आजमगढ़ में नौकरी का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाने वाला गिरफ्तार – पढ़िए खुलासे में क्या-क्या बताया
रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाने और बाद में नौकरी के संबंध में पूछने पर कथित तौर पर गाली-गलौज व जानमाल की धमकी देने का मामला सामने आया है। मामले में बरदह थाना पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 15 अगस्त 2026 को बरदह थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि आलोक कुमार उपाध्याय ने उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसी भरोसे का कथित तौर पर फायदा उठाते हुए आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने बाद में नौकरी के संबंध में आरोपी से जानकारी मांगी तो उसके साथ गाली-गलौज की गई और जानमाल की धमकी भी दी गई।
शिकायत मिलने के बाद बरदह थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की और आरोपी की तलाश शुरू की। इसके बाद 16 अगस्त को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
नौकरी दिलाने का भरोसा देने का आरोप
पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, पीड़िता और आरोपी के बीच नौकरी को लेकर बातचीत हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने युवती को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और इसी आधार पर उसके साथ संबंध बनाए।
पीड़िता के अनुसार, जब काफी समय बाद उसने नौकरी को लेकर आरोपी से सवाल किया तो कथित तौर पर उसका रवैया बदल गया। शिकायत में गाली-गलौज करने और जानमाल की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों और जांच के आधार पर होगी। पुलिस ने फिलहाल शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है।
15 अगस्त को थाने पहुंची पीड़िता
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने 15 अगस्त 2026 को बरदह थाने में लिखित तहरीर दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपों के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
प्राथमिकी में मु0अ0सं0 284/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69, 352 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि मामले से संबंधित तथ्यों की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
16 अगस्त को आरोपी गिरफ्तार
मामले में कार्रवाई करते हुए बरदह थाना पुलिस ने 16 अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, उपनिरीक्षक संजय कुमार ने हमराह कांस्टेबल योगेश दुबे के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी को बरदह थाने से करीब शाम 7:15 बजे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आरोपी की पहचान आलोक कुमार उपाध्याय पुत्र धर्मनारायण उपाध्याय के रूप में की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसका पता 808 हुसैनाबाद, थाना कोतवाली, जनपद जौनपुर बताया गया है।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
इस मामले में शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने पहले प्राथमिकी दर्ज की और इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
किसी भी आपराधिक मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस की जिम्मेदारी होती है कि वह तथ्यों की जांच करे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करे। इसी क्रम में बरदह थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।
अब मामले की जांच के दौरान पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को जुटाएगी। इसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
धमकी देने का भी लगाया आरोप
पीड़िता ने नौकरी के संबंध में पूछताछ करने के बाद आरोपी पर कथित तौर पर गाली-गलौज करने और जानमाल की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। पुलिस ने इसी शिकायत के आधार पर BNS की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता के बयान, उपलब्ध दस्तावेज, संबंधित साक्ष्य और अन्य परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण होती है। पुलिस इसी आधार पर मामले की विवेचना कर रही है।
फिलहाल पुलिस की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है। वहीं, मामले में लगाए गए सभी आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
बरदह थाना पुलिस ने की गिरफ्तारी
आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में बरदह थाना के उपनिरीक्षक संजय कुमार और कांस्टेबल योगेश दुबे शामिल रहे। पुलिस के अनुसार, सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मामले से संबंधित नियमानुसार प्रक्रिया के तहत आगे भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में विवेचना जारी है।
नौकरी के नाम पर ठगी और धोखे के मामलों में सतर्कता जरूरी
नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को भरोसे में लेने से जुड़े मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। ऐसे में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए जरूरी है कि वे किसी भी व्यक्ति के माध्यम से नौकरी मिलने के दावे की पूरी जानकारी और सत्यता की जांच करें।
किसी भी नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित संस्था, नियुक्ति प्रक्रिया और आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, किसी अनजान व्यक्ति को निजी दस्तावेज या आर्थिक जानकारी देने से भी पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
यदि किसी व्यक्ति को नौकरी के नाम पर धोखा देने, दबाव बनाने या धमकी देने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है तो वह संबंधित पुलिस थाने या आधिकारिक शिकायत व्यवस्था से संपर्क कर सकता है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र से सामने आए इस मामले में फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
शिकायत में नौकरी दिलाने का झांसा देने, शारीरिक संबंध बनाने और बाद में गाली-गलौज व धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
कुल मिलाकर, आजमगढ़ में नौकरी का झांसा देकर युवती से संबंध बनाने के आरोप में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। पीड़िता की 15 अगस्त को दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया और अगले दिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। फिलहाल मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है और जांच के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

