इटावा जिला अस्पताल से बाल अपचारी फरार, बाथरूम के जंगले से निकलने का दावा; पुलिस तलाश में जुटी

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रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा में जिला अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था में उस समय हड़कंप मच गया, जब बाल कारागार से उपचार के लिए लाया गया एक बाल अपचारी अस्पताल से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि बाल अपचारी को पिछले कुछ दिनों से पेट दर्द की शिकायत थी। इसके बाद बाल कारागार के कर्मचारियों की निगरानी में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

सुबह जब अस्पताल के कर्मचारियों और संबंधित कर्मियों ने उसे उसके बिस्तर पर नहीं पाया तो पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बाल अपचारी पेशाब जाने के बहाने बाथरूम में गया और वहां मौजूद जंगले से निकलकर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती

जानकारी के अनुसार, बाल अपचारी पिछले करीब तीन दिनों से पेट दर्द की शिकायत से परेशान था। उसकी तबीयत को देखते हुए उसे इटावा जिला अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया था। बताया जा रहा है कि बाल कारागार के कर्मचारियों ने उसे 15 अगस्त की शाम जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया था।

अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद उसका उपचार चल रहा था। सुरक्षा की दृष्टि से संबंधित कर्मचारियों की निगरानी भी थी। हालांकि, सुबह के समय वह अपने बिस्तर पर नहीं मिला। इसके बाद अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने उसकी तलाश शुरू की।

कुछ ही देर में जानकारी सामने आई कि बाल अपचारी बाथरूम की ओर गया था। प्रारंभिक जांच में बताया गया कि उसने कथित तौर पर बाथरूम में मौजूद जंगले का इस्तेमाल कर अस्पताल से बाहर निकलने का रास्ता बनाया।

बाथरूम के जंगले से निकलने का दावा

घटना को लेकर सामने आई प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बाल अपचारी ने बाथरूम जाने की बात कही थी। इसके बाद वह बाथरूम में गया। आरोप है कि इसी दौरान उसने वहां मौजूद जंगले से निकलकर अस्पताल परिसर से बाहर जाने में सफलता हासिल कर ली।

हालांकि, घटना के पूरे क्रम की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस और अस्पताल प्रशासन यह पता लगाने में जुटे हैं कि बाल अपचारी किस समय अस्पताल से बाहर निकला और सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई।

अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि फरार होने के बाद बाल अपचारी किस दिशा में गया और क्या उसे किसी व्यक्ति की मदद मिली।

कानपुर के काकादेव क्षेत्र का रहने वाला बताया गया

फरार बाल अपचारी की पहचान कानपुर के काकादेव क्षेत्र के रहने वाले किशोर के रूप में बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसे कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र में चोरी के एक मामले में पकड़ा गया था। इसके बाद जनवरी 2026 से वह इटावा स्थित बाल कारागार में निरुद्ध था।

बाल अपचारी के जिला अस्पताल से फरार होने की घटना के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। संबंधित पुलिस टीमें संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं।

चूंकि मामला एक किशोर से संबंधित है, इसलिए उसके संबंध में पहचान और व्यक्तिगत जानकारी को लेकर कानूनी प्रावधानों का पालन करना महत्वपूर्ण है। पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ बाल संरक्षण से जुड़े नियमों का भी ध्यान रखा जाना अपेक्षित है।

सुबह बिस्तर पर नहीं मिला तो मचा हड़कंप

सुबह जब अस्पताल में बाल अपचारी को उसके बिस्तर पर नहीं पाया गया तो संबंधित कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। तत्काल अस्पताल के आसपास उसकी तलाश की गई। इसके साथ ही घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।

सूचना मिलने के बाद सीओ सिटी और सिविल लाइन थाना प्रभारी समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और घटना से जुड़े कर्मचारियों से जानकारी ली।

पुलिस ने यह जानने की कोशिश की कि बाल अपचारी की निगरानी के लिए उस समय कौन-कौन से कर्मचारी तैनात थे और वह किस तरह बाथरूम तक पहुंचा। इसके अलावा अस्पताल से उसके बाहर निकलने की संभावित दिशा की भी जांच की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जिला अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान से किसी निरुद्ध किशोर के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फरारी में लापरवाही किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में कोई चूक हुई थी या बाल अपचारी ने परिस्थितियों का फायदा उठाकर फरार होने का रास्ता खोजा।

वहीं, पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि अस्पताल से निकलने के बाद उसने किस रास्ते का इस्तेमाल किया। इसके लिए आसपास के क्षेत्रों में भी तलाश की जा सकती है।

पुलिस ने शुरू की तलाश

घटना के बाद पुलिस ने फरार बाल अपचारी की तलाश शुरू कर दी है। संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही उसके पुराने पते और संपर्कों से संबंधित जानकारी भी खंगाली जा रही है।

पुलिस के सामने सबसे पहली चुनौती फरार बाल अपचारी का पता लगाना है। इसके बाद अस्पताल से फरारी के पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी। यदि जांच में सुरक्षा संबंधी लापरवाही सामने आती है तो संबंधित स्तर पर कार्रवाई भी हो सकती है।

अधिकारियों द्वारा अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच किए जाने की संभावना है। इससे फरारी के समय और दिशा का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

अस्पताल प्रशासन से भी ली जा रही जानकारी

घटना के संबंध में जिला अस्पताल प्रशासन से भी जानकारी ली जा रही है। सीएमएस डॉ. पारितोष शुक्ला की ओर से मामले से जुड़ी जानकारी अधिकारियों को दी गई है। अस्पताल प्रशासन यह स्पष्ट करने में जुटा है कि बाल अपचारी को किस स्थिति में भर्ती किया गया था और उसके उपचार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था किस प्रकार की थी।

इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि भर्ती के दौरान अस्पताल के प्रोटोकॉल और संबंधित सुरक्षा व्यवस्था का पालन किया गया था या नहीं।

घटना के बाद अस्पताल परिसर में भी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सभी पहलुओं की तस्वीर साफ हो सकेगी।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल पुलिस फरार बाल अपचारी की तलाश में जुटी है। प्रारंभिक जानकारी में बाथरूम के जंगले से निकलकर फरार होने की बात सामने आई है, लेकिन इस घटनाक्रम की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद होगी।

पुलिस अस्पताल के कर्मचारियों, बाल कारागार से आए कर्मियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की कड़ियों को जोड़ा जाएगा।

इटावा जिला अस्पताल से हुई यह घटना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस फरार बाल अपचारी को कितनी जल्दी तलाश कर वापस लाती है और जांच में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी क्या जानकारी सामने आती है।

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