अयोध्या पहुंचे CM योगी, रामलला के दर्शन किए; गौ संरक्षण और राम मंदिर चढ़ावे पर कही बड़ी बात

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Digital Up News Desk

अयोध्या: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या पहुंचकर हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने दिगंबर अखाड़ा में आयोजित रामचंद्र दास परमहंस जी महाराज की 23वीं पुण्यतिथि के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राम मंदिर आंदोलन में परमहंस जी महाराज के योगदान को याद किया और उनके जीवन को मंदिर निर्माण के लिए समर्पित बताया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौ संरक्षण, गौ तस्करी, राम जन्मभूमि परिसर से जुड़े चढ़ावा चोरी के मामले, अयोध्या के विकास और सामाजिक एकता जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गौमाता सनातन धर्म के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा हैं। साथ ही उन्होंने प्रदेश में गौ संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।

हनुमानगढ़ी और रामलला के किए दर्शन

अयोध्या पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक तैयारियां की गई थीं। दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री दिगंबर अखाड़ा पहुंचे, जहां रामचंद्र दास परमहंस जी महाराज की 23वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। इस दौरान राम मंदिर आंदोलन के महत्वपूर्ण चरणों और अयोध्या से जुड़े धार्मिक एवं ऐतिहासिक प्रसंगों को भी याद किया गया।

परमहंस जी महाराज के योगदान को किया याद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामचंद्र दास परमहंस जी महाराज के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के संकल्प के लिए समर्पित रहा। उन्होंने मंदिर आंदोलन में संत समाज की भूमिका का उल्लेख करते हुए परमहंस जी के योगदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के लंबे संघर्ष के बाद आज श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है। उन्होंने इसे संतों और रामभक्तों के लंबे प्रयासों से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया।

गौ संरक्षण पर CM योगी का जोर

कार्यक्रम में गौमाता के विषय पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गाय सनातन धर्म और भारत की धरोहर है। उन्होंने गौ तस्करी और गोहत्या रोकने के लिए समाज से सहयोग की अपील की।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में करीब 16 लाख गायों के संरक्षण का दावा करते हुए कहा कि सरकार गौ संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने संबंधित व्यवस्थाओं को मजबूत करने और गोवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए सभी को मिलकर गोवंश के संरक्षण और उनकी देखभाल के लिए आगे आना चाहिए।

राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले पर भी बोले

अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मामले की जांच एसआईटी के आधार पर आगे बढ़ रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “दूध का दूध, पानी का पानी होना चाहिए।”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी मामले में जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान को राम जन्मभूमि से जुड़े चढ़ावा मामले में सरकार के रुख के तौर पर देखा गया।

अयोध्या के विकास की भी की सराहना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज अयोध्या अपने प्राचीन गौरव के अनुरूप विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि शहर में हो रहे बदलाव से त्रेता युग की स्मृतियां और धार्मिक वातावरण अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

अयोध्या में पिछले कुछ वर्षों में सड़क, यातायात, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, धार्मिक स्थलों के विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी बनाए रखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। इसलिए यहां होने वाला विकास श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों दोनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

संभल और विभाजन का जिक्र, एकता का संदेश

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल और देश के विभाजन का भी उल्लेख किया। उन्होंने समाज में एकता और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास से सीख लेना आवश्यक है। इसी क्रम में उन्होंने कहा, “हम बंटे थे, इसलिए कटे थे।” उनके इस बयान का उद्देश्य समाज को एकजुट रहने और आपसी विभाजन से बचने का संदेश देना था।

उन्होंने कहा कि देश की मजबूती के लिए सामाजिक एकता और राष्ट्रीय भावना जरूरी है। समाज में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

अयोध्या की बदलती तस्वीर पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, अयोध्या में विकास और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ शहर की मूल पहचान को संरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने के कारण यहां सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है।

इसके लिए यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा, पार्किंग, श्रद्धालुओं के आवागमन और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या को आधुनिक सुविधाओं से युक्त शहर के साथ-साथ उसकी धार्मिक विरासत के अनुरूप विकसित करने की बात कही।

धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश

मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे में जहां रामलला के दर्शन और परमहंस जी महाराज की पुण्यतिथि का कार्यक्रम प्रमुख रहा, वहीं उनके संबोधन में सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों का भी उल्लेख हुआ।

गौ संरक्षण से लेकर मंदिर चढ़ावा मामले तक मुख्यमंत्री ने सरकार के रुख को स्पष्ट किया। वहीं, अयोध्या के विकास और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा धार्मिक श्रद्धा, राम मंदिर आंदोलन की स्मृतियों, गौ संरक्षण, प्रशासनिक कार्रवाई और सामाजिक एकता जैसे विभिन्न मुद्दों के इर्द-गिर्द रहा। रामलला के दर्शन के साथ उन्होंने अयोध्या के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया और शहर के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को भी सामने रखा।

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