मथुरा में पहली बारिश से व्यापारियों को लाखों का नुकसान, सड़क और जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

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रिपोर्ट – योगेश भ्राटद्वाज

मथुरा: मथुरा में मानसून की पहली तेज बारिश के बाद शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में जलभराव और सड़क क्षतिग्रस्त होने की समस्या सामने आई। इसके चलते कई दुकानों में पानी भर गया, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया है कि इस बारिश के कारण व्यापारियों को 20 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। हालांकि, इस नुकसान का आधिकारिक आकलन अभी संबंधित प्रशासनिक विभाग की ओर से जारी नहीं किया गया है।

घटना के बाद नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के नगर अध्यक्ष सुनील अग्रवाल और महामंत्री शशिभानु गर्ग के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी चौक बाजार से स्वामी घाट तक पैदल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न दुकानों का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया और सड़क तथा जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति का भी अवलोकन किया।

व्यापारिक क्षेत्रों में जलभराव से बढ़ी परेशानी

पहली ही बारिश में चौक बाजार, स्वामी घाट और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर पानी जमा हो गया। व्यापारियों के अनुसार जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण वर्षा का पानी दुकानों तक पहुंच गया, जिससे सामान और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नुकसान हुआ।

व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा किया गया होता तो ऐसी स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता था।

व्यापार मंडल ने किया स्थलीय निरीक्षण

नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान व्यापारियों से बातचीत कर उनके नुकसान की जानकारी ली गई तथा विभिन्न स्थानों की स्थिति का आकलन किया गया।

व्यापार मंडल के अनुसार निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ी हुई दिखाई दी। संगठन के पदाधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।

मुख्य अभियंता को मौके पर बुलाया गया

निरीक्षण के दौरान व्यापारियों ने नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान को मौके पर बुलाकर सड़क और जलभराव की स्थिति दिखाई। व्यापारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की।

व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराई जानी चाहिए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

नगर निगम अधिकारियों के साथ हुई बैठक

निरीक्षण के बाद व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर महापौर विनोद अग्रवाल और नगर आयुक्त जगप्रवेश के साथ बैठक की। बैठक में मुख्य अभियंता संजय चौहान तथा मुख्य महाप्रबंधक (जलकर) भी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान व्यापारियों ने अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने बारिश के दौरान हुए नुकसान, सड़क निर्माण की स्थिति, जलनिकासी व्यवस्था और भविष्य की तैयारियों पर चर्चा की।

व्यापारियों ने रखीं प्रमुख मांगें

बैठक में व्यापारियों ने प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—

  • क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत और निर्माण।
  • निर्माणाधीन सड़कों के दोनों ओर नालियों और फुटपाथ का समयबद्ध निर्माण।
  • निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच।
  • यदि किसी स्तर पर अनियमितता सिद्ध होती है तो संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई।
  • प्रभावित व्यापारियों के नुकसान का सर्वे कर मुआवजे पर विचार।

व्यापारियों का कहना है कि समयबद्ध कार्रवाई से भविष्य में ऐसी समस्याओं को कम किया जा सकता है।

प्रशासन ने दिया सकारात्मक आश्वासन

व्यापार मंडल के अनुसार बैठक के दौरान नगर निगम अधिकारियों ने विभिन्न बिंदुओं पर सकारात्मक चर्चा की। बताया गया कि निर्माणाधीन सड़कों के किनारे नालियों और फुटपाथ के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

इसके अलावा सड़क निर्माण से जुड़े अन्य मामलों की भी समीक्षा करने तथा आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। हालांकि मुआवजे के संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने की मांग

व्यापारियों का कहना है कि शहर में बढ़ते शहरीकरण के साथ प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक हो गया है। उनका मानना है कि नियमित सफाई, समय पर नालों का रखरखाव और गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण से वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

उन्होंने प्रशासन से मानसून के पूरे मौसम के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने का भी आग्रह किया।

स्थानीय व्यापार पर पड़ा असर

पहली बारिश के बाद कई दुकानों में पानी भरने से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। कई व्यापारियों को दुकानें साफ करने और सामान सुरक्षित स्थान पर रखने में अतिरिक्त समय लगाना पड़ा।

हालांकि नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है, लेकिन व्यापार मंडल का दावा है कि कई प्रतिष्ठानों को आर्थिक क्षति हुई है। प्रशासन की ओर से यदि सर्वे कराया जाता है तो वास्तविक स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

बड़ी संख्या में व्यापारी रहे मौजूद

निरीक्षण और बैठक के दौरान नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अनेक पदाधिकारी एवं व्यापारी उपस्थित रहे। इनमें नगर उपाध्यक्ष गुरमुख दास, वरिष्ठ मंत्री विकास जिंदल, मंत्री नागेंद्र वर्मा, मुकेश अग्रवाल, सचिन चौधरी, अशोक शर्मा, उमेश मचेरिया, अनिल गुप्ता, श्याम सुंदर अग्रवाल, ऋषि गुप्ता सहित विभिन्न बाजारों के प्रतिनिधि शामिल थे।

व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन और व्यापारिक संगठनों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है।

मथुरा में मानसून की पहली बारिश ने शहर की सड़क और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। व्यापारियों ने लाखों रुपये के नुकसान का दावा करते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच और प्रभावित दुकानदारों के हितों की रक्षा की मांग की है।

दूसरी ओर, नगर निगम अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सड़क मरम्मत, जलनिकासी व्यवस्था और अन्य मांगों पर प्रशासन कितनी तेजी से कार्रवाई करता है। यदि समयबद्ध समाधान लागू होते हैं, तो मानसून के शेष दिनों में व्यापारिक क्षेत्रों को होने वाली संभावित परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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