झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र का झांसा देकर महिलाओं को बेहोश कर चोरी करने वाला गिरोह पकड़ा, तीन गिरफ्तार

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रिपोर्ट- पित्तेश्वर कुमार

आजमगढ़: कोतवाली पुलिस ने झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और काले साये का डर दिखाकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य कथित तौर पर महिलाओं और उनके परिजनों का विश्वास जीतने के बाद उन्हें बेहोश कर घर में रखे जेवरात और नकदी चोरी कर लेते थे। मामले में पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो आरोपी झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को भ्रमित करने का काम करते थे, जबकि तीसरा आरोपी चोरी किए गए जेवरात को कम कीमत पर खरीदकर उन्हें गलाने का काम करता था।

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और आरोपियों द्वारा पूर्व में की गई संभावित घटनाओं के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर गिरोह के काम करने के तरीके और नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।

शिकायतों के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस के मुताबिक, जलंधरी निवासी गुड़िया ने कोतवाली पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि करीब चार माह पहले मोहम्मद आजम और अब्दुल राजिक नाम के दो व्यक्ति चंदा मांगने के बहाने उसके घर पहुंचे थे। दोनों ने परिवार को उसकी बेटी रोजी की समस्या को झाड़-फूंक के जरिए ठीक करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्होंने तंत्र-मंत्र और ताबीज का सहारा लेकर परिवार के सदस्यों का विश्वास हासिल किया।

शिकायत के अनुसार, अगले दिन दोनों आरोपी दोबारा घर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने झाड़-फूंक की प्रक्रिया के नाम पर परिवार के सदस्यों को कुछ पदार्थ का सेवन कराया और कुछ सुंघाया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद गुड़िया, उसकी बेटी और उसकी बहन बेहोश हो गईं। इसी दौरान आरोपियों ने घर की अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी कर ली।

घटना के बाद पीड़ित परिवार को जब सामान गायब होने की जानकारी हुई तो मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

दूसरी घटना में भी अपनाया गया ऐसा ही तरीका

पुलिस जांच के दौरान इसी तरह की एक अन्य घटना सामने आई। बाज बहादुर निवासी रिजवान अहमद ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 25 मार्च 2026 को दो व्यक्ति उसके घर पहुंचे थे। दोनों ने चंदा मांगने के साथ-साथ झाड़-फूंक करने की बात कही।

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने रिजवान की पत्नी को काले साये और तंत्र-मंत्र का भय दिखाया। इसके बाद कथित तौर पर एक पदार्थ सुंघाकर उसे बेहोश कर दिया गया। महिला के बेहोश होने के बाद आरोपी घर में रखे जेवरात लेकर वहां से फरार हो गए।

दोनों मामलों में एक जैसा तरीका सामने आने के बाद पुलिस ने घटनाओं को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद संदिग्धों की पहचान और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई गई।

कोट तिराहा से तीन आरोपी गिरफ्तार

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस टीम ने 13 अगस्त की रात करीब 11:28 बजे कोट तिराहा के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद आजम, उम्र 24 वर्ष, अब्दुल राजिक, उम्र 29 वर्ष और सूरज वर्मा, उम्र 38 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों से पूछताछ की और उनके कब्जे तथा उनकी निशानदेही पर कई सामान बरामद किए।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि मोहम्मद आजम और अब्दुल राजिक झाड़-फूंक तथा तंत्र-मंत्र के नाम पर महिलाओं और उनके परिवारों का विश्वास हासिल करते थे। इसके बाद वे बेहोशी की दवा या अन्य पदार्थ का इस्तेमाल कर महिलाओं को अचेत करने के बाद घर में रखे जेवरात और नकदी चोरी कर लेते थे।

वहीं, पुलिस के मुताबिक तीसरा आरोपी सूरज वर्मा चोरी किए गए जेवरात को कम कीमत पर खरीदता था। इसके बाद वह उन जेवरात को गलाकर आगे बेच देता था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि चोरी के सामान को कहां-कहां खपाया गया और इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

जेवरात के साथ तंत्र-मंत्र की सामग्री बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर दो मंगलसूत्र के लॉकेट, एक नाक की कील, 700 रुपये नकद और आठ सिक्के बरामद किए हैं। इसके अलावा पुलिस को एक मिट्टी का मटका, कांच की शीशी, करीब 150 से 200 ग्राम काली सरसों और झाड़-फूंक तथा कथित तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी मिली है।

बरामदगी के बाद पुलिस ने सभी सामान को जांच का हिस्सा बनाया है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद जेवरात किन घटनाओं से संबंधित हैं। इसके लिए संबंधित शिकायतों और आरोपियों के बयानों का मिलान किया जा रहा है।

महिलाओं को डर दिखाकर बनाते थे निशाना

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह महिलाओं को झाड़-फूंक, ताबीज, काले साये और तंत्र-मंत्र जैसी बातों के जरिए प्रभावित करता था। इसके बाद परिवार के सदस्यों का विश्वास हासिल करने के लिए बीमारी या पारिवारिक परेशानी को ठीक करने का दावा किया जाता था।

विश्वास बनने के बाद आरोपी दोबारा घर पहुंचते और कथित तौर पर झाड़-फूंक की प्रक्रिया के दौरान महिलाओं को बेहोश कर देते थे। इसके बाद घर में रखे कीमती सामान को लेकर फरार हो जाते थे। इस तरह की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के झाड़-फूंक या इलाज के दावे पर आंख बंद करके भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।

अन्य वारदातों की भी जांच जारी

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने आजमगढ़ के अलावा अन्य इलाकों में भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं। साथ ही चोरी के जेवरात खरीदने और गलाने वाले नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार यादव, उपनिरीक्षक महेन्द्र कुमार सिंह, कांस्टेबल पिन्टु यादव, रिजर्व कांस्टेबल अभिषेक जायसवाल और रिजर्व कांस्टेबल गिरिजाशंकर शामिल रहे।

फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को संबंधित धाराओं में गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और पुलिस गिरोह के संभावित अन्य सदस्यों तथा पूर्व की घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है।

लोगों के लिए जरूरी सावधानी

ऐसी घटनाओं से बचने के लिए लोगों को अनजान व्यक्तियों को घर में प्रवेश देने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर बीमारी, झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या किसी समस्या को तुरंत ठीक करने का दावा करने वाले लोगों के प्रति सतर्क रहना जरूरी है। किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगने पर स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी जा सकती है।

पुलिस की इस कार्रवाई से उम्मीद है कि झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र का सहारा लेकर लोगों को निशाना बनाने वाले इस गिरोह से जुड़ी अन्य जानकारियां भी सामने आएंगी।

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