बिल्हौर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस: बड़ी संख्या में ग्रामीण फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, 

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रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी

कानपुर। शासन के निर्देशानुसार सोमवार को कानपुर नगर की बिल्हौर तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी कानपुर नगर जितेन्द्र प्रताप सिंह और पुलिस उपायुक्त पश्चिम, कमिश्नरेट कानपुर नगर एस.एम. कासिम आबिदी ने दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं गंभीरतापूर्वक सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों तक सीधे पहुंच उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में बिल्हौर तहसील में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और अन्य फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी और डीसीपी पश्चिम ने एक-एक करके फरियादियों की शिकायतों को सुना तथा संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अधिकारियों ने गंभीरता से सुनीं जनसमस्याएं

समाधान दिवस में पहुंचे लोगों ने राजस्व, पुलिस, भूमि विवाद, विकास कार्यों तथा अन्य विभागों से संबंधित समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने फरियादियों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए और फरियादी को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। इसके साथ ही ऐसे मामलों में समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए, जिनमें विभिन्न विभागों की संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

वहीं, पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने पुलिस से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए शिकायतकर्ता की समस्या को सुनकर उसके निस्तारण की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

कई मामलों का मौके पर हुआ निस्तारण

संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्राप्त प्रार्थना पत्रों में से कई मामलों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण किया गया। इससे संबंधित फरियादियों को तत्काल राहत मिली। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को शिकायतों की प्रकृति के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं था, उनमें संबंधित विभागों को जांच कर निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि शिकायतकर्ता को कार्रवाई की वास्तविक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

दरअसल, संपूर्ण समाधान दिवस प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला और तहसील स्तर के अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिलता है। खासतौर पर दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है।

समयबद्ध निस्तारण पर रहा जोर

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो। साथ ही, किसी भी प्रार्थना पत्र को बिना उचित जांच और कार्रवाई के निस्तारित न किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायत के समाधान के दौरान नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रशासन की ओर से यह भी संदेश दिया गया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों की निगरानी की जाए, ताकि संबंधित फरियादियों को उनके प्रार्थना पत्र पर हुई कार्रवाई की जानकारी मिल सके। इससे शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।

इसी तरह पुलिस से जुड़ी शिकायतों में भी संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि आम लोगों का विश्वास बनाए रखना पुलिस और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी है। इसलिए प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता के साथ सुनना और उसके नियमानुसार समाधान की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है।

तहसील और जिला स्तरीय अधिकारी रहे मौजूद

संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त बिल्हौर, उपजिलाधिकारी बिल्हौर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार समेत विभिन्न विभागों के तहसील और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। विकास खंड तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की और अपने-अपने विभाग से जुड़ी शिकायतों के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।

अधिकारियों की मौजूदगी के कारण फरियादियों को अलग-अलग विभागों से संबंधित शिकायतों के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी मिला। प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और उनके निस्तारण में आपसी समन्वय रखा जाए।

जनसमस्याओं का समाधान पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता

बिल्हौर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण उसकी प्राथमिकता है। अधिकारियों ने कहा कि जनता की शिकायतों को सुनना और उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई करना प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इसके साथ ही अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। यदि किसी मामले में स्थलीय जांच की आवश्यकता हो तो संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर स्थिति का परीक्षण करें और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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