कानपुर में RSETI दे रहा युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण, 34 विधाओं में निःशुल्क कौशल विकास
रिपोर्ट – सुहैल अंसारी
कानपुर: ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और महिलाओं को रोजगार तथा स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित ग्रामीण स्वरोजगार विकास संस्थान (RSETI) आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र के ग्राम मरियानी स्थित RSETI में युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक विधाओं का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शुक्रवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने संस्थान का निरीक्षण किया और प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा उनकी भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संस्थान में चल रहे एग्री जंक्शन और ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का जायजा लिया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से बातचीत करते हुए यह समझने का प्रयास किया कि प्रशिक्षण के बाद वे किस प्रकार रोजगार या स्वरोजगार से जुड़ने की योजना बना रहे हैं। साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण को स्थानीय और बाजार की जरूरतों से जोड़कर अधिक प्रभावी बनाया जाए।
34 विधाओं में दिया जा रहा रोजगारपरक प्रशिक्षण
ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में संचालित और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा प्रायोजित इस संस्थान में युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास का अवसर मिल रहा है। संस्थान में अलग-अलग अवधि के 34 प्रकार के रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इनमें मधुमक्खी पालन, डेयरी, बकरी पालन, सूकर पालन, मुर्गी पालन, भेड़ पालन, सब्जी उत्पादन एवं नर्सरी प्रबंधन जैसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा बैंक मित्र, ब्यूटी पार्लर, सहायक लेखाकार, फास्ट फूड स्टॉल, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी जैसे आधुनिक रोजगार क्षेत्रों से जुड़े प्रशिक्षण भी दिए जा रहे हैं।
इसी क्रम में सॉफ्ट टॉय निर्माण, बांस एवं बेंत शिल्प, मोमबत्ती निर्माण, क्रिएटिव ज्वेलरी, अगरबत्ती निर्माण, जूट उत्पाद, सिलाई, पापड़-अचार एवं मसाला निर्माण जैसे स्वरोजगार आधारित पाठ्यक्रम भी संचालित हैं। वहीं पेपर कवर एवं फाइल निर्माण, वस्त्र चित्रकला, मशरूम उत्पादन तथा रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग से संबंधित प्रशिक्षण भी उपलब्ध है।
पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण की अवधि आठ से 38 दिन तक निर्धारित की गई है। इस तरह अभ्यर्थियों को कम समय में व्यावहारिक कौशल हासिल करने का अवसर मिलता है।
10,578 लोगों ने लिया प्रशिक्षण
संस्थान से अब तक 10,578 युवक एवं महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इनमें से 7,431 प्रशिक्षणार्थी नौकरी अथवा स्वरोजगार से जुड़ चुके हैं। वहीं 3,059 लोगों ने बैंक ऋण प्राप्त कर अपने उद्यम को आगे बढ़ाया है।
ये आंकड़े बताते हैं कि कौशल प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर भी संस्थान की ओर से ध्यान दिया जा रहा है। प्रशिक्षणार्थियों को केवल किसी काम की तकनीकी जानकारी देने तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें अपना उद्यम शुरू करने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी जाती है।
कानपुर नगर के अलावा आसपास के जनपदों से भी युवक-युवतियां यहां प्रशिक्षण लेने पहुंचते हैं। इससे ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के युवाओं को अपने घर के आसपास कौशल हासिल करने का अवसर मिल रहा है।
प्रशिक्षण के साथ आवास और भोजन भी निःशुल्क
RSETI की एक खास बात यह है कि यहां प्रशिक्षण के साथ आवास और भोजन की सुविधा भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण लेने में सुविधा होती है।
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को तकनीकी कौशल के अलावा व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जाता है। इसके साथ ही उन्हें मार्केट सर्वे, बिजनेस प्लान और प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की जानकारी दी जाती है।
इसके अलावा बैंकिंग प्रक्रिया से संबंधित जरूरी जानकारी भी प्रशिक्षण का हिस्सा है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इच्छुक और पात्र अभ्यर्थियों को उद्यम स्थापित करने तथा बैंक ऋण प्राप्त करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।
18 से 45 वर्ष तक के युवा कर सकते हैं आवेदन
संस्थान में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए 18 से 45 वर्ष तक के बेरोजगार युवक एवं युवतियां आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में अधिकतम 35 सीटें निर्धारित हैं।
