अटल जी की पुण्यतिथि पर भाजपा ने किया नमन, सांसद रमेश अवस्थी बोले- राष्ट्रसेवा के शिखर पुरुष थे अटल

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रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी

कानपुर। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय पंडित अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी कानपुर उत्तर के नवीन मार्केट स्थित जिला भाजपा कार्यालय में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र एवं प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान वक्ताओं ने अटल जी के व्यक्तित्व, कृतित्व, राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन के प्रति उनके योगदान को याद किया।

श्रद्धांजलि सभा का आयोजन जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों और विचारों को स्मरण करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। सभा के दौरान कार्यकर्ताओं ने अटल जी के बताए मार्ग पर चलकर संगठन को मजबूत करने और समाज तथा देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता भी जताई।

सांसद रमेश अवस्थी ने अटल जी को बताया अजातशत्रु नेता

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि पंडित अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे अजातशत्रु व्यक्तित्व थे, जिन्होंने राजनीति को वैचारिक ऊंचाई, मर्यादा और राष्ट्रहित की नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि अटल जी का संपूर्ण जीवन संघर्ष, सिद्धांत, राष्ट्रभक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का उदाहरण रहा।

सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व भारतीय लोकतंत्र के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी और प्रभावशाली वक्तृत्व शैली के माध्यम से देश की राजनीति में अलग पहचान बनाई। वहीं, उनके भाषणों में राष्ट्रहित, सामाजिक सरोकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्पष्ट झलक दिखाई देती थी।

उन्होंने कहा कि अटल जी ने प्रधानमंत्री के रूप में देश को मजबूत नेतृत्व प्रदान किया। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय सुरक्षा, विकास और सुशासन को विशेष प्राथमिकता मिली। इसके साथ ही उन्होंने भारत को विश्व मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सांसद ने कहा कि अटल जी की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक यह थी कि उन्होंने राजनीतिक मतभेदों को कभी व्यक्तिगत संबंधों पर हावी नहीं होने दिया। विपक्ष में रहते हुए भी उन्होंने लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान किया और राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान दिया। यही कारण है कि उन्हें भारतीय राजनीति में एक सर्वमान्य और सम्मानित नेता के रूप में याद किया जाता है।

राष्ट्रसेवा और सुशासन के लिए हमेशा याद किए जाएंगे अटल

अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीतिक जीवन को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन सार्वजनिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित रहा। उन्होंने राजनीति में रहते हुए विचारों और सिद्धांतों को महत्व दिया। उनके लिए सत्ता केवल शासन का माध्यम नहीं थी, बल्कि देश की जनता की सेवा और भारत को मजबूत बनाने का साधन थी।

अटल जी के नेतृत्व में देश ने विकास, बुनियादी ढांचे और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम देखे। उनके व्यक्तित्व में एक ओर दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई देती थी, तो दूसरी ओर संवेदनशील कवि और सहज इंसान की छवि भी दिखाई देती थी। यही संयोजन उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान देता था।

भाजपा नेताओं ने कहा कि आज भी अटल बिहारी वाजपेयी के विचार पार्टी कार्यकर्ताओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनका संदेश था कि राजनीति में सिद्धांत, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों का महत्व कभी कम नहीं होना चाहिए। इसलिए उनकी पुण्यतिथि केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेने का दिन भी है।

जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने बताया राष्ट्रीय राजनीति की अमूल्य धरोहर

भाजपा कानपुर उत्तर के जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल भारतीय जनता पार्टी के नेता नहीं थे, बल्कि पूरे देश के लोकप्रिय और सर्वमान्य नेता थे। उनका व्यक्तित्व भारतीय राजनीति की अमूल्य धरोहर है।

उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखने का काम किया। उनके विचारों और आदर्शों ने देश की राजनीति को नई दिशा दी। आज करोड़ों कार्यकर्ता उनके जीवन से प्रेरणा लेते हैं और राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने का संकल्प लेते हैं।

अनिल दीक्षित ने कहा कि अटल जी की सरलता, सहजता, विनम्रता और राष्ट्र के प्रति समर्पण उन्हें विशेष बनाता है। उन्होंने राजनीति में संवाद और सहमति की संस्कृति को मजबूत करने पर जोर दिया। ऐसे महान व्यक्तित्व को याद करना हर कार्यकर्ता के लिए गौरव का विषय है।

कार्यकर्ताओं ने लिया राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प

श्रद्धांजलि सभा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि अटल जी के आदर्शों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संगठन को मजबूत बनाने और समाज के प्रत्येक वर्ग के बीच सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।

इस अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर भावपूर्ण वातावरण देखने को मिला। कार्यकर्ताओं ने अटल जी की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया। श्रद्धांजलि सभा के दौरान “भारत माता की जय” और “अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहें” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।

भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला महामंत्री प्रमोद विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष सीमा एमबीए, जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा, जिला मंत्री सुरेंद्र गुप्ता, रीता पासवान और राधा सैनी सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही उनके विचारों और राष्ट्रसेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

अटल जी की विरासत आज भी प्रेरणादायी

पंडित अटल बिहारी वाजपेयी का सार्वजनिक जीवन भारतीय राजनीति में एक ऐसे अध्याय के रूप में याद किया जाता है, जिसमें विचारधारा के साथ लोकतांत्रिक मर्यादा, राष्ट्रहित के साथ संवेदनशीलता और नेतृत्व के साथ संवाद की भावना दिखाई देती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन अपने सिद्धांतों और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता से समझौता नहीं किया।

इसीलिए उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने केवल उन्हें स्मरण ही नहीं किया, बल्कि उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प भी लिया। अटल जी की विचारधारा, उनका राष्ट्रप्रेम और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

कानपुर में आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि अटल बिहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व केवल एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं था। उनके विचार और योगदान भारतीय लोकतंत्र तथा राष्ट्र निर्माण की व्यापक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। यही कारण है कि उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाता है।

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