टल गया यूपी का सबसे बड़ा हादसा – जानिए कहां चलती रोडवेज बस के निकले दोनों पिछले टायर, फिर पढ़िए आगे हुआ क्या?
रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम
हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। राठ डिपो की एक रोडवेज बस राठ से दिल्ली जा रही थी। इसी दौरान चिकासी थाना क्षेत्र के चिकासी-मुहाना पुल पर चढ़ते समय बस के पीछे के दोनों टायर अचानक निकल गए। घटना के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई और सभी यात्री सुरक्षित बच गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस में करीब आधा दर्जन यात्री सवार थे। बस राठ से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। रास्ते में मुहाना के बीच स्थित पुल पर पहुंचने के बाद जैसे ही बस पुल पर चढ़ी, उसके पीछे के दोनों टायर अचानक निकल गए। टायर निकलने के बाद बस की रफ्तार प्रभावित हुई और चालक ने किसी तरह वाहन को नियंत्रित किया।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और बस में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। हालांकि, चालक की सूझबूझ और परिस्थितियों के चलते बस को संभाल लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।
पुल पर चढ़ते ही निकले दोनों पिछले टायर
बताया जा रहा है कि राठ डिपो की बस सामान्य रूप से अपने निर्धारित मार्ग पर जा रही थी। राठ से दिल्ली के लिए रवाना हुई बस जब चिकासी-मुहाना पुल के पास पहुंची तो सब कुछ सामान्य था। लेकिन पुल पर चढ़ते समय अचानक बस के पिछले हिस्से से जुड़े दोनों टायर निकल गए।
एक साथ दोनों पिछले टायर निकलने की घटना को लेकर यात्रियों में चिंता पैदा हो गई। बस में करीब आधा दर्जन यात्री मौजूद थे, इसलिए यदि वाहन का संतुलन बिगड़ता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और सभी यात्री सुरक्षित रहे।
घटना के बाद बस को रोककर स्थिति को संभाला गया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी यात्रियों की मदद की। फिलहाल घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।
बाल-बाल बचे बस में सवार यात्री
रोडवेज बस में सवार सभी यात्री इस घटना में सुरक्षित रहे। किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। हादसे की प्रकृति को देखते हुए यात्रियों के सुरक्षित बचने को राहत की बात माना जा रहा है।
चलती बस के दोनों पिछले टायर निकलने की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक परिवहन की बसों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। ऐसे में बस की फिटनेस और तकनीकी जांच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए बस को सड़क पर उतारने से पहले उसके टायर, ब्रेक, स्टीयरिंग, इंजन और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की जांच की जानी चाहिए। इस घटना के बाद रोडवेज की तकनीकी व्यवस्था और निरीक्षण प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
राठ डिपो की बस को लेकर उठे सवाल
घटना राठ डिपो की बस से जुड़ी होने के कारण अब डिपो स्तर पर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि बस राठ से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी और रास्ते में उसके पिछले दोनों टायर निकल गए।
इस घटना के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि बस को लंबी दूरी के लिए रवाना करने से पहले उसकी फिटनेस की जांच किस स्तर पर की गई थी। खासतौर पर टायर जैसी महत्वपूर्ण चीज की स्थिति की जांच नियमित रूप से किया जाना जरूरी है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों टायर किस तकनीकी कारण से निकले। इसके लिए तकनीकी जांच की आवश्यकता होगी। जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि टायरों में किसी प्रकार की खराबी थी, उन्हें सही तरीके से फिट किया गया था या किसी अन्य तकनीकी कारण से यह स्थिति बनी।
फोरमैन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
घटना के बाद राठ डिपो के फोरमैन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। रोडवेज बसों की तकनीकी जांच और फिटनेस सुनिश्चित करने में संबंधित तकनीकी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
ऐसे में यदि किसी बस के दोनों पिछले टायर चलने के दौरान ही निकल जाते हैं, तो बस को रवाना किए जाने से पहले की गई जांच पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, किसी कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करने से पहले विभागीय स्तर पर जांच आवश्यक होगी।
यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि घटना तकनीकी खराबी के कारण हुई है तो उस कारण का पता लगाकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे।
रोडवेज बसों की फिटनेस पर उठे सवाल
इस घटना ने रोडवेज बसों की फिटनेस जांच की व्यवस्था को भी चर्चा में ला दिया है। सार्वजनिक परिवहन की बसें प्रतिदिन लंबी दूरी तय करती हैं। ऐसे में वाहनों की नियमित तकनीकी जांच यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
बस के टायरों की स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है। टायर में किसी प्रकार की खराबी, बोल्ट या व्हील फिटिंग में समस्या अथवा अन्य तकनीकी कमी होने पर चलते वाहन में परेशानी पैदा हो सकती है।
इसीलिए बसों को डिपो से रवाना करने से पहले जरूरी तकनीकी जांच की प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। इसके अलावा, लंबी दूरी के मार्ग पर चलने वाली बसों की समय-समय पर विस्तृत जांच भी आवश्यक है।
चिकासी-मुहाना पुल पर हुआ हादसा
यह पूरा मामला हमीरपुर जिले के चिकासी थाना क्षेत्र का है। घटना चिकासी-मुहाना पुल के पास हुई। बताया जा रहा है कि बस पुल पर चढ़ रही थी, तभी उसके पीछे के दोनों टायर निकल गए।
पुल जैसी जगह पर बस का तकनीकी संतुलन बिगड़ना यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता था। हालांकि, इस मामले में बस को नियंत्रित कर लिया गया और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
स्थानीय स्तर पर घटना की जानकारी मिलने के बाद लोगों में भी चर्चा शुरू हो गई। यात्रियों के सुरक्षित रहने के बावजूद रोडवेज बसों की तकनीकी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
बड़ी दुर्घटना टलने से राहत
इस घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। बस में मौजूद करीब आधा दर्जन यात्री सुरक्षित रहे। यदि वाहन का संतुलन बिगड़ जाता तो स्थिति अलग हो सकती थी, लेकिन चालक ने वाहन को संभाल लिया।
ऐसे मामलों में चालक की सतर्कता भी महत्वपूर्ण होती है। अचानक तकनीकी समस्या आने के बाद वाहन को नियंत्रित करना आसान नहीं होता। इसलिए चालक की सावधानी और वाहन की तकनीकी स्थिति दोनों यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।
घटना के बाद बस की स्थिति और तकनीकी खराबी की जांच की जरूरत है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दोनों पिछले टायर किस कारण से निकले।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की जरूरत
हमीरपुर की यह घटना रोडवेज बसों की नियमित फिटनेस जांच की अहमियत को सामने लाती है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि बसों को निर्धारित मानकों के अनुसार जांच के बाद ही सड़क पर भेजा जाए।
खास तौर पर टायर, पहियों की फिटिंग, ब्रेक और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी हिस्सों की जांच में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। इसके अलावा, यदि किसी बस में तकनीकी समस्या सामने आती है तो उसे पूरी तरह ठीक किए बिना लंबी दूरी के लिए संचालित नहीं किया जाना चाहिए।
इस घटना के बाद विभागीय अधिकारियों को भी बस की तकनीकी स्थिति की जांच करनी चाहिए। साथ ही, डिपो में बसों की फिटनेस जांच की प्रक्रिया की समीक्षा की जा सकती है।
यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण
रोडवेज बसों में रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन की जिम्मेदारी केवल यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।
हमीरपुर में राठ से दिल्ली जा रही बस के दोनों पिछले टायर निकलने की घटना ने इसी पहलू पर ध्यान खींचा है। फिलहाल किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है और सभी सुरक्षित हैं। हालांकि, घटना के कारणों की तकनीकी जांच के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।
कुल मिलाकर, चिकासी-मुहाना पुल पर राठ डिपो की बस के दोनों पिछले टायर निकलने से बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन इसने रोडवेज बसों की फिटनेस जांच, तकनीकी रखरखाव और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण सवाल जरूर खड़े किए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि जांच के बाद विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