प्रवेश पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाता है। आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को आधार कार्ड, शैक्षिक प्रमाणपत्र, राशन कार्ड अथवा मनरेगा कार्ड और बैंक पासबुक सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य जरूरतमंद और इच्छुक अभ्यर्थियों को बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षणार्थियों से किया संवाद
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने प्रशिक्षण के अनुभव, पाठ्यक्रम की उपयोगिता और प्रशिक्षण के बाद रोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने में RSETI महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि प्रशिक्षण केवल प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं को वास्तविक रूप से रोजगार और उद्यमिता के लिए सक्षम बनाना होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बाजार की मांग के अनुरूप लगातार विकसित किया जाए। इससे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवा अपने कौशल का उपयोग करके आत्मविश्वास के साथ रोजगार शुरू कर सकेंगे।
ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण के लिए बनेगी प्रैक्टिकल लैब
निरीक्षण के दौरान ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण ले रही महिला प्रशिक्षणार्थियों ने जिलाधिकारी के सामने प्रैक्टिकल लैब की आवश्यकता रखी। प्रशिक्षणार्थियों का कहना था कि व्यावहारिक अभ्यास के लिए बेहतर उपकरण और अलग सुविधा उपलब्ध होने से प्रशिक्षण अधिक प्रभावी हो सकेगा।
जिलाधिकारी ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुविधाओं और उपकरणों से युक्त प्रैक्टिकल लैब तैयार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के क्षेत्र में केवल सैद्धांतिक जानकारी पर्याप्त नहीं है। इसके साथ पर्याप्त व्यावहारिक अभ्यास भी जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लैब की व्यवस्था इस प्रकार की जाए कि प्रशिक्षणार्थियों को वास्तविक कार्य परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास का अवसर मिल सके।
बैंक ऋण और उद्यम स्थापना में भी सहयोग
RSETI का उद्देश्य प्रशिक्षण देने के साथ-साथ युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देना भी है। प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को बिजनेस प्लान और प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की जानकारी दी जाती है।
इसके बाद पात्र अभ्यर्थियों को बैंकिंग प्रक्रिया और ऋण से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। संस्थान के आंकड़ों के अनुसार अब तक 3,059 प्रशिक्षणार्थी बैंक ऋण प्राप्त कर अपने उद्यम को आगे बढ़ा चुके हैं।
इससे युवाओं को केवल नौकरी खोजने के बजाय अपना छोटा व्यवसाय या उद्यम शुरू करने का विकल्प भी मिलता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी, पशुपालन, कृषि आधारित गतिविधियों, सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य घरेलू उद्योगों के माध्यम से स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
इच्छुक अभ्यर्थी ऐसे कर सकते हैं आवेदन
RSETI में प्रशिक्षण लेने के इच्छुक अभ्यर्थी ग्राम मरियानी, पोस्ट चौबेपुर स्थित संस्थान में जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा उपलब्ध QR कोड के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है।
प्रशिक्षण और आवेदन से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए संस्थान के दूरभाष नंबर 8887500801 और 9616079125 पर संपर्क किया जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) आदित्य चंद्रा और केंद्र के निदेशक रवि रंजन कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों की उपलब्धता हमेशा एक महत्वपूर्ण विषय रहा है। ऐसे में युवाओं को स्थानीय स्तर पर कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें नौकरी अथवा स्वरोजगार से जोड़ना आत्मनिर्भरता की दिशा में उपयोगी कदम माना जा सकता है।
चौबेपुर के ग्राम मरियानी स्थित RSETI में कृषि, पशुपालन, सेवा क्षेत्र, हस्तशिल्प और तकनीकी कार्यों से जुड़े 34 पाठ्यक्रम युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, कानपुर का RSETI युवाओं और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार की राह दिखा रहा है। अब तक 10,578 लोगों का प्रशिक्षण और 7,431 प्रशिक्षणार्थियों का रोजगार या स्वरोजगार से जुड़ना संस्थान की गतिविधियों के प्रभाव को दर्शाता है। वहीं ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण के लिए प्रस्तावित प्रैक्टिकल लैब से प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर करने की उम्मीद है।

