आजम खान को गृह मंत्री बनाने के बयान पर सीएम योगी का पलटवार, सपा पर साधा निशाना
Digital UP News Desk
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। समाजवादी पार्टी की ओर से वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को लेकर दिए गए हालिया बयानों के बाद सियासी बहस और तेज हो गई है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने किसी नेता का नाम लिए बिना आजम खान को लेकर सपा की ओर से सामने आए बयानों पर सवाल उठाए और कहा कि पार्टी ऐसे व्यक्ति की पैरवी कर रही है, जिसे वह सत्ता में आने पर गृह मंत्री बनाने की बात कह रही है।
दरअसल, पिछले दिनों सपा के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक शिवपाल यादव ने सीतापुर जेल में आजम खान से मुलाकात की थी। इसके बाद रामपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने की बात कही। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चा तेज हो गई। वहीं, सपा सांसद डिंपल यादव भी आजम खान के समर्थन में अपनी बात रखती नजर आईं। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में सीएम योगी का संबोधन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने मौन पदयात्रा में भाग लेने के साथ ही विभाजन की त्रासदी पर आधारित प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। कार्यक्रम के दौरान उन परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने देश के विभाजन के दौरान विस्थापन और उससे जुड़ी परिस्थितियों का सामना किया था।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन की त्रासदी केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं है, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण सबक है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को सही संदर्भ और तथ्यों के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि समाज इतिहास से सीख लेकर भविष्य की दिशा तय कर सके।
इसी दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कुछ लोग ऐसे व्यक्ति की पैरवी कर रहे हैं, जिनके नाम से जुड़े राजनीतिक और ऐतिहासिक विवादों को लेकर देश में लंबे समय से बहस होती रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को सत्ता में आने पर गृह मंत्री बनाने की बात कही जा रही है।
जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर सियासी हमला
रामपुर स्थित मौलाना अली जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के संबोधन में प्रमुखता से सामने आया। उन्होंने आजम खान का नाम लिए बिना कहा कि भारत के विभाजन से जुड़े एक विवादित ऐतिहासिक व्यक्तित्व के नाम पर विश्वविद्यालय बनाने वाले व्यक्ति की आज पैरवी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दावा किया कि जिस व्यक्ति के नाम को लेकर वह बात कर रहे हैं, उसके संबंध में इतिहास में मुस्लिम लीग और भारत के विभाजन से जुड़ी भूमिका का उल्लेख मिलता है। उन्होंने इसी संदर्भ में समाजवादी पार्टी पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ऐसे व्यक्ति के समर्थन में खड़ी दिखाई दे रही है।
हालांकि, मुख्यमंत्री के ये बयान राजनीतिक संदर्भ में दिए गए और उन्होंने किसी व्यक्ति का सीधे नाम नहीं लिया। उनका इशारा आजम खान और उनके समर्थन में सामने आए सपा नेताओं के बयानों की ओर माना गया।
शिवपाल यादव के बयान पर भी सीएम योगी का तंज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा नेता शिवपाल यादव के बयान पर भी बिना नाम लिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीतिक सोच रखने वाले लोगों को शायद यह पता है कि उनकी सरकार बनने वाली नहीं है, फिर भी इस तरह की घोषणाएं की जा रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति के दौरान प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे। मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरनगर और सहारनपुर की घटनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि पिछली सरकारों में दंगों से जुड़े लोगों के साथ किस प्रकार का व्यवहार किया गया, इसे भी याद रखना चाहिए।
योगी ने कहा कि इतिहास और अतीत की घटनाओं को केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसके बजाय उनसे समाज को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को यह समझाने की जरूरत है कि देश ने किन परिस्थितियों का सामना किया और किस प्रकार एकता तथा राष्ट्रीय भावना को मजबूत किया जा सकता है।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतिहास के कुछ प्रसंगों को भुलाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मोहम्मदाबाद के नवाब की संपत्ति से जुड़े पुराने मामले का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की तत्कालीन भूमिका पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के इतिहास को राजनीतिक सुविधा के आधार पर देखने के बजाय पूरे संदर्भ में समझने की आवश्यकता है। उनके मुताबिक, विभाजन की पीड़ा को याद करने का उद्देश्य किसी वर्ग या समुदाय के खिलाफ माहौल बनाना नहीं, बल्कि देश की एकता और अखंडता के महत्व को समझना होना चाहिए।
सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर भी चेताया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और उसके संभावित दुरुपयोग को लेकर भी लोगों को सचेत किया। उन्होंने कहा कि यदि देश का कोई विरोधी सोशल मीडिया या किसी अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल भारत में अव्यवस्था और अराजकता पैदा करने के लिए करता है, तो नागरिकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे ऐसी गतिविधियों के प्रति जागरूक रहें।
उन्होंने कहा कि आज भारत सुरक्षित है और तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को देश की विकास यात्रा में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता और उसके प्रभाव पर विचार करें।
उन्होंने कहा कि केवल सरकार के भरोसे देश की सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत नहीं किया जा सकता। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपने दायित्वों के प्रति जागरूक होना होगा। उन्होंने एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना के साथ देश को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
2027 चुनाव से पहले बढ़ रही सियासी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 अभी दूर है, लेकिन राजनीतिक दलों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में आजम खान को लेकर सपा नेताओं के बयान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया ने प्रदेश की राजनीति में एक नया मुद्दा जोड़ दिया है।
एक ओर समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के राजनीतिक महत्व और उनके योगदान को रेखांकित कर रहे हैं। वहीं, भाजपा की ओर से उनके राजनीतिक अतीत और उनसे जुड़े विवादों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसलिए आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की सियासत में और चर्चा का विषय बन सकता है।
फिलहाल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद यह साफ है कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो रहा है। इसके साथ ही आजम खान को लेकर सपा की रणनीति और भाजपा के जवाब पर भी राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।

