मुरादाबाद के GEM Hospital में जटिल सिस्टिक लिवर ट्यूमर की सफल सर्जरी, जानिए विशेष तकनीक

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रिपोर्ट- मो. अरशद 

मुरादाबाद। मुरादाबाद स्थित GEM Hospital में डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने एक जटिल सिस्टिक लिवर ट्यूमर की सफल सर्जरी कर मरीज को स्वस्थ जीवन की ओर लौटाया। यह मामला चिकित्सकीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि मरीज के लिवर के Segment IVB में गहराई में स्थित ट्यूमर आसपास के महत्वपूर्ण हिस्सों से जुड़ा हुआ था। इसके अलावा, ट्यूमर Right Portal Vein और Middle Hepatic Vein जैसी प्रमुख रक्त वाहिकाओं के बेहद करीब था। ऐसे में ऑपरेशन के दौरान सटीक सर्जिकल प्लानिंग और सावधानी बेहद जरूरी थी।

GEM Hospital की टीम के अनुसार, मरीज की जांच के दौरान लिवर में एक जटिल सिस्टिक ट्यूमर की पहचान हुई थी। ड्यूल इमेजिंग के आधार पर चिकित्सकों के सामने Mucinous Cystic Neoplasm या Hydatid Cyst की आशंका थी। हालांकि, जांच को आगे बढ़ाने पर Hydatid serology की रिपोर्ट नकारात्मक आई। इसके बावजूद ट्यूमर की स्थिति और उसके आसपास मौजूद महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं को देखते हुए सर्जरी को सामान्य प्रक्रिया की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण माना गया।

महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाओं के करीब था ट्यूमर

लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है और इसमें रक्त की आपूर्ति तथा निकासी से जुड़ी कई प्रमुख रक्त वाहिकाएं होती हैं। ऐसे में जब किसी ट्यूमर की स्थिति इन रक्त वाहिकाओं के बेहद करीब हो, तो सर्जरी के दौरान विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। इस मामले में भी ट्यूमर Right Portal Vein और Middle Hepatic Vein के निकट स्थित था।

चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद ऑपरेशन की विशेष रणनीति तैयार की। इसके तहत ट्यूमर को आसपास के ऊतकों से सावधानीपूर्वक अलग करते हुए en-bloc तकनीक से बाहर निकालने का निर्णय लिया गया। इस तकनीक का उद्देश्य ट्यूमर को उसकी जटिल स्थिति के अनुरूप नियंत्रित तरीके से निकालना था, ताकि आसपास के महत्वपूर्ण हिस्सों को यथासंभव सुरक्षित रखा जा सके।

ऑपरेशन से पहले सटीक प्लानिंग पर जोर

जटिल लिवर सर्जरी में ऑपरेशन से पहले की योजना का विशेष महत्व होता है। डॉक्टरों को ट्यूमर की स्थिति, आकार, आसपास के अंगों और रक्त वाहिकाओं के साथ उसके संबंध का बारीकी से आकलन करना पड़ता है। इसके बाद ही सर्जरी की रणनीति तय की जाती है।

इस मामले में भी ड्यूल इमेजिंग से प्राप्त जानकारी के आधार पर चिकित्सकों ने ट्यूमर की स्थिति का अध्ययन किया। इसके बाद ऑपरेशन के दौरान संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सर्जिकल टीम ने अपनी रणनीति तैयार की। यही वजह रही कि सर्जरी के दौरान हर चरण में सटीक एनाटोमिकल डिसेक्शन और वैस्कुलर कंट्रोल पर विशेष ध्यान दिया गया।

रक्तस्राव को नियंत्रित करने के लिए Pringle manoeuvre का इस्तेमाल

सर्जरी के दौरान रक्तस्राव को नियंत्रित रखना लिवर ऑपरेशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इस मामले में चिकित्सकों ने जरूरत के अनुसार Pringle manoeuvre का इस्तेमाल किया। यह तकनीक लिवर की सर्जरी के दौरान रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद करती है और इससे सर्जन को ऑपरेशन के संवेदनशील चरणों में बेहतर नियंत्रण मिल सकता है।

