

साकेत नगर के स्कूल से सामने आया यह मामला बच्चों की सुरक्षा और विद्यालयों में शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण सवाल उठाता है। अभिभावकों को भरोसा होना चाहिए कि उनके बच्चे स्कूल परिसर में सुरक्षित हैं और किसी समस्या की स्थिति में उनकी शिकायत को गंभीरता से सुना जाएगा।

इस मामले में भी जरूरी है कि विद्यालय प्रबंधन और पुलिस शिकायत की निष्पक्षता से जांच करें। साथ ही बच्चे की सुरक्षा और पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका भी ध्यान रखा जाए।

कुल मिलाकर, साकेत नगर के लिटिल मिलेनियम स्कूल में छात्र के साथ कथित मारपीट के मामले में पिता ने न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और स्कूल प्रबंधन की प्रतिक्रिया पर है। यदि घटना से जुड़े आरोप सही पाए जाते हैं तो उचित कार्रवाई के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि भविष्य में किसी अन्य बच्चे को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

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