श्रावस्ती में उर्वरक दुकानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 2 लाइसेंस निलंबित, 13 नमूने जांच के लिए भेजे गए
रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्रावस्ती जिला प्रशासन ने उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने जनपद की 23 उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न दुकानों से 13 उर्वरक नमूने एकत्र कर गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। वहीं निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए, जबकि 11 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र में गुणवत्ता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम के निर्देश पर चला विशेष निरीक्षण अभियान
जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण और मानक के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग को विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित उर्वरक दुकानों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानों पर उपलब्ध उर्वरकों की गुणवत्ता, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री अभिलेख, लाइसेंस संबंधी दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक रिकॉर्ड का भी परीक्षण किया। साथ ही उर्वरकों के भंडारण और वितरण व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
23 दुकानों की जांच, 13 नमूने लैब भेजे गए
विशेष अभियान के अंतर्गत कुल 23 उर्वरक दुकानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न कंपनियों और प्रकार के उर्वरकों के 13 नमूने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार एकत्र किए। इन नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया है।
प्रयोगशाला में यह जांच की जाएगी कि संबंधित उर्वरक निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। यदि किसी नमूने में गुणवत्ता संबंधी कमी या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश और अन्य लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
दो विक्रेताओं के लाइसेंस किए गए निलंबित
निरीक्षण के दौरान दो उर्वरक विक्रेताओं के यहां गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उनके लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में नियमों के उल्लंघन के पर्याप्त आधार मिलने पर यह कार्रवाई की गई है।
लाइसेंस निलंबन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को किसी भी प्रकार का निम्न गुणवत्ता वाला अथवा नियमों के विपरीत उर्वरक उपलब्ध न कराया जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कृषि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
11 विक्रेताओं को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानों पर दस्तावेजी कमियां और अन्य प्रशासनिक अनियमितताएं भी सामने आईं। इसके चलते 11 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इन विक्रेताओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग लगातार कर रहा निगरानी
जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से कृषि विभाग नियमित रूप से उर्वरक दुकानों की जांच कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सहायक कृषि अधिकारी भी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इससे न केवल उर्वरकों की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा रही है, बल्कि कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली और अन्य अनियमितताओं पर भी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने पर जोर
खेती में उर्वरकों की गुणवत्ता का सीधा प्रभाव फसल उत्पादन पर पड़ता है। यदि किसानों को मानक से कम गुणवत्ता वाले उर्वरक मिलते हैं, तो उनकी उपज प्रभावित हो सकती है। इसी कारण प्रशासन गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चला रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण से किसानों का विश्वास मजबूत होता है तथा बाजार में पारदर्शिता बनी रहती है। इसके साथ ही ईमानदारी से कार्य करने वाले विक्रेताओं को भी लाभ मिलता है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रत्येक नमूने का परीक्षण परिणाम देखा जाएगा। यदि किसी नमूने में गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है, तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं जिन नमूनों की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई जाएगी, उनके संबंध में आवश्यक रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। इस प्रकार पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।
किसानों से भी की गई सहयोग की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही उर्वरक खरीदें तथा खरीद के समय बिल अवश्य प्राप्त करें। यदि किसी दुकान पर अधिक मूल्य वसूला जा रहा हो, संदिग्ध गुणवत्ता का उर्वरक बेचा जा रहा हो या अन्य कोई अनियमितता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें।
किसानों की सक्रिय भागीदारी से बाजार में गुणवत्ता बनाए रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने में प्रशासन को सहायता मिलेगी।
श्रावस्ती में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर चलाया गया उर्वरक निरीक्षण अभियान किसानों के हितों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 23 उर्वरक दुकानों की जांच, 13 नमूनों को प्रयोगशाला भेजने, दो लाइसेंस निलंबित करने और 11 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने जैसी कार्रवाइयों से स्पष्ट संदेश गया है कि कृषि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब सभी की नजर प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट पर रहेगी। यदि गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए निरीक्षण अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

