मथुरा-वृंदावन में पर्यटकों को गाइड करेंगे स्थानीय युवा, 31 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन – आगे की जानकारी के लिए पढ़ें यह खबर

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा/लखनऊ: ब्रज की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं तक प्रमाणिक तरीके से पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने नई पहल शुरू की है। वाराणसी और अयोध्या के बाद अब मथुरा-वृंदावन में भी स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित गाइड तैयार किए जाएंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के पर्यटन प्रबंध संस्थान की ओर से लोकल लेवल गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे स्थानीय युवाओं को तैयार करना है, जो मथुरा-वृंदावन आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को यहां के धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के बारे में व्यवस्थित एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध करा सकें। इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।

ब्रज की विरासत से परिचित कराएंगे स्थानीय गाइड

मथुरा और वृंदावन देश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में शामिल हैं। यहां वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि और ब्रज की धार्मिक परंपराओं से जुड़े विभिन्न स्थलों को देखने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी लोग आते हैं।

ऐसे में पर्यटकों को स्थानीय धार्मिक परंपराओं, इतिहास, संस्कृति और प्रमुख स्थलों की सही जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग ने स्थानीय स्तर पर गाइड तैयार करने की योजना बनाई है।

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद चयनित अभ्यर्थी संबंधित क्षेत्रों में स्थानीय स्तर के गाइड के रूप में कार्य कर सकेंगे। वे पर्यटकों और श्रद्धालुओं को प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ उनके भ्रमण को सुगम बनाने में भी सहयोग करेंगे।

आठ सप्ताह का होगा प्रशिक्षण

लोकल लेवल गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम की कुल अवधि आठ सप्ताह निर्धारित की गई है। इसमें छह सप्ताह का सैद्धांतिक प्रशिक्षण और दो सप्ताह का स्थानीय स्तर पर प्रायोगिक प्रशिक्षण शामिल होगा।

सैद्धांतिक प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को पर्यटन से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर गाइड की भूमिका और पर्यटकों के साथ व्यवहार से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की जाएगी।

इसके बाद दो सप्ताह का प्रायोगिक प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर कराया जाएगा। इस दौरान अभ्यर्थियों को वास्तविक पर्यटन स्थलों के संदर्भ में गाइड के कार्य और जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिलेगा।

गाइड कार्य से जुड़े नियम भी पढ़ाए जाएंगे

प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल धार्मिक और ऐतिहासिक जानकारी तक सीमित नहीं रहेगा। अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों से संबंधित गाइड कार्य की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी।

इसके अलावा स्थानीय निकायों की सीमा में गाइड की भूमिका क्या होगी, इसके बारे में भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारकों और भवनों में गाइड कार्य से जुड़े निर्धारित नियमों की जानकारी भी अभ्यर्थियों को दी जाएगी।

इससे प्रशिक्षित गाइड पर्यटकों को जानकारी देने के साथ-साथ संबंधित स्थलों के नियमों और व्यवस्थाओं का भी बेहतर तरीके से पालन करा सकेंगे।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए उत्तर प्रदेश के पात्र अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

इसके अलावा अभ्यर्थी की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। आवेदन के साथ तहसीलदार द्वारा जारी निवास प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना भी अनिवार्य होगा।

इस प्रकार स्थानीय स्तर पर रहने वाले योग्य युवा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में अपने लिए नए अवसर तलाश सकते हैं।

प्रवेश परीक्षा के बाद होगा चयन

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अभ्यर्थियों का चयन सीधे नहीं किया जाएगा। इसके लिए पहले प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रवेश परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को आगे काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

प्रवेश परीक्षा और काउंसिलिंग के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों को आठ सप्ताह का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि प्रशिक्षण में ऐसे अभ्यर्थी शामिल हों, जो पर्यटन क्षेत्र में गाइड के रूप में कार्य करने के लिए उपयुक्त हों।

आवेदन शुल्क और प्रशिक्षण शुल्क निर्धारित

लोकल लेवल गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं, चयनित अभ्यर्थियों के लिए प्रशिक्षण शुल्क 10,500 रुपये रखा गया है।

खास बात यह है कि महिला अभ्यर्थियों के लिए प्रशिक्षण निःशुल्क रहेगा। इससे अधिक संख्या में महिलाओं को पर्यटन क्षेत्र से जोड़ने और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

पर्यटन विभाग की यह पहल स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास के साथ-साथ पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

31 अगस्त तक जमा करना होगा आवेदन

इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है।

आवेदन प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन करना अनिवार्य बताया गया है। अभ्यर्थी संस्था की वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।

इसके अलावा ऑफलाइन आवेदन पत्र मा. कांशीराम पर्यटन प्रबंध संस्थान, विनहट–मल्हौर रेलवे स्टेशन रोड, विकल्प खंड-2, गोमती नगर, लखनऊ-226010 से किसी कार्यदिवस में प्राप्त किया जा सकता है।

ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन के लिए पर्यटन प्रबंध संस्थान की वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों से संबंधित जानकारी भी संस्था की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।

ऑनलाइन आवेदन के साथ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑफलाइन आवेदन जमा करना भी जरूरी है। इसलिए अभ्यर्थियों को आवेदन की अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

आवेदन या प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित अधिक जानकारी के लिए 9455804853 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

मथुरा-वृंदावन के पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

मथुरा-वृंदावन में स्थानीय गाइड तैयार होने से यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को स्थानीय विरासत के बारे में बेहतर जानकारी मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षित गाइड धार्मिक स्थलों के साथ-साथ क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और परंपराओं से भी पर्यटकों को परिचित करा सकेंगे।

इसके अलावा स्थानीय युवाओं को पर्यटन क्षेत्र से जोड़ने से रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

ब्रज क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को व्यवस्थित तरीके से पर्यटकों तक पहुंचाने में प्रशिक्षित स्थानीय गाइड महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

युवाओं के लिए पर्यटन क्षेत्र में अवसर

पर्यटन विभाग की यह पहल केवल गाइड प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन क्षेत्र की कार्यप्रणाली समझाने का भी अवसर प्रदान करेगी। आठ सप्ताह के प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों तरह की जानकारी मिलेगी।

इससे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा भविष्य में पर्यटकों के साथ बेहतर संवाद कर सकेंगे और उन्हें संबंधित स्थलों के बारे में प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने में सक्षम होंगे।

कुल मिलाकर, मथुरा-वृंदावन में लोकल लेवल गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम ब्रज की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने और स्थानीय युवाओं को पर्यटन क्षेत्र से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थियों के पास आवेदन करने के लिए 31 अगस्त 2026 तक का समय है।

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