कानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता धर्मराज सिंह चौहान को पुलिस ने रोका, थाने के बाहर कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

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रिपोर्ट – नीरज तिवारी 

कानपुर: चकेरी थाना क्षेत्र के रामादेवी चौराहा स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित क्षत्रिय स्वाभिमान एवं चेतना सम्मेलन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता और पूर्व महाराजपुर विधानसभा प्रत्याशी धर्मराज सिंह चौहान के अयोध्या की ओर पैदल रवाना होने के दौरान पुलिस ने उन्हें रोक लिया। बताया गया कि धर्मराज सिंह चौहान पैदल और नंगे पैर अयोध्या की तरफ जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान चकेरी पुलिस ने उन्हें रोककर अपने साथ थाने ले गई।

पुलिस की इस कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता चकेरी थाने पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर नारेबाजी की और धर्मराज सिंह चौहान को रोके जाने का विरोध जताया। वहीं, थाने परिसर में लाए जाने के बाद धर्मराज सिंह चौहान के जमीन पर बैठ जाने की भी जानकारी सामने आई है।

घटना के बाद चकेरी थाना परिसर और उसके आसपास कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को नियंत्रित करने का प्रयास किया। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच अलग-अलग दावे सामने आ सकते हैं। ऐसे में कार्रवाई की पूरी वजह पुलिस के आधिकारिक पक्ष के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

सम्मेलन के बाद अयोध्या के लिए निकले धर्मराज सिंह चौहान

जानकारी के अनुसार, रामादेवी चौराहा स्थित गेस्ट हाउस में क्षत्रिय स्वाभिमान एवं चेतना सम्मेलन आयोजित किया गया था। सम्मेलन में कांग्रेस कार्यकर्ता और पूर्व महाराजपुर विधानसभा प्रत्याशी धर्मराज सिंह चौहान भी शामिल हुए।

सम्मेलन समाप्त होने के बाद धर्मराज सिंह चौहान पैदल नंगे पैर अयोध्या की ओर जाने के लिए रवाना हुए। बताया जा रहा है कि वह इसी तरह पैदल यात्रा करते हुए अयोध्या पहुंचने की तैयारी में थे। हालांकि, उनके अयोध्या जाने के उद्देश्य और आगे की यात्रा को लेकर विस्तृत जानकारी पुलिस या आयोजकों की ओर से सामने नहीं आई है।

जैसे ही वह चकेरी क्षेत्र में आगे बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें जीप में बैठाकर चकेरी थाने ले आए। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई और कुछ ही समय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घटना की जानकारी मिल गई।

पुलिस ने थाने लाकर बैठाया

पुलिस द्वारा धर्मराज सिंह चौहान को चकेरी थाने लाए जाने के बाद वह जमीन पर बैठ गए। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी मिली तो कई कार्यकर्ता थाने पहुंचने लगे।

धीरे-धीरे थाने के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ गई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया। इस दौरान थाने के बाहर नारेबाजी भी की गई।

मौके पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि धर्मराज सिंह चौहान को अयोध्या की ओर पैदल जाने से रोका गया है। वहीं, पुलिस की ओर से कार्रवाई की विस्तृत वजह अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की स्थिति पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद ही अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

थाने के बाहर जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता

धर्मराज सिंह चौहान को थाने लाए जाने की सूचना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का चकेरी थाने पहुंचना शुरू हो गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थाने के बाहर एकत्र हुए और उन्होंने अपनी नाराजगी जताई।

कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए धर्मराज सिंह चौहान को रोके जाने का विरोध किया। इस दौरान पुलिस ने थाने के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। भीड़ बढ़ने के कारण पुलिस के लिए स्थिति को नियंत्रित रखना भी महत्वपूर्ण हो गया।

वहीं, कार्यकर्ताओं की ओर से यह मांग उठाई गई कि धर्मराज सिंह चौहान को अयोध्या की ओर जाने दिया जाए। दूसरी ओर, पुलिस की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक तौर पर क्या कारण बताया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

