बहराइच में बाढ़ का खतरा, घाघरा बैराज से छोड़ा गया 2.35 लाख क्यूसेक पानी – पढ़िए कितने उफान पर है नदी

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रिपोर्ट – महेश चंद्र गुप्ता 

बहराइच: जिले में घाघरा नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। गिरजापुरी स्थित चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज से 2,35,472 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी के आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। पानी छोड़े जाने के बाद गुलरिया ग्राम पंचायत की करीब 14 हजार की आबादी प्रभावित बताई जा रही है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ग्रामीणों को नदी के किनारे जाने से रोक दिया है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद घाघरा नदी के आसपास जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका है। ऐसे में प्रशासनिक अमला संभावित परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों में जुट गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

घाघरा बैराज से छोड़ा गया 2,35,472 क्यूसेक पानी

गिरजापुरी के चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज से 2,35,472 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इतनी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद घाघरा नदी के आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

पानी छोड़े जाने के बाद नदी के किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ी है। हालांकि, प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों और संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के लिए कहा गया है, ताकि जलस्तर में किसी भी तरह की अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने पर समय रहते कदम उठाए जा सकें।

प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।

गुलरिया ग्राम पंचायत की करीब 14 हजार आबादी प्रभावित

घाघरा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गुलरिया ग्राम पंचायत की लगभग 14 हजार आबादी प्रभावित होने की बात सामने आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर निगरानी की जा रही है।

ग्रामीण इलाकों में प्रशासन की सक्रियता बढ़ा दी गई है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्थानीय स्तर पर लोगों को आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। खासतौर पर नदी के किनारे रहने वाले लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।

बाढ़ की स्थिति में सबसे अधिक प्रभाव नदी के आसपास रहने वाली आबादी पर पड़ने की संभावना रहती है। इसलिए प्रशासन पहले से ही आवश्यक तैयारियों पर ध्यान दे रहा है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों और प्रशासनिक निर्देशों के बारे में जानकारी देने का काम भी किया जा रहा है।

नदी के किनारे जाने पर प्रशासन ने लगाई रोक

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ग्रामीणों को नदी के किनारे जाने से रोक दिया है। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को बढ़ते जलस्तर से सुरक्षित रखना है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से नदी या उसके आसपास के क्षेत्रों में न जाएं।

इसके साथ ही, लोगों को बच्चों और बुजुर्गों को नदी के किनारे जाने से रोकने की सलाह दी गई है। स्थानीय स्तर पर निगरानी रखने के साथ प्रशासन संभावित परिस्थितियों का आकलन कर रहा है।

अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को यह भी कहा जा रहा है कि यदि किसी क्षेत्र में पानी का स्तर तेजी से बढ़ता है या आवागमन में परेशानी आती है, तो तत्काल प्रशासन को सूचना दें। इससे जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव से संबंधित कदम समय पर उठाए जा सकेंगे।

बहराइच में बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन अलर्ट

घाघरा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बहराइच में बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन अलर्ट है। प्रशासनिक अमला संभावित परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों में जुटा हुआ है। संबंधित विभागों को क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल नदी के आसपास रहने वाली आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सक्रिय रखा जा रहा है। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखने के लिए निगरानी की जा रही है।

हालांकि, वर्तमान स्थिति और आगे जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर ही बाढ़ की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। इसलिए प्रशासन ग्रामीणों से सतर्क रहने के साथ-साथ आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील कर रहा है।

संभावित स्थिति को देखते हुए तैयारियां शुरू

बाढ़ जैसी परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्यों के लिए पहले से तैयारी करना महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक अमला संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों में जुटा है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और लोगों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर संबंधित कर्मचारियों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

यदि घाघरा नदी का जलस्तर आगे भी बढ़ता है, तो नदी के आसपास के अन्य क्षेत्रों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन लगातार परिस्थितियों का आकलन कर रहा है। फिलहाल लोगों से सावधानी बरतने और नदी से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।

ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील

प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में स्वयं नदी के पास जाकर स्थिति का जायजा लेने की कोशिश न करें। इसके बजाय प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय कर्मचारियों से जानकारी प्राप्त करें।

इसके अलावा, ग्रामीण अपने आवश्यक दस्तावेज, दवाइयां, मोबाइल फोन और जरूरी सामान सुरक्षित स्थान पर रखने की तैयारी कर सकते हैं। बच्चों और पशुओं को भी नदी के आसपास जाने से रोकना जरूरी है।

वहीं, किसी भी तरह की अफवाह से बचने और केवल प्रशासन या अधिकृत माध्यमों से प्राप्त सूचना पर भरोसा करने की अपील की जा रही है। इससे किसी भी आपात स्थिति में लोगों के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होगी।

प्रशासन की नजर स्थिति पर

फिलहाल बहराइच में घाघरा नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। गिरजापुरी के चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज से 2,35,472 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गुलरिया ग्राम पंचायत की करीब 14 हजार आबादी प्रभावित बताई जा रही है।

हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जारी हैं और ग्रामीणों को नदी के किनारे जाने से रोक दिया गया है। साथ ही, संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संबंधित अमला सक्रिय है।

आने वाले समय में घाघरा नदी के जलस्तर में होने वाला बदलाव स्थिति के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसलिए प्रशासन के साथ-साथ ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निगरानी और तैयारियों का सिलसिला जारी है।

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