हैलेट कानपुर में IAP का 20वां पीजी क्विज आयोजित, कन्नौज मेडिकल कॉलेज की टीम रही विजेता

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रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा 

कानपुर: भारतीय बाल रोग अकादमी (IAP) की ओर से 20वें पीजी क्विज कार्यक्रम का आयोजन कानपुर के हैलेट स्थित बाल रोग विभाग के सभागार में किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल रोग विज्ञान से जुड़े चिकित्सकीय ज्ञान को रोचक और प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से परखना तथा रेजिडेंट डॉक्टरों के व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत करना रहा।

इस प्रतिष्ठित क्विज प्रतियोगिता में रामा मेडिकल कॉलेज, कन्नौज मेडिकल कॉलेज, जालौन मेडिकल कॉलेज और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर से रेजिडेंट डॉक्टरों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान लगभग 40 रेजिडेंट छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने विभिन्न चरणों में अपनी जानकारी और विषय की समझ का प्रदर्शन किया।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं विभागाध्यक्ष तथा सचिव डॉ. शैलेन्द्र गौतम और डॉ. ए.के. आर्या द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद अतिथियों ने प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में बाल रोग विज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों को शामिल किया गया। आयोजकों ने क्विज को केवल सामान्य प्रश्नोत्तर तक सीमित न रखते हुए इसमें कई अलग-अलग प्रारूप जोड़े, जिससे प्रतिभागियों की विषयगत समझ के साथ-साथ उनकी त्वरित निर्णय क्षमता भी परखी जा सके।

सात राउंड में हुई ज्ञानवर्धक प्रतियोगिता

पीजी क्विज में कुल सात राउंड आयोजित किए गए। इनमें नवजात शिशु देखभाल से संबंधित प्रश्नों के साथ सामान्य प्रश्नोत्तर, विजुअल राउंड और रैपिड फायर राउंड को भी शामिल किया गया।

नवजात शिशु देखभाल से जुड़े राउंड में प्रतिभागियों से नवजात स्वास्थ्य और देखभाल से संबंधित सवाल पूछे गए। वहीं सामान्य प्रश्नोत्तर राउंड में बाल रोग विज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों की जानकारी परखी गई।

इसके अलावा विजुअल राउंड में चित्रों और दृश्य सामग्री के आधार पर सवाल पूछे गए। रैपिड फायर राउंड में प्रतिभागियों को कम समय में प्रश्नों के उत्तर देने थे। इस प्रारूप ने प्रतियोगिता को और अधिक रोचक बनाया।

सातों राउंड के दौरान टीमों के बीच लगातार प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। प्रत्येक टीम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए अधिक से अधिक अंक हासिल करने का प्रयास किया।

डॉ. अली शान ने क्विज मास्टर की भूमिका निभाई

कार्यक्रम का संचालन क्विज मास्टर डॉ. अली शान ने किया। उन्होंने विभिन्न राउंड के प्रश्नों को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया और प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार आगे बढ़ाया।

वहीं डॉ. नेहा ने स्कोरर की भूमिका निभाई। उन्होंने सभी राउंड में टीमों के अंकों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखा। प्रतियोगिता के दौरान स्कोरिंग को पारदर्शी और व्यवस्थित रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

क्विज के विभिन्न चरणों के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह बना रहा। सही उत्तर मिलने पर टीमों का उत्साह बढ़ता रहा, जबकि कठिन सवालों ने प्रतियोगिता को और चुनौतीपूर्ण बनाया।

चार मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने लिया हिस्सा

प्रतियोगिता में चार मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टर शामिल हुए। रामा मेडिकल कॉलेज, कन्नौज मेडिकल कॉलेज, जालौन मेडिकल कॉलेज और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर की टीमों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

लगभग 40 रेजिडेंट छात्र-छात्राओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा। सभी प्रतिभागियों ने अलग-अलग राउंड में अपने ज्ञान और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया।

आयोजकों के अनुसार, इस तरह की प्रतियोगिताओं से पोस्टग्रेजुएट मेडिकल छात्रों को विषय से संबंधित जानकारी को दोहराने और उसे व्यावहारिक परिस्थितियों से जोड़कर समझने का अवसर मिलता है।

