श्रावस्ती डीएम का ग्राम पंचायत सचिवालय सिरसिया में औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सचिव को किया निलंबित
रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: जिले में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने ग्राम पंचायत सचिवालय सिरसिया का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव, जनसेवा से जुड़े कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान कई स्तरों पर कमियां सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई।
निरीक्षण के बाद प्रशासन ने बताया कि शासन के निर्देशों का पालन न करने तथा दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर ग्राम पंचायत सचिव कृष्ण कुमार भारती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे मामले में सामने आई अन्य कमियों की भी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण में मिली कई प्रशासनिक कमियां
जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत सचिवालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके अलावा कार्यालय में कई महत्वपूर्ण पत्रावलियां और फाइलें अव्यवस्थित अवस्था में रखी मिलीं।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में अभिलेखों का व्यवस्थित रखरखाव पारदर्शिता और जवाबदेही की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है। यदि रिकॉर्ड व्यवस्थित नहीं होंगे तो योजनाओं की निगरानी और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा प्रभावित हो सकती है।
सचिव को किया गया तत्काल प्रभाव से निलंबित
प्रशासन के अनुसार निरीक्षण के दौरान मिली कमियों और शासन के निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत सचिव कृष्ण कुमार भारती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पत्रावलियों की जांच में सामने आई काई अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान पत्रावलियों के रखरखाव की समीक्षा भी की गई। प्रशासन के अनुसार प्रारंभिक जांच में रिकॉर्ड के रखरखाव से संबंधित कुछ वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
हालांकि इन कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच अभी जारी है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी भी वित्तीय अनियमितता पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में दिखी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कई मामलों में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार होने के बावजूद संबंधित लाभार्थियों को जारी नहीं किए गए थे।
जिलाधिकारी ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिक सेवाओं से जुड़े कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि आम नागरिकों को समय पर सेवाएं मिल सकें।
कूड़ा उठाने वाला वाहन भी मिला खराब
निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत में उपयोग होने वाला कूड़ा उठान वाहन भी खराब स्थिति में पाया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से वाहन के लंबे समय से खराब रहने के कारणों की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। साथ ही आवश्यक मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के भी निर्देश दिए गए।
टेंडर प्रक्रिया की जानकारी नहीं दे सके सचिव
निरीक्षण के दौरान विभिन्न विकास कार्यों और उनसे संबंधित टेंडर प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली गई। प्रशासन के अनुसार ग्राम पंचायत सचिव संबंधित कार्यों और टेंडर प्रक्रिया के संबंध में संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं करा सके।
इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों से संबंधित अभिलेख व्यवस्थित रखे जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल प्रस्तुत किया जा सके।
योजनाओं में लापरवाही नहीं होगी स्वीकार
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता, वित्तीय पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। यदि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों और कर्मचारियों को दी सख्त चेतावनी
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रत्येक कर्मचारी अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करे।
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी भी योजना, निर्माण कार्य या प्रशासनिक प्रक्रिया में किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने दिए आवश्यक निर्देश
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि—
- कार्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
- सभी पत्रावलियों और अभिलेखों को व्यवस्थित रखा जाए।
- जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों के लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
- स्वच्छता संबंधी संसाधनों को कार्यशील स्थिति में रखा जाए।
- विकास कार्यों और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सभी रिकॉर्ड अद्यतन रखे जाएं।
- योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
सुशासन और जवाबदेही पर प्रशासन का जोर
हाल के दिनों में श्रावस्ती प्रशासन विभिन्न सरकारी कार्यालयों और विकास कार्यों का लगातार निरीक्षण कर रहा है। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
इसी क्रम में यह औचक निरीक्षण भी प्रशासन की निगरानी व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके।
श्रावस्ती के ग्राम पंचायत सचिवालय सिरसिया में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के औचक निरीक्षण के दौरान कई प्रशासनिक कमियां सामने आईं। निरीक्षण के बाद ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया, जबकि अन्य बिंदुओं पर भी जांच के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं के संचालन, अभिलेखों के रखरखाव, नागरिक सेवाओं और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब जांच के आगे बढ़ने के साथ अन्य तथ्यों के सामने आने और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजर बनी रहेगी।

