सावन का तीसरा सोमवार: बिठूर के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था का अपर पुलिस आयुक्त ने लिया जायजा
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा
कानपुर। सावन के पावन महीने के तीसरे सोमवार, 17 अगस्त 2026 को बिठूर के प्रमुख गंगा घाटों और मंदिर क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए कानपुर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार निगरानी बनाए रखी। इसी क्रम में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा ने बिठूर क्षेत्र के प्रमुख गंगा घाटों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सावन के सोमवार को धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व होने के कारण बिठूर के गंगा घाटों पर सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के साथ भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता भीड़ को नियंत्रित रखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना था। इसे देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने घाटों के साथ-साथ आसपास के प्रमुख मार्गों और मंदिर परिसरों पर भी विशेष निगरानी रखी।
अपर पुलिस आयुक्त ने प्रमुख घाटों का किया निरीक्षण
अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा ने बिठूर पहुंचकर रामघाट, पत्थर घाट और ब्रह्मवर्त घाट सहित अन्य प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं को देखा और मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों से जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान घाटों पर पुलिस बल की मौजूदगी, जल पुलिस की तैनाती और श्रद्धालुओं की आवाजाही से संबंधित व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। इसके अलावा किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए उपलब्ध संसाधनों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी व्यवस्था को भी परखा गया।
डॉ. विपिन ताडा ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को पूरी मुस्तैदी के साथ जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन के दौरान पुलिस की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण और सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखना भी जरूरी है। इसलिए पुलिसकर्मियों को संयम और तत्परता के साथ अपनी ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए।
भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाटों और मंदिर परिसरों के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित तरीके से होनी चाहिए। इसके लिए पुलिसकर्मियों को प्रमुख स्थानों पर तैनात रखने और भीड़ की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
विशेष रूप से घाटों पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त निगरानी रखने पर जोर दिया गया, ताकि भीड़ एक ही स्थान पर अधिक संख्या में एकत्र न हो। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों को लगातार स्थिति का आकलन करते रहने के निर्देश दिए गए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल व्यवस्था में बदलाव किया जा सके।
दरअसल, सावन के सोमवार को बिठूर जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और घाटों की सुरक्षा के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी हो जाता है। पुलिस प्रशासन ने इसी को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयार व्यवस्था को मौके पर प्रभावी ढंग से लागू किया।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी दिए निर्देश
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखना भी पुलिस के लिए अहम जिम्मेदारी रही। अपर पुलिस आयुक्त ने शहर से बिठूर के घाटों की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर यातायात संचालन की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने की स्थिति में जरूरत के अनुसार डायवर्जन व्यवस्था लागू की जाए। इसके साथ ही यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा गया, ताकि श्रद्धालुओं तथा स्थानीय लोगों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी न हो।
इसके अलावा घाटों के आसपास वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस का प्रयास रहा कि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से घाटों तक पहुंच सकें और धार्मिक अनुष्ठान के बाद व्यवस्थित रूप से अपने गंतव्य की ओर लौट सकें।
संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी
अपर पुलिस आयुक्त ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों को कहा गया कि किसी भी आपात स्थिति की संभावना को देखते हुए लगातार गश्त की जाए और महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता रखी जाए।
इसके साथ ही घाटों पर तैनात जल पुलिस की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल पुलिस को सक्रिय रहने तथा किसी भी जरूरत की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित किया गया कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मी अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में जिम्मेदारी के साथ मौजूद रहें। इससे किसी भी स्थिति में अधिकारियों तक सूचना तेजी से पहुंचाई जा सके और आवश्यक कदम समय पर उठाया जा सके।
पुलिस और एनडीआरएफ की मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एस.एम. कासिम आबिदी, एनडीआरएफ के कमांडर, थाना प्रभारी बिठूर और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में घाटों और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार देखा गया।
पुलिस और एनडीआरएफ की मौजूदगी से आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों को भी मजबूती मिली। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों से समन्वय बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल प्रतिक्रिया देने की व्यवस्था सुनिश्चित की।
वहीं, बिठूर क्षेत्र में धार्मिक आयोजन को देखते हुए स्थानीय पुलिस लगातार सक्रिय रही। घाटों, मंदिर परिसरों और प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
शांतिपूर्ण माहौल में हुआ गंगा स्नान और पूजन
पुलिस प्रशासन की सक्रियता के बीच श्रद्धालुओं ने बिठूर के प्रमुख गंगा घाटों पर शांतिपूर्ण माहौल में गंगा स्नान और पूजन-अर्चन किया। सुरक्षा व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को किसी बड़ी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
सावन के तीसरे सोमवार को बिठूर में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ प्रशासन की जिम्मेदारी भी देखने को मिली। एक ओर जहां बड़ी संख्या में लोग धार्मिक आस्था के साथ गंगा घाटों और मंदिरों तक पहुंचे, वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्थाओं को नियंत्रित रखा।

