कानपुर नगर निगम में सफाई मजदूर संघ ने 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा, समस्याओं के समाधान की उठाई मांग

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ (शाखा कानपुर) ने नगर निगम परिसर स्थित नर्सरी परिसर, मोतीझील में विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर नगर आयुक्त को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। संगठन का कहना है कि आउटसोर्सिंग, संविदा, दैनिक वेतनभोगी, नियमित एवं स्थायी कर्मचारियों से जुड़ी कई लंबित समस्याओं का समयबद्ध समाधान आवश्यक है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका उद्देश्य कर्मचारियों के अधिकारों और कार्यस्थल से जुड़ी मूलभूत समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखना है, ताकि वार्ता के माध्यम से समाधान निकाला जा सके।

नगर आयुक्त को सौंपा गया 11 सूत्रीय मांगपत्र

शनिवार को उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ 4845, शाखा कानपुर के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने नगर निगम परिसर में एकत्र होकर नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कर्मचारियों से संबंधित 11 प्रमुख मांगों का उल्लेख किया गया। संगठन का कहना है कि इन मांगों में सेवा संबंधी सुविधाएं, कार्य परिस्थितियों में सुधार, लंबित समस्याओं का समाधान तथा कर्मचारियों के हितों से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल हैं।

संघ ने प्रशासन से अनुरोध किया कि इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लिया जाए।

विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों की समस्याएं उठाईं

संगठन ने बताया कि मांगपत्र केवल एक वर्ग के कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नगर निगम के अंतर्गत कार्यरत आउटसोर्सिंग, संविदा, दैनिक वेतनभोगी, नियमित और स्थायी कर्मचारियों की समस्याओं को शामिल किया गया है।

प्रतिनिधियों का कहना था कि सभी कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों में सुधार और लंबित मामलों के समाधान से नगर निगम की कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।

समय पर समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन के माध्यम से संघ ने प्रशासन को यह भी अवगत कराया कि यदि कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलनात्मक कार्यक्रम शुरू करने पर विचार करेगा।

हालांकि संघ ने स्पष्ट किया कि उसकी पहली प्राथमिकता प्रशासन के साथ संवाद और सकारात्मक समाधान है। आंदोलन का निर्णय केवल तब लिया जाएगा, जब वार्ता के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

कर्मचारियों के हितों की रक्षा पर जोर

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि नगर निगम के कर्मचारी शहर की स्वच्छता व्यवस्था और नागरिक सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनके कार्यस्थल की समस्याओं और सेवा संबंधी मुद्दों का समय पर समाधान होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि शहर की सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

संवाद के माध्यम से समाधान की उम्मीद

सफाई मजदूर संघ ने प्रशासन से सकारात्मक वार्ता की अपेक्षा जताई है। संगठन का कहना है कि यदि प्रशासन समय पर कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मांगों पर विचार करेगा, तो अधिकांश समस्याओं का समाधान आपसी सहमति से निकाला जा सकता है।

श्रम विशेषज्ञ भी मानते हैं कि श्रमिक संगठनों और प्रशासन के बीच नियमित संवाद औद्योगिक और संस्थागत संबंधों को बेहतर बनाने में सहायक होता है।

शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई मांगें

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा संविधान और श्रम कानूनों की भावना के अनुरूप की जानी चाहिए।

साथ ही उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो।

बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अश्वनी कुमार (प्रांतीय महासचिव), बृजलाल भारतीय (जिला महामंत्री), मुकेश वाल्मीकि, राजेंद्र कुमार, राकेश परिहार (प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य), संतीश समुद्र (नगर महामंत्री), किशोर कुमार (जिलाध्यक्ष), अनिल कुमार (मंडल उपाध्यक्ष), राज खन्ना (मीडिया प्रभारी), ज्ञान भारती, रमेश बैरीवाल, अरुण कुमार, घनश्याम, बैजू भारतीय, प्रमोद (कोषाध्यक्ष), प्रिंस, राजेश बक्सी, राजू, आकाश दीप, नीरज, सुरेश, कमल परिहार, मीनू मकोरिया, गोमा शिवराज, मधुपिया, गुडिश तथा उमाशंकर (बउआ) सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

सभी ने कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में अपनी एकजुटता दिखाई।

श्रमिक संगठनों की भूमिका

विशेषज्ञों के अनुसार श्रमिक संगठन कर्मचारियों और प्रशासन के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं। इनके माध्यम से कर्मचारी अपनी समस्याएं संगठित रूप से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं।

यदि दोनों पक्ष नियमित संवाद बनाए रखें, तो अधिकांश विवादों और समस्याओं का समाधान बिना किसी टकराव के संभव हो सकता है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक नगर निगम प्रशासन की ओर से 11 सूत्रीय मांगपत्र पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी। आने वाले दिनों में यदि प्रशासन की ओर से कोई बयान या निर्णय सामने आता है, तो उससे कर्मचारियों की मांगों के समाधान की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।

कानपुर नगर निगम परिसर में उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ द्वारा नगर आयुक्त को सौंपा गया 11 सूत्रीय मांगपत्र कर्मचारियों की विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं और मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास है। संगठन ने संवाद के माध्यम से समाधान की अपेक्षा व्यक्त की है, वहीं समय पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

अब सभी की निगाहें नगर निगम प्रशासन की आगामी प्रतिक्रिया और कर्मचारियों की मांगों पर होने वाले निर्णय पर टिकी हैं। यदि सकारात्मक वार्ता होती है, तो कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति संभव हो सकती है।

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