वहीं, ऑपरेशन के दौरान मरीज की स्थिति को स्थिर बनाए रखने में एनेस्थीसिया टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। एनेस्थेटिस्ट डॉ. सक्षम ने सर्जरी के दौरान मरीज के haemodynamics को स्थिर बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया। इस तरह सर्जिकल और एनेस्थीसिया टीम के बीच बेहतर समन्वय ने पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से पूरा करने में योगदान दिया।

विशेषज्ञों की टीम ने मिलकर संभाला जटिल मामला

इस सफल सर्जरी में गैस्ट्रो एवं HPB/GI कैंसर सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. मुहम्मद रियाज और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. रियाज के अनुसार, इस तरह की जटिल लिवर सर्जरी में केवल सर्जिकल तकनीक ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि ऑपरेशन से पहले की सटीक योजना, सूक्ष्म एनाटोमिकल डिसेक्शन, वैस्कुलर कंट्रोल और सर्जिकल एवं एनेस्थीसिया टीम के बीच बेहतर तालमेल भी आवश्यक होता है।

उन्होंने बताया कि लिवर के संवेदनशील हिस्से में स्थित ट्यूमर की सर्जरी के दौरान प्रत्येक चरण को सावधानीपूर्वक आगे बढ़ाना पड़ता है। खासतौर पर जब ट्यूमर प्रमुख रक्त वाहिकाओं के करीब हो, तब सर्जन के लिए आसपास की संरचनाओं की स्थिति को लगातार ध्यान में रखना जरूरी होता है।

मरीज को सफल इलाज के बाद किया गया डिस्चार्ज

सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद मरीज की स्थिति में सुधार हुआ। चिकित्सकीय निगरानी और उपचार के बाद मरीज को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। अस्पताल की टीम के लिए यह जटिल सर्जरी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि संभावित रूप से चुनौतीपूर्ण लिवर ट्यूमर के उपचार के लिए चिकित्सकों ने पहले विस्तृत जांच और इमेजिंग का सहारा लिया। इसके बाद ट्यूमर की वास्तविक स्थिति और आसपास की संरचनाओं को ध्यान में रखते हुए सर्जरी की रणनीति बनाई गई। परिणामस्वरूप ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका।

जटिल लिवर सर्जरी में टीमवर्क की अहम भूमिका

विशेषज्ञों के मुताबिक, लिवर से जुड़ी जटिल सर्जरी में कई स्तरों पर सावधानी की जरूरत होती है। इसमें मरीज की जांच से लेकर ऑपरेशन की योजना, सर्जिकल तकनीक, रक्त वाहिकाओं का नियंत्रण और एनेस्थीसिया प्रबंधन तक सभी चरण महत्वपूर्ण होते हैं।

इसके अलावा, ऐसे मामलों में अनुभवी टीम का आपसी समन्वय भी उपचार के परिणाम को बेहतर बनाने में मदद करता है। GEM Hospital में हुए इस मामले में भी सर्जिकल और एनेस्थीसिया टीम ने मिलकर मरीज की स्थिति को संभाला। इसी समन्वित प्रयास के बाद मरीज को सफल उपचार मिल सका।

चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि

मुरादाबाद में हुई इस सफल सर्जरी ने यह दिखाया है कि जटिल लिवर ट्यूमर के मामलों में आधुनिक जांच, सटीक सर्जिकल प्लानिंग और विशेषज्ञ टीम का अनुभव कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, प्रत्येक मरीज की स्थिति अलग होती है और उपचार का निर्णय संबंधित चिकित्सक जांच रिपोर्ट तथा मरीज की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर लेते हैं।

GEM Hospital की टीम द्वारा किए गए इस सफल ऑपरेशन के बाद मरीज को स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज किया गया। यह सर्जरी अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और जटिल मामलों में टीम आधारित उपचार की क्षमता को दर्शाती है।

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