UP Weather: यूपी में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, लखनऊ-कानपुर समेत 25 शहरों में भारी बारिश का अलर्ट

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Digital UP News Desk

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। रविवार सुबह से राजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, बरेली समेत प्रदेश के करीब 25 शहरों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। वहीं, गोरखपुर समेत 20 से अधिक शहरों में आसमान में बादल छाए हुए हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। इसके साथ ही गंगा, यमुना समेत प्रदेश की 11 नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

राजधानी लखनऊ में रविवार तड़के करीब 3 बजे बारिश शुरू हुई। इसके बाद कई घंटों तक झमाझम बारिश होती रही। लगातार बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई। कुछ स्थानों पर सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी भरने की सूचना है। जलभराव के कारण कई दोपहिया वाहन बंद हो गए, जबकि कई इलाकों की गलियां पानी से भर गईं। कुछ जगहों पर पानी घरों और दुकानों तक पहुंच गया। वहीं, सड़कों पर खड़ी कई कारें भी पानी में आधी डूबी नजर आईं।

लखनऊ में बारिश से जनजीवन प्रभावित

लखनऊ में सुबह हुई तेज बारिश का असर शहर की सामान्य गतिविधियों पर भी दिखाई दिया। कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव वाले क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों के खराब होने से लोगों को अपने वाहन छोड़कर आगे बढ़ना पड़ा।

इसके अलावा, कई मोहल्लों में बारिश का पानी घरों और दुकानों के आसपास जमा हो गया। नालियों और जलनिकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से जलभराव वाले क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखने की बात कही गई है।

यूपी की नदियों में बढ़ा पानी

लगातार बारिश के बीच उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। गंगा और यमुना समेत 11 नदियां उफान पर बताई जा रही हैं। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है।

चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। रामघाट की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। वहीं, मानिकपुर में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला छोटा पुल, जिसे स्थानीय तौर पर रपटा कहा जाता है, पिछले करीब 36 घंटे से जलमग्न है। इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल लोगों की सुरक्षा और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखना है।

उन्नाव में घरों में घुसा गंगा का पानी

उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कई इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के बजाय अपने घरों की छतों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति के कारण गलियों में नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नदी के बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय जनजीवन को किस तरह प्रभावित किया है। प्रशासन और राहत टीमों की निगरानी ऐसे इलाकों में महत्वपूर्ण हो गई है।

वहीं, लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे स्थानों से दूर रखने की सलाह दी जा रही है।

वाराणसी में घाटों पर बढ़ा पानी

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर भी पानी का असर दिखाई दे रहा है। घाट किनारे बने 100 से अधिक छोटे मंदिरों के जलमग्न होने की बात सामने आई है। इसके अलावा हरिश्चंद्र घाट का शवदाह स्थल भी पानी में डूब गया है।

गंगा का पानी बढ़ने के कारण घाटों की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों और नाविकों के लिए भी यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और घाटों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

वाराणसी के घाटों पर बढ़ते पानी को देखते हुए स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। खासतौर पर पानी में डूबी सीढ़ियों और फिसलन वाले हिस्सों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है।

आज सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें करीब 25 शहरों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ऐसे में अगले कुछ घंटों के दौरान भी कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

बारिश के साथ-साथ कुछ क्षेत्रों में जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों को भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम योगी ने अफसरों को दिए फील्ड में उतरने के निर्देश

बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों में जाकर जमीनी स्थिति की जानकारी लेने और जरूरत के अनुसार राहत कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इसके साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था, बाढ़ संभावित इलाकों में निगरानी और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक मशीनरी को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

अगले तीन दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुजर रहा है। आगे बढ़ने के साथ यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। हालांकि, इसके प्रभाव से उत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर मजबूत होने की संभावना है।

उनके मुताबिक, इसका असर उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है और प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी तरह बने रहने की संभावना है।

इस दौरान कई जिलों में रुक-रुककर बारिश होने के साथ कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है। इसलिए लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत

मानसून की बारिश जहां गर्मी से राहत लेकर आती है, वहीं लगातार बारिश के कारण जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर से परेशानी भी बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है।

निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पानी बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहना चाहिए। वहीं, जलभराव वाली सड़कों पर वाहन चलाने से बचना बेहतर है। नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से भी बचना चाहिए।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने से बारिश का दौर तेज हो गया है। लखनऊ में जलभराव से लेकर उन्नाव और वाराणसी में बढ़ते नदी जलस्तर तक, कई जिलों में मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। अगले तीन दिन प्रदेश के लिए अहम रहने वाले हैं। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।

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