कानपुर के बिठूर में बंदी के बावजूद शराब बिक्री का आरोप, शनि चौराहे पर कार्रवाई पर उठे सवाल

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रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा 

कानपुर: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शराब की बिक्री पर लागू प्रतिबंध के बावजूद कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में शराब बिक्री का मामला सामने आने का दावा किया गया है। आरोप है कि शनि चौराहे के पास एक शराब की दुकान से प्रतिबंध के दौरान भी अंग्रेजी शराब कथित तौर पर अधिक कीमत पर बेची जा रही थी। वहीं, कुछ दूरी पर देशी शराब की बिक्री होने की भी बात सामने आई है।

मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर आबकारी विभाग और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, शराब बिक्री से जुड़े इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।

बंदी के आदेश के बीच बिक्री का आरोप

स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व को देखते हुए शराब की दुकानों के संचालन को लेकर प्रशासन की ओर से बंदी के आदेश लागू किए जाते हैं। इसका उद्देश्य निर्धारित अवधि में शराब की बिक्री को रोकना और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना होता है।

इसी बीच बिठूर थाना क्षेत्र के शनि चौराहे से शराब की बिक्री का मामला सामने आने का दावा किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रतिबंध के बावजूद कुछ स्थानों पर शराब उपलब्ध होने की चर्चा रही।

आरोप है कि अंग्रेजी शराब निर्धारित समय में दुकान से अधिक कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही थी। इसके अलावा थोड़ी दूरी पर देशी शराब की बिक्री किए जाने की बात भी सामने आई।

शनि चौराहे के आसपास का मामला

बताया गया कि पूरा मामला बिठूर थाना अंतर्गत शनि चौराहे के आसपास का है। यहां स्वतंत्रता दिवस के दिन शराब की बिक्री होने की सूचना सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसकी चर्चा शुरू हुई।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद शराब उपलब्ध होने से प्रशासनिक आदेशों के पालन को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। यदि प्रतिबंधित अवधि में वास्तव में शराब की बिक्री हुई है, तो यह नियमों के उल्लंघन का मामला हो सकता है।

हालांकि, इस संबंध में आबकारी विभाग या पुलिस की ओर से किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभाग की जांच महत्वपूर्ण होगी।

महंगे दामों पर बिक्री का भी आरोप

शराब की बिक्री को लेकर सामने आए आरोपों में यह भी कहा गया कि अंग्रेजी शराब कथित तौर पर निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर बेची जा रही थी। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

शराब की बिक्री में निर्धारित मूल्य और लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन करना जरूरी होता है। इसलिए किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलने पर आबकारी विभाग द्वारा जांच की जाती है।

मामले में स्थानीय लोगों की ओर से प्रशासन से जांच कराने और नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की जा सकती है।

पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल

मामला सामने आने के बाद क्षेत्रीय पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाने वालों का कहना है कि यदि प्रतिबंध के दौरान शराब की बिक्री हो रही थी, तो संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।

वहीं, यह भी संभव है कि बिक्री की सूचना विभाग तक पहुंची हो और मामले की जांच की प्रक्रिया चल रही हो। इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना उचित होगा।

प्रशासन की जिम्मेदारी है कि शराब की दुकानों पर लागू नियमों और बंदी के आदेशों का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए। इसके लिए आबकारी विभाग के साथ स्थानीय पुलिस की निगरानी भी महत्वपूर्ण होती है।

कानपुर के अन्य क्षेत्रों में भी बिक्री का दावा

सामने आई जानकारी के अनुसार, केवल बिठूर ही नहीं बल्कि कानपुर के अन्य थाना क्षेत्रों में भी बंदी के बावजूद शराब की बिक्री होने का दावा किया गया। हालांकि, इन स्थानों के संबंध में भी स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

यदि अलग-अलग क्षेत्रों में इस प्रकार की शिकायतें सामने आती हैं, तो आबकारी विभाग के लिए इनकी जांच करना जरूरी हो जाता है। जांच के दौरान यह देखा जा सकता है कि संबंधित दुकानों पर प्रतिबंध का पालन किया गया था या नहीं।

इसके अलावा यदि किसी दुकान पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो लाइसेंस संबंधी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

नियमों के पालन पर जोर जरूरी

राष्ट्रीय पर्वों और विशेष अवसरों पर शराब की दुकानों के लिए बंदी के आदेश प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा होते हैं। ऐसे आदेशों का उद्देश्य संबंधित अवधि में शराब की बिक्री को नियंत्रित करना होता है।

इसलिए इन आदेशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही आम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी अनियमितता की जानकारी संबंधित विभाग को दें।

यदि किसी क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद शराब बिक्री की शिकायत मिलती है, तो विभागीय स्तर पर जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना आवश्यक है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

बिठूर के शनि चौराहे से सामने आए मामले में फिलहाल शराब की बिक्री के आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता कि वास्तव में प्रतिबंधित अवधि में शराब की बिक्री हुई थी या नहीं।

आबकारी विभाग की जांच के बाद ही यह पता चल सकेगा कि संबंधित दुकान या विक्रेता ने नियमों का उल्लंघन किया था अथवा नहीं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

इसी तरह, अधिक कीमत पर शराब बेचने के आरोप की भी जांच आवश्यक है। इसके लिए बिक्री मूल्य, दुकान के रिकॉर्ड और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच की जा सकती है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रशासन से निगरानी बढ़ाने और शिकायत की जांच कराने की मांग की जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि बंदी के आदेश लागू हैं, तो उनका पालन सभी संबंधित दुकानों पर समान रूप से होना चाहिए।

इसके अलावा, यदि कहीं नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो कार्रवाई में पारदर्शिता जरूरी है। इससे प्रशासनिक आदेशों के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।

कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र स्थित शनि चौराहे पर स्वतंत्रता दिवस के दौरान बंदी के बावजूद अंग्रेजी और देशी शराब की बिक्री के आरोप सामने आए हैं। अंग्रेजी शराब को अधिक कीमत पर बेचे जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मामले में आबकारी विभाग और पुलिस की ओर से जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में प्रतिबंध के दौरान शराब बिक्री या निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की पुष्टि होती है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले में आधिकारिक जांच और विभागीय प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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