कानपुर के बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर देशभक्ति कार्यक्रम
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस (अखंड भारत संकल्प दिवस) के अवसर पर बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, बेनाझावर में प्री-प्राइमरी और प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने देशभक्ति एवं राष्ट्रीय एकता से जुड़े विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को भारत के विभाजन की ऐतिहासिक घटना, उस दौर की पीड़ा और लोगों के संघर्ष से परिचित कराने के साथ ही राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया गया।
विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ना रहा। इसके साथ ही विद्यार्थियों में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान तथा राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने एक के बाद एक देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। छोटे बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों, शिक्षकों और अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया।
कक्षा द्वितीय के छात्र भै. संस्कार तिवारी ने हिंदी भाषा में भाषण प्रस्तुत किया। अपने संबोधन के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति की भावना को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया।
इसके बाद नर्सरी कक्षा के छात्र-छात्राओं ने ‘जय हो’ गीत पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। छोटे विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम स्थल पर देशभक्ति का माहौल बना दिया।
स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष की झलक
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों की झलकियां भी प्रस्तुत कीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने स्वतंत्रता आंदोलन के महानायकों के संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को दर्शाया।
विद्यालय की ओर से इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश का इतिहास केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे नई पीढ़ी तक प्रभावी माध्यमों से पहुंचाना भी आवश्यक है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए बच्चों को इतिहास से जोड़ने का प्रयास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।
इसके अलावा कक्षा द्वितीय के छात्र-छात्राओं ने ‘आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं’ गीत पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में भारत की विविधता, संस्कृति और गौरवशाली विरासत को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया।
‘अखंड भारत की अमर विरासत’ पर विशेष प्रस्तुति
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ‘अखंड भारत की अमर विरासत’ विषय पर प्रस्तुत विशेष कार्यक्रम रहा। इसमें विद्यार्थियों ने भारत की सांस्कृतिक एकता, परंपराओं और राष्ट्रीय अखंडता के महत्व को रेखांकित किया।
प्रस्तुति के दौरान कुछ विद्यार्थियों ने भारत के पड़ोसी देशों और ऐतिहासिक रूप से भारतीय उपमहाद्वीप से जुड़े क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए अलग-अलग भाषाओं और वेशभूषाओं का प्रदर्शन किया। इसके माध्यम से सांस्कृतिक विविधता और साझा विरासत को सामने रखने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में विभाजन के दौरान लोगों को हुई पीड़ा और विस्थापन की ऐतिहासिक स्मृति को भी संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने अखंड भारत संकल्प दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय एकता और अखंडता के प्रति अपने संकल्प को व्यक्त किया।
अंग्रेजी भाषण के जरिए दिया एकता का संदेश
कार्यक्रम में कक्षा प्रथम की छात्रा शनाया गुप्ता और छात्र यश त्रिपाठी ने अंग्रेजी भाषा में भाषण प्रस्तुत किया। दोनों विद्यार्थियों ने अपने संबोधन के माध्यम से देश के प्रति जिम्मेदारी, राष्ट्रप्रेम और एकता के महत्व को सामने रखा।
विद्यालय के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में मंच पर अपनी बात रखने का आत्मविश्वास विकसित करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय विषयों के प्रति जागरूक करना भी है।
मंगल पांडे के बलिदान पर लघु नाटिका
इसके बाद कक्षा प्रथम और द्वितीय के छात्र-छात्राओं ने महान स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे के जीवन और बलिदान पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत की।
नाटिका के माध्यम से वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में मंगल पांडे के साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को प्रस्तुत किया गया। छोटे विद्यार्थियों ने अभिनय के जरिए उस ऐतिहासिक दौर को मंच पर जीवंत करने का प्रयास किया।
इस प्रस्तुति का उद्देश्य बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से परिचित कराना और देश की आजादी के लिए योगदान देने वाले महानायकों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना रहा।
सामूहिक गान से गूंजा विद्यालय परिसर
कार्यक्रम में कक्षा द्वितीय के विद्यार्थियों ने सामूहिक गान भी प्रस्तुत किया। सामूहिक गायन के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को स्वर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में इसके बाद ‘धरती मां की पुकार—देशवासियों के प्रति’ विषय पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। कक्षा द्वितीय की छात्रा ने इस प्रस्तुति के माध्यम से मातृभूमि के प्रति नागरिकों के कर्तव्यों और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया।
इस प्रस्तुति में राष्ट्रप्रेम के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया। इस तरह कार्यक्रम में देशभक्ति को सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों से जोड़ने का प्रयास किया गया।
प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को किया संबोधित
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य ने छात्र-छात्राओं और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें देश के इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों से जुड़े रहने का संदेश दिया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विद्यार्थियों में बचपन से ही राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना जरूरी है।
विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं और अभिभावकों की उपस्थिति ने भी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
विभाजन में प्रभावित लोगों को किया गया स्मरण
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर विद्यालय में विभाजन के दौरान अपने घर-परिवार और जीवन से जुड़ी कठिन परिस्थितियों का सामना करने वाले असंख्य लोगों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि इतिहास की कठिन घटनाओं को याद करने का उद्देश्य समाज में विभाजन या वैमनस्य को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि शांति, एकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करना होना चाहिए।
इसी क्रम में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सांस्कृतिक समरसता को कार्यक्रम का प्रमुख संदेश बनाया गया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की भावना व्यक्त की।
छात्र परिषद की ओर से आभार
कार्यक्रम के अंत में छात्र मंत्री परिषद की सह-संयोजक अनन्या कटियार ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया। इसके बाद कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय की उपप्रधानाचार्या श्रीमती मंजूबाला श्रीवास्तव, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और अभिभावकगण मौजूद रहे।
बच्चों में राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित करने का प्रयास
बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में आयोजित यह कार्यक्रम केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रहा। बल्कि इसके जरिए विद्यार्थियों को इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता और नागरिक जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया।
प्री-प्राइमरी और प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों में देशभक्ति गीत, नृत्य, भाषण, नाटिका और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का समावेश रहा। इससे बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ देश के इतिहास और मूल्यों को समझने का अवसर भी मिला।

