गॉल टेस्ट में भारत का दबदबा, पहले दिन 288/2 देवदत्त पडिक्कल का शतक, राहुल 77 पर रिटायर्ड हर्ट
Digital UP News Desk
गॉल: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के शुरुआती दिन भारतीय टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने दिन का खेल समाप्त होने तक 73 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 288 रन बना लिए। भारत की ओर से देवदत्त पडिक्कल ने शानदार शतक जड़ते हुए नाबाद 131 रन बनाए, जबकि ऋषभ पंत 27 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद रहे। वहीं, केएल राहुल ने भी 77 रन की उपयोगी पारी खेली, लेकिन मांसपेशियों में खिंचाव और ऐंठन की समस्या के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा।
भारत ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी
गॉल में खेले जा रहे इस टेस्ट मैच में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम इंडिया के लिए यह निर्णय शुरुआत में ही सही साबित हुआ। भारतीय बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ धैर्य और आक्रामकता का संतुलन बनाकर बल्लेबाजी की।
गॉल की पिच पर स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद थी, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआती दिन परिस्थितियों को अच्छी तरह समझते हुए श्रीलंका के गेंदबाजी आक्रमण का सामना किया। खास तौर पर देवदत्त पडिक्कल ने शानदार तकनीक और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। उनकी पारी ने भारत को पहले ही दिन मजबूत स्थिति में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत की पारी की शुरुआत यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने की। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों में संभलकर बल्लेबाजी की और श्रीलंकाई गेंदबाजों को शुरुआती सफलता हासिल करने का मौका नहीं दिया। हालांकि, बाद में जायसवाल रन आउट होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद राहुल और पडिक्कल ने भारतीय पारी को मजबूती से आगे बढ़ाया।
केएल राहुल ने खेली शानदार 77 रन की पारी
भारतीय बल्लेबाजी की सबसे महत्वपूर्ण पारियों में केएल राहुल की 77 रन की पारी शामिल रही। राहुल ने 162 गेंदों का सामना करते हुए संयम के साथ बल्लेबाजी की और अपनी पारी में नौ चौके तथा एक छक्का लगाया। उन्होंने पडिक्कल के साथ मिलकर भारतीय पारी को स्थिरता प्रदान की।
राहुल की बल्लेबाजी की खास बात यह रही कि उन्होंने शुरुआत में श्रीलंकाई गेंदबाजों को सम्मान दिया और खराब गेंदों का इंतजार किया। जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, उन्होंने अपने शॉट्स में तेजी दिखाई। उनके अनुभव का फायदा भारतीय टीम को मिला और भारत का स्कोर लगातार आगे बढ़ता रहा।
हालांकि, दिन के दूसरे सत्र के बाद राहुल को ऐंठन और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा। मेडिकल टीम ने उनकी जांच की, जिसके बाद उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा। इस घटनाक्रम से भारतीय खेमे में थोड़ी चिंता जरूर बढ़ी, लेकिन शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह गंभीर चोट की स्थिति नहीं थी। भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने बाद में राहुल की स्थिति को लेकर राहत की बात कही और बताया कि वह अब ठीक हैं।
देवदत्त पडिक्कल का शानदार शतक
राहुल के मैदान से बाहर जाने के बाद देवदत्त पडिक्कल ने भारतीय पारी की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला शतक पूरा किया। दिन का खेल खत्म होने तक पडिक्कल 131 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी यह पारी भारतीय टीम के लिए दिन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रही।
पडिक्कल ने श्रीलंकाई स्पिनरों का डटकर सामना किया। उन्होंने गेंद की लाइन और लेंथ को अच्छी तरह पढ़ा और जरूरत के मुताबिक रक्षात्मक तथा आक्रामक शॉट लगाए। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ नजर आया। यही कारण रहा कि श्रीलंकाई गेंदबाज लगातार दबाव बनाने के बावजूद उन्हें आउट नहीं कर सके।
विशेष रूप से गॉल जैसी परिस्थितियों में किसी बल्लेबाज का लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहना महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में पडिक्कल की शतकीय पारी भारत के लिए आगे की पारी में भी बड़ा आधार बन सकती है।
पंत ने संभाली पारी
केएल राहुल के रिटायर्ड हर्ट होने के बाद ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आए। पंत ने भी आते ही सकारात्मक अंदाज में बल्लेबाजी की और दिन का खेल समाप्त होने तक 27 रन बनाकर नाबाद रहे। पडिक्कल और पंत के बीच अच्छी साझेदारी देखने को मिली, जिससे भारत ने दिन का अंत मजबूत स्थिति में किया। उपलब्ध स्कोर के अनुसार दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए नाबाद साझेदारी बनाकर भारत को 288 रन तक पहुंचाया।
पंत की मौजूदगी भारतीय टीम के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह निचले मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। यदि वह दूसरे दिन पडिक्कल के साथ बड़ी साझेदारी करने में सफल रहते हैं तो भारत एक बड़ा स्कोर खड़ा करने की स्थिति में पहुंच सकता है।
श्रीलंकाई गेंदबाजों के सामने चुनौती
पहले दिन श्रीलंका के गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाने में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सके। भारत ने सिर्फ दो विकेट गंवाए और 288 रन बना लिए। खासकर श्रीलंकाई स्पिनरों को भारतीय बल्लेबाजों ने प्रभावी तरीके से खेला।
गॉल की पिच को आम तौर पर टेस्ट मैच के आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों के लिए मददगार माना जाता है। इसलिए श्रीलंका के लिए दूसरे दिन शुरुआती सत्र में विकेट हासिल करना बेहद जरूरी होगा। अगर पडिक्कल और पंत लंबे समय तक टिक जाते हैं, तो भारत का स्कोर 400 रन के पार जाने की मजबूत संभावना बन सकती है।
इसके अलावा, भारत के पास बल्लेबाजी क्रम में अभी भी पर्याप्त गहराई मौजूद है। ऐसे में श्रीलंका के गेंदबाजों के सामने अगले दिन नई रणनीति के साथ मैदान पर उतरने की चुनौती होगी।
पहले दिन भारत ने हासिल की बढ़त
पहले दिन के खेल का सबसे बड़ा निष्कर्ष यही रहा कि भारत ने बल्लेबाजी के मोर्चे पर श्रीलंका के खिलाफ स्पष्ट बढ़त हासिल कर ली है। 288 रन पर केवल दो विकेट गंवाना टेस्ट मैच के शुरुआती दिन के लिहाज से मजबूत प्रदर्शन है। इसके अलावा पडिक्कल का नाबाद शतक भारतीय टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त भी देता है।
हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में एक दिन के प्रदर्शन के आधार पर अंतिम परिणाम का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। मैच अभी लंबा है और पिच के व्यवहार में आने वाले दिनों में बदलाव हो सकता है। इसलिए भारतीय बल्लेबाजों को दूसरे दिन भी उसी एकाग्रता के साथ बल्लेबाजी करनी होगी।
भारत की कोशिश होगी कि दूसरे दिन पहले सत्र में तेजी से रन बनाए जाएं और फिर बड़ा स्कोर खड़ा करके श्रीलंका को दबाव में लाया जाए। वहीं, श्रीलंका की प्राथमिकता जल्द से जल्द विकेट हासिल करने की होगी।
दूसरे दिन राहुल की वापसी पर भी नजर
भारतीय प्रशंसकों के लिए दूसरे दिन सबसे महत्वपूर्ण सवालों में से एक केएल राहुल की फिटनेस होगी। 77 रन की पारी के बाद रिटायर्ड हर्ट होने के कारण उनकी स्थिति पर नजर बनी रहेगी। हालांकि, भारतीय टीम की ओर से संकेत मिले हैं कि उनकी स्थिति फिलहाल चिंताजनक नहीं है।
यदि राहुल पूरी तरह फिट रहते हैं और आगे बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध होते हैं, तो भारतीय टीम की बल्लेबाजी और मजबूत हो सकती है। वहीं, पडिक्कल के पास अपने शतक को बड़ी पारी में बदलने का अवसर होगा।
कुल मिलाकर गॉल टेस्ट का पहला दिन भारत के नाम रहा। भारत ने शुरुआत से ही परिस्थितियों का फायदा उठाया और दिन का खेल 288/2 के मजबूत स्कोर के साथ समाप्त किया। राहुल की 77 रन की पारी, पडिक्कल का शानदार नाबाद शतक और पंत की उपयोगी पारी ने भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। अब दूसरे दिन की शुरुआत में भारतीय बल्लेबाजों की नजर बड़े स्कोर पर होगी, जबकि श्रीलंका जल्द विकेट लेकर मुकाबले में वापसी करना चाहेगा।