पैदल और नंगे पैर अयोध्या जाने की थी तैयारी

धर्मराज सिंह चौहान के अयोध्या की ओर पैदल जाने की बात सामने आई है। खास बात यह रही कि वह नंगे पैर यात्रा करने के लिए निकले थे। हालांकि, उनके इस निर्णय के पीछे की विस्तृत वजह और यात्रा का उद्देश्य अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है।

अयोध्या धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। ऐसे में किसी व्यक्ति का पैदल वहां जाना व्यक्तिगत संकल्प, धार्मिक भावना या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम से जुड़ा हो सकता है। इस मामले में भी धर्मराज सिंह चौहान के अयोध्या जाने के उद्देश्य को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

पुलिस द्वारा रास्ते में रोके जाने के बाद यह यात्रा आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद पूरा मामला राजनीतिक और स्थानीय चर्चा का विषय बन गया।

चकेरी थाने के बाहर नारेबाजी

धर्मराज सिंह चौहान को थाने लाए जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चकेरी थाने के बाहर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध दर्ज कराया।

इस दौरान थाने के बाहर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।

किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं का थाने पर जुटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन जाता है। ऐसे में पुलिस और कार्यकर्ताओं दोनों के लिए संयम बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है, ताकि विरोध शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहे और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि धर्मराज सिंह चौहान को रास्ते में रोककर थाने लाया गया।

हालांकि, पुलिस ने उन्हें किस आधार पर रोका और थाने लाने की वजह क्या थी, इसका विस्तृत आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है। किसी भी कार्रवाई की वास्तविक स्थिति पुलिस की आधिकारिक जानकारी और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

इसके अलावा, यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी व्यक्ति को रोके जाने की परिस्थितियों और पुलिस की कार्रवाई के पीछे के कारणों की जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले का आकलन किया जाए।

राजनीतिक गतिविधियों के बीच सामने आया मामला

कानपुर में यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने कार्यक्रमों और जनसंपर्क गतिविधियों के जरिए लोगों के बीच सक्रिय हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता और पूर्व महाराजपुर विधानसभा प्रत्याशी धर्मराज सिंह चौहान का नाम इस घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक चर्चा में आया है।

क्षत्रिय स्वाभिमान एवं चेतना सम्मेलन के बाद अयोध्या की ओर उनकी पैदल यात्रा और पुलिस द्वारा रोके जाने की घटना ने कार्यकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का थाने पहुंचना और नारेबाजी करना पूरे घटनाक्रम का प्रमुख हिस्सा रहा।

हालांकि, घटना के संबंध में अभी तक सामने आई जानकारी मुख्य रूप से प्रत्यक्ष घटनाक्रम पर आधारित है। पुलिस की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण मिलने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि धर्मराज सिंह चौहान को किस कारण से रोका गया और उनके खिलाफ किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की गई है या नहीं।

आगे की स्थिति पर नजर

फिलहाल चकेरी थाना क्षेत्र में हुए इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक हलचल बनी हुई है। कांग्रेस कार्यकर्ता धर्मराज सिंह चौहान के समर्थन में थाने पहुंचे और उन्होंने पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की।

वहीं, पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दिया जा रहा है। थाने के बाहर भीड़ को देखते हुए किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस की मौजूदगी बनी हुई है।

कुल मिलाकर, कानपुर के चकेरी क्षेत्र में क्षत्रिय स्वाभिमान एवं चेतना सम्मेलन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता और पूर्व महाराजपुर विधानसभा प्रत्याशी धर्मराज सिंह चौहान के अयोध्या की ओर पैदल नंगे पैर रवाना होने के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने का मामला सामने आया है। पुलिस उन्हें जीप से चकेरी थाने लेकर आई, जिसके बाद वह जमीन पर बैठ गए। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता थाने पहुंचे और बाहर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। अब इस मामले में पुलिस की ओर से कार्रवाई की वजह और आगे की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

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