इटावा में मां-बेटी की हत्या से फैली सनसनी: घर में मिले शव – पुलिस ने शुरू की जांच – पढ़िए कौन हो सकता है हत्यारा
रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान
इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद में थाना भरथना क्षेत्र के चन्देठी गांव में मां-बेटी की हत्या का मामला सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों के शव घर के अंदर अलग-अलग स्थानों पर मिले। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, घटना के कारणों और आरोपियों की पहचान को लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एसएसपी इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने हत्या की आशंका जताई है। हालांकि, वारदात के पीछे वास्तविक कारण क्या है और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।
दूध देने पहुंचे व्यक्ति ने दी पुलिस को सूचना
घटना का पता उस समय चला जब गांव के ही रहने वाले अजीत सिंह रोजाना की तरह परिवार को दूध देने पहुंचे। उनके मुताबिक, वह पिछले दिन भी घर पर दूध देने आए थे और उन्होंने दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
अगले दिन भी जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने मृतका के बेटे को फोन कर इसकी जानकारी दी। बेटे के कहने पर अजीत सिंह कुछ ग्रामीणों के साथ घर के पीछे वाले रास्ते से अंदर पहुंचे। घर के अंदर मां पुष्पा देवी और उनकी बेटी निर्मला देवी मृत अवस्था में मिलीं।
इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही भरथना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए जांच शुरू की।
घर के अंदर मिले मां-बेटी के शव
पुलिस के मुताबिक, करीब 55 वर्षीय पुष्पा देवी अपनी करीब 38 वर्षीय बेटी निर्मला देवी के साथ रहती थीं। घटना के समय दोनों घर में मौजूद थीं। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के दौरान जरूरी साक्ष्य जुटाए।
फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से जांच की। टीम ने घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित किया, ताकि वारदात से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सके। जांच के दौरान पुलिस को मौके से एक धारदार कृषि उपकरण भी बरामद हुआ है, जिसे कब्जे में लेकर उसकी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
एसएसपी ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और फॉरेंसिक टीम से घटना की जानकारी ली। एसएसपी के मुताबिक, घर के अंदर मां-बेटी के शव मिले हैं और प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है।
उन्होंने बताया कि पुष्पा देवी अपनी बेटी निर्मला देवी के साथ रहती थीं। निर्मला देवी के पिता और उनका एक छोटा भाई नोएडा में नौकरी करते हैं, जबकि बड़ा भाई पुणे में रहता है। इस वजह से घटना के समय घर में मां-बेटी के अलावा कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था।
पुलिस अधिकारियों ने आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई है। इसके अलावा, परिवार से जुड़े लोगों और संभावित कारणों की जांच की जा रही है।
शादी के बाद मायके में रह रही थीं निर्मला
पुलिस जांच में सामने आया है कि निर्मला देवी की शादी वर्ष 2021 में सत्येंद्र कुमार निवासी कुतुकपुर, थाना किशनी, जिला मैनपुरी के साथ हुई थी। पुलिस के अनुसार, शादी के बाद किसी पारिवारिक विवाद के चलते निर्मला देवी पिछले करीब दो-तीन वर्षों से अपनी मां पुष्पा देवी के साथ मायके में रह रही थीं।
बताया गया है कि निर्मला देवी की कोई संतान नहीं थी और उनका अपने ससुराल पक्ष के साथ कानूनी विवाद भी चल रहा था। मामले में न्यायालय की ओर से उनके पति को हर महीने सात हजार रुपये का भरण-पोषण देने का आदेश बताया गया है।
पुलिस अब इस पारिवारिक और कानूनी विवाद को भी जांच के एक पहलू के तौर पर देख रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति या परिवार पर आरोप तय करने से पहले पुलिस सभी साक्ष्यों और बयानों की जांच कर रही है।
ससुराल पक्ष पर जताई गई आशंका
एसएसपी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में निर्मला देवी के ससुराल पक्ष से जुड़े लोगों पर भी संदेह की दिशा में जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी या अपराध में संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केवल पारिवारिक विवाद के आधार पर किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले सामान और अन्य तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए पुलिस टीम संभावित संदिग्धों से पूछताछ करने के साथ-साथ परिवार के सदस्यों और आसपास रहने वाले लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए महत्वपूर्ण साक्ष्य
घटना के बाद फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने घर के अंदर और आसपास उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित किया है। इसके अलावा, पुलिस वारदात से पहले और बाद की परिस्थितियों को समझने के लिए स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है।
जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना के समय घर के आसपास कौन-कौन लोग मौजूद थे। यदि आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी रिकॉर्डिंग भी जांच का हिस्सा बन सकती है।
पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती घटना के पीछे के कारण और आरोपी तक पहुंचना है। इसलिए जांच टीम अलग-अलग पहलुओं को जोड़कर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु के कारण और घटना से जुड़े अन्य चिकित्सकीय तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।
इसके साथ ही पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट को भी महत्वपूर्ण मान रही है। इन सभी रिपोर्टों को आपस में मिलाकर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। परिवार के विवाद से लेकर घटनास्थल की परिस्थितियों तक सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
जल्द खुलासे का पुलिस का दावा
मां-बेटी की मौत के बाद चन्देठी गांव में लोगों के बीच चिंता का माहौल है। वहीं, पुलिस ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
एसएसपी इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस की टीमें मामले की जांच में लगी हुई हैं और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजों का इंतजार कर रही है। साथ ही, परिवार से जुड़े विवाद और संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि किसी भी आपराधिक मामले में जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय वैज्ञानिक साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही कार्रवाई करना जरूरी है। इटावा पुलिस फिलहाल इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।