बाल रोग विज्ञान में रुचि बढ़ाने पर जोर

कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों ने कहा कि मेडिकल शिक्षा में क्विज जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होती हैं। विशेष रूप से बाल रोग विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में नियमित रूप से ज्ञान आधारित गतिविधियां आयोजित होने से रेजिडेंट डॉक्टरों को अपने विषय की जानकारी को बेहतर ढंग से समझने और अपडेट रखने में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि चिकित्सकीय शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके साथ ही व्यावहारिक समझ, त्वरित निर्णय क्षमता और विभिन्न परिस्थितियों में सही जानकारी का उपयोग करना भी जरूरी है।

इसी दृष्टि से पीजी क्विज को रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए उपयोगी मंच बताया गया।

कांटे की टक्कर के बाद तय हुए विजेता

प्रतियोगिता के दौरान सभी टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। अलग-अलग राउंड में टीमों के प्रदर्शन के आधार पर अंक जोड़े गए। अंतिम परिणाम अंकों के आधार पर निर्धारित किया गया।

प्रतियोगिता में कन्नौज मेडिकल कॉलेज की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। टीम में डॉ. श्रेयांश पांडेय और डॉ. स्वर्णिम जैन शामिल रहे।

वहीं जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर की टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। उपविजेता टीम में डॉ. विवेक साहू और डॉ. प्राची रावत शामिल रहे।

विजेता और उपविजेता टीमों के प्रदर्शन की कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों और प्रतिभागियों ने सराहना की।

विजेता और प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए

कार्यक्रम के समापन पर डॉ. ए.के. आर्या और डॉ. शैलेन्द्र गौतम ने सभी प्रतिभागी टीमों को प्रमाणपत्र प्रदान किए। इसके साथ ही प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए आयोजकों ने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल होना भी सीखने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। क्विज के माध्यम से रेजिडेंट डॉक्टरों को अपनी तैयारी का आकलन करने का अवसर मिला।

प्रमाणपत्र वितरण के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह दिखाई दिया। आयोजकों ने भविष्य में भी इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की बात कही।

डॉ. ए.के. आर्या ने विजेताओं को दी बधाई

डॉ. ए.के. आर्या ने प्रतियोगिता के विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं पोस्टग्रेजुएट डॉक्टरों के व्यवहारिक ज्ञान को परखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टरों के ज्ञान को लगातार अपडेट रखना जरूरी है, क्योंकि भविष्य में उन्हें बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी निभानी है। ऐसे में क्विज जैसी शैक्षणिक गतिविधियां उनके ज्ञान को मजबूत करने में उपयोगी साबित हो सकती हैं।

उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल विजेता चुनना नहीं, बल्कि सभी प्रतिभागियों को सीखने और अपनी क्षमता को परखने का अवसर देना भी है।

चिकित्सा शिक्षा के लिए उपयोगी पहल

बाल रोग विभाग के सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम मेडिकल शिक्षा और ज्ञानवर्धक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टरों के एक मंच पर आने से उन्हें अपने साथियों के साथ ज्ञान साझा करने और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में अपनी तैयारी को परखने का अवसर मिला।

साथ ही, सात अलग-अलग राउंड के माध्यम से प्रतियोगिता को विविध और रोचक बनाया गया। नवजात शिशु देखभाल से लेकर विजुअल और रैपिड फायर राउंड तक अलग-अलग प्रारूपों ने प्रतिभागियों की जानकारी के कई पहलुओं को परखा।

कुल मिलाकर, हैलेट कानपुर में आयोजित भारतीय बाल रोग अकादमी का 20वां पीजी क्विज ज्ञान, प्रतिस्पर्धा और चिकित्सा शिक्षा का प्रभावी मंच साबित हुआ। चार मेडिकल कॉलेजों के करीब 40 रेजिडेंट डॉक्टरों ने इसमें हिस्सा लिया। कन्नौज मेडिकल कॉलेज की टीम ने प्रथम और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर की टीम ने द्वितीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम के अंत में प्रमाणपत्र और पुरस्कार देकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया।

